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Charkhi Dadri News: धुंध की चादर में लिपटा जिला, 10 मीटर पर सिमटी दृश्यता, किसानों के खिले चेहरे

Tue, 16 Dec 2025 01:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Tue, 16 Dec 2025 01:16 AM IST
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The district is shrouded in a blanket of fog, visibility reduced to 10 meters, and farmers' faces are glowing.
खेतों में उगी सरसों की फसल।  - फोटो : 1
चरखी दादरी। जिले में सर्दी के साथ धुंध का प्रकोप तेज हो गया है। रविवार को जहां जिले के आधे हिस्से में ही धुंध छाई थी, वहीं सोमवार सुबह धुंध ने पूरे जिले को अपनी चपेट में ले लिया। हालात ऐसे रहे कि कई इलाकों में दृश्यता घटकर महज 10 मीटर तक सिमट गई। घनी धुंध के कारण सुबह के समय सड़कों पर चलना जोखिम भरा हो गया और आम जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित नजर आया। उधर, खेतों में काम कर रहे किसानों के चेहरे पर मुस्कान आ गई है। फसलों के लिए यह धुंध संजीवनी से कम नहीं है।
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11 बजे के बाद हुए सूर्यदेव के दर्शन

सोमवार अलसुबह से ही जिलेभर में कोहरे की घनी चादर छाई रही। सुबह 11 बजे के बाद जाकर सूर्यदेव के दर्शन हुए, तब तक धुंध का असर बरकरार रहा। मौसम विभाग के अनुसार न्यूनतम और अधिकतम तापमान में करीब दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। अधिकतम पारा 24 डिग्री तो न्यूनतम पारा 8 डिग्री दर्ज किया गया।
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रेंगकर चलते नजर आए वाहन, बसें लेट पहुंची

धुंध का सबसे ज्यादा असर यातायात व्यवस्था पर देखने को मिला। मुख्य सड़क मार्गों पर वाहन रेंगते नजर आए। राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग और ग्रामीण सड़कों पर वाहन चालकों को बेहद सावधानी से सफर करना पड़ा। कई जगहों पर वाहन चालकों ने लाइटें जलाकर धीमी गति से वाहन चलाए। रोडवेज बसें भी अपने निर्धारित समय से 15 मिनट से लेकर आधा घंटा तक की देरी से गंतव्य पर पहुंचीं। निजी वाहनों के साथ-साथ स्कूल बसों और भारी वाहनों की रफ्तार भी थमी रही।
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जनजीवन हुआ प्रभावित

घनी धुंध के चलते सुबह के समय स्कूल जाने वाले बच्चों, दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और किसानों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई ग्रामीण इलाकों में लोग सड़कों पर खड़े होकर धुंध छंटने का इंतजार करते दिखे। दुपहिया वाहन चालकों के लिए स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण रही, क्योंकि सामने से आ रहे वाहनों की सही दूरी का अंदाजा लगाना मुश्किल हो रहा था।



किसानों के खिले चेहरे

जहां एक ओर धुंध ने आम जनजीवन को प्रभावित किया, वहीं किसानों के लिए यह राहत लेकर आई है। बरसती धुंध से सरसों और गेहूं की फसलों को खासा फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। कृषि विशेषज्ञ डॉ. चंद्रभान श्योराण ने बताया कि इस समय पड़ने वाली हल्की नमी और ठंड रबी फसलों के लिए लाभकारी होती है। इससे फसलों की बढ़त अच्छी होती है और सिंचाई की जरूरत भी कुछ हद तक कम हो जाती है। खासतौर पर सरसों की फसल में दाने भरने की प्रक्रिया को धुंध से मदद मिलती है।



स्वास्थ्य पर पड़ रहा असर

स्वास्थ्य के लिहाज से भी बढ़ती ठंड और धुंध चिंता का विषय बन रही है। चिकित्सकों के अनुसार इस मौसम में सर्दी, खांसी, जुकाम और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। सुबह के समय धुंध अधिक होने पर अनावश्यक बाहर निकलने से बचने और गर्म कपड़ों का उपयोग करने की अपील की गई है।




वर्सन :

18 दिसंबर से एक और पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव की संभावना जताई गई है। 18 से 20 दिसंबर के दौरान बीच-बीच में आंशिक बादल छाए रह सकते हैं, जिससे दिन के तापमान में हल्की गिरावट और रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है। इस अवधि में वातावरण में नमी बढ़ने के कारण कहीं-कहीं अलसुबह हल्की से मध्यम धुंध छाए रहने की संभावना भी बनी रहेगी। -- मदन खीचड़, मौसम विभाग अध्यक्ष, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय हिसार।
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