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रात को उद्योगों की बिजली बंद कर घर किए जा रहे रोशन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 02 May 2022 11:36 PM IST
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The houses are being illuminated by turning off the power of industries at night.
रेलवे रोड बिजली सब स्टेशन का पावर ग्रिड। - फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। बिजली किल्लत को दूर करने के लिए निगम ने योजना तैयार कर इसे धरातल पर अमलीजामा पहना दिया है। इसके तहत अब निगम रात के समय उद्योगों को बिजली आपूर्ति नहीं देगा। बिजली निगम अधिकारियों का कहना है कि यहां की गई कटौती का फायदा 80 फीडरों से जुड़े करीब 90 हजार उपभोक्ताओं को मिलेगा। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि पिछले 30 घंटे से पावर कटों में कटौती की गई है, जिससे बिजली आपूर्ति में सुधार हुआ है। गांवों को अब 15 घंटे तो शहर को 21 घंटे बिजली आपूर्ति दी जा रही है।
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सरकार की ओर से मिले आदेश पर औद्योगिक क्षेत्र के लिए रात के समय बिजली सप्लाई बंद कर दिए जाने पर घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली कटों से काफी हद तक छुटकारा मिलेगा। इससे पहले शहर व गांवों में छह घंटे तक के पावर कट लग रहे थे। ट्यूबवेल पावर कट भी चार घंटे की थी अब यह कट नहीं लग रहे हैं। गर्मी में पावर कटों से लोग परेशान थे। खासकर रात्रि के समय लगने वाले कटों से लोग चैन की नींद नहीं ले पा रहे थे। दिन में भी पावर कट परेशान कर रहे थे। पावर कटों से पेयजल आपूर्ति का शेड्यूल भी चरमरा गया था। अब पिछले 30 घंटों से लोगों को राहत मिली है।
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निगम अधिकारियों के अनुसार शहर में 24 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल है इसमें से छह घंटे पावर कट में बीत रहे थे। दिन व रात के समय अलग-अलग समय में कट रह थे अब इन कटों से छुटकारा मिला है। अब फॉल्ट आदि को छोड़कर शहर में 20 से 21 घंटे तक बिजली आपूर्ति होने लगी है। इससे कुशल कारीगरों, बढ़ई, इलेक्ट्रिशियन आदि को काफी राहत मिली है। इन लोगों का कामकाज प्रभावित होने से आजीविका का संकट बढ़ गया था।
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इसी प्रकार गांवों में 16 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल है। इसमें छह से सात घंटे पावर कट में बीत रहे थे। अब 15 घंटे तक बिजली मिलनी शुरू हो गई है। इससे अब पेयजल आपूर्ति पर भी अनुकूल असर पड़ने लगा है। रात के कटों में कमी की गई है। इसी प्रकार किसानों को ट्यूबवेल के लिए 8 घंटे बिजली आपूर्ति का प्रावधान है जिसमें से तीन से चार घंटे के कट लग जाते थे लेकिन अब इसमें भी सुधार आया है। अब सात से आठ घंटे बिजली मिलनी शुरू हो गई है। ट्यूबवेल के लिए थ्री फेस बिजली की जरूरत होती है जो अक्सर रात के समय ही दी जाती है। औद्योगिक क्षेत्र की रात के समय आपूर्ति बंद करने की वजह से घरेलू आपूर्ति में सुधार आया है लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं कहा जा सकता है। यह वैकल्पिक व्यवस्था ही की गई है।
कारखानों में बिजली कटौती से 30 प्रतिशत तक उत्पादन कम हुआ है। रात 10 से सुबह छह बजे तक कटौती की जा रही है। पहले रुटीन में बिजली मिलती थी, अब तो मुश्किल से 12 घंटे भी नहीं मिल पाती है। - कृष्ण मकड़ानिया, प्रधान ऑयल मिल यूनियन चरखी दादरी

औद्योगिक क्षेत्र में रात को समय पावर सप्लाई बंद करने की वजह से घरेलू आपूर्ति में सुधार आया है। अब तकरीबन निर्धारित शेड्यूल के अनुरूप ही बिजली मिलनी शुरू हो गई है। गांवों में भी आपूर्ति में सुधार आ गया है। - शंकर लाल पंवार, एसडीओ, बिजली निगम सब अर्बन
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