{"_id":"6898c876c190c48e0f0c9cf0","slug":"teachers-protest-in-panipat-on-7-september-charkhi-dadri-news-c-126-1-cdr1001-142430-2025-08-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षा मंत्री के गृह जिले में 7 सितंबर को कर्मचारी करेंगे प्रदर्शन: प्रभु सिंह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षा मंत्री के गृह जिले में 7 सितंबर को कर्मचारी करेंगे प्रदर्शन: प्रभु सिंह
Sun, 10 Aug 2025 09:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 10 Aug 2025 09:57 PM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। सार्वजनिक शिक्षा, स्कूल, रोजगार बचाओ कार्यक्रम को लेकर शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षक व गैर शिक्षक कर्मी एकजुट हो गए हैं। वे अपनी मांगों को लेकर सात सितंबर को शिक्षा मंत्री के गृह जिले पानीपत में प्रदर्शन करेंगे।
हरियाणा शिक्षा विभाग कर्मचारी तालमेल कमेटी संबद्ध सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा की ओर से प्रभु सिंह, रामपाल शर्मा, कपिल सिरोही, हितेंद्र सिहाग, दलेल राणा, मुकेश खरब ने रविवार को बताया कि विभाग व अफसरशाही शिक्षा विभाग में कार्यरत कर्मियों का लगातार शोषण कर रही है।
उन्होंने बताया कि गत 9 जून को एसीएस शिक्षा विभाग के साथ तालमेल कमेटी के कोर ग्रुप की वार्ता मीटिंग हुई थी, जिसमें निदेशक व अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। मीटिंग में कुछ बिंदुओं पर सहमति तो कुछ पर सरकार को प्रस्ताव भेजने की सहमति बनी थी, लेकिन दो माह बीत जाने के बाद भी ढाक के तीन पात हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
चरखी दादरी। सार्वजनिक शिक्षा, स्कूल, रोजगार बचाओ कार्यक्रम को लेकर शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षक व गैर शिक्षक कर्मी एकजुट हो गए हैं। वे अपनी मांगों को लेकर सात सितंबर को शिक्षा मंत्री के गृह जिले पानीपत में प्रदर्शन करेंगे।
हरियाणा शिक्षा विभाग कर्मचारी तालमेल कमेटी संबद्ध सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा की ओर से प्रभु सिंह, रामपाल शर्मा, कपिल सिरोही, हितेंद्र सिहाग, दलेल राणा, मुकेश खरब ने रविवार को बताया कि विभाग व अफसरशाही शिक्षा विभाग में कार्यरत कर्मियों का लगातार शोषण कर रही है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि गत 9 जून को एसीएस शिक्षा विभाग के साथ तालमेल कमेटी के कोर ग्रुप की वार्ता मीटिंग हुई थी, जिसमें निदेशक व अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। मीटिंग में कुछ बिंदुओं पर सहमति तो कुछ पर सरकार को प्रस्ताव भेजने की सहमति बनी थी, लेकिन दो माह बीत जाने के बाद भी ढाक के तीन पात हैं।
विज्ञापन