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दो कांस्य स्वर्ण पदक की सीढ़ी, अगले ओलंपिक में तमगे का रंग करूंगी पीला : मनु

Tue, 27 Aug 2024 02:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Tue, 27 Aug 2024 02:38 AM IST
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The two bronze medals I got in Olympics are steps towards the next Olympic gold medal for me
दादरी में मनु भाकर के गले लगतीं पूर्व अंतरराष्ट्रीय पहलवान एवं भाजपा नेता बबीता फौगाट। 
चरखी दादरी। पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली शूटर मनु भाकर ने दादरी शहर में आयोजित सम्मान समारोह में पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि ओलंपिक में मिले दो कांस्य पदक मेरे लिए अगले ओलंपिक के स्वर्ण पदक की सीढ़ी हैं। अगले ओलंपिक में अपने पदक का रंग पीला कर अपना सपना जरूर पूरा करूंगी। मनु ने कहा कि ओलंपिक में स्वर्ण पदक न जीत पाने से हताश नहीं हूं। अब और अधिक मेहनत कर अपनी कमियों को दूर करूंगी।
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मनु भाकर ने कहा कि ओलंपिक में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना मेरा सपना है। पेरिस ओलंपिक में इस सपने को पूरा करने के लिए पहली सीढ़ी चढ़ी हूं। स्वर्ण पदक पाने के लिए अभी दो सीढ़ी का अंतर है। हरसंभव प्रयास कर इस अंतर को अगले ओलंपिक में खत्म करना मेरी प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने बताया कि कांस्य पदक जीतने से सपना टूटा नहीं है, बल्कि इससे मनोबल बढ़ा है।
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उन्हाेंने कहा कि पेरिस ओलंपिक में स्वर्ण पदक पाने के लिए मेहनत की। उस स्तर के लिए कोच के निर्देशानुसार अभ्यास किया। इस ओलंपिक में बेशक स्वर्ण पदक न जीत पाई, लेकिन उस स्तर की मेहनत करने की खुशी है। अपने सपने को पूरा करने वाले रास्ते का अनुभव पेरिस ओलंपिक से लिया है। दूसरी ओर मनु ने शादी के सवाल को लेकर पहले ही मना कर दिया।
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खिलाड़ियों के राजनीति में जाने पर उन्होंने कहा कि सबकी अपनी रुचि होती है। अगर कोई खिलाड़ी खेल के बाद राजनीति में जाता है, या कोच बनता है तो वह अपनी रुचि और मर्जी से यह फैसला लेता है। चाहे किसी भी क्षेत्र में जाएं, मेहनत हर क्षेत्र में करनी पड़ती है। मेहनत का फल भी मिलता है।



- विनेश फौगाट संघर्षशील पहलवान

विनेश के संन्यास लेने के सवाल पर उन्होंने कहा कि विनेश एक संघर्षशील पहलवान हैं। संन्यास लेना उनकी मर्जी है। इसे सही या गलत बताने का मुझे कोई हक नहीं है। उनके साथ गलत हुआ और अब यह उन पर निर्भर है कि वह इसे सकारात्मक रूप में लें या नकारात्मक में। मैं अपनी असफलता को हमेशा सकारात्मक लेती हूं। निराश होने के बजाय उससे प्रेरणा लेकर आगे ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए ज्यादा मेहनत करती हूं।



- हर क्षेत्र में भाग्य आजमाएं युवा

मनु ने कहा कि युवाओं को हर क्षेत्र में अपना भाग्य आजमाना चाहिए। उन्हें मेहनत कर आगे बढ़ना चाहिए। अपनी असफलताओं से निराश न हों और उनसे प्रेरणा लेकर आगे बढे़ें, तभी किसी क्षेत्र में सफलता मिल सकती है। मनु ने कहा कि परिजनों को भी अपने बच्चों को कई क्षेत्रों के विकल्प देकर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना चाहिए।



बेटी ने 12 घंटों तक अभ्यास कर पाया मुकाम : सुमेधा भाकर

मनु की मां सुमेधा भाकर ने कहा कि मनु के सम्मान समारोह से मुझे बहुत खुशी मिल रही है। मनु ने 12 घंटो तक मेहनत कर आज यह मुकाम हासिल किया है। पहले ओलंपिक में उसकी गन खराब होने कारण वह पदक से चूक गई, लेकिन उसका जख्म अब दो कांस्य पदक ने भर दिया है। वह अपनी मंजिल की ओर अग्रसर है।




- अगले ओलंपिक में स्वर्ण पदक लाने की रहेगी उम्मीद : रामकिशन भाकर

मनु के पिता रामकिशन भाकर ने कहा कि मनु के समारोह से देशवासियों को खुशी मिल रही है। मैं तो उसका पिता हूं। मुझे सबसे ज्यादा खुशी है। अब मनु से 2028 में होने वाले ओलंपिक में स्वर्ण पदक की उम्मीद रहेगी।
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