{"_id":"68d6f177743d3853e30f1846","slug":"sweepers-protested-charkhi-dadri-news-c-126-1-cdr1004-145204-2025-09-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Charkhi Dadri News: सफाईकर्मियों ने प्रदर्शन कर दी हड़ताल की चेतावनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Charkhi Dadri News: सफाईकर्मियों ने प्रदर्शन कर दी हड़ताल की चेतावनी
Sat, 27 Sep 2025 10:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 27 Sep 2025 10:21 PM IST
विज्ञापन
मांगों के समर्थन में कोर्ट परिसर में विरोध प्रदर्शन करते सफाई कर्मचारी संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों ने शुक्रवार को शहर में विरोध प्रदर्शन कर लंबित मांगों पर सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों ने सीटीएम प्रीति रावत को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नाम ज्ञापन सौंपा। साथ ही चेतावनी दी कि यदि मांगें शीघ्र पूरी नहीं की गईं, तो वे हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होंगे।
कर्मचारियों ने बताया कि तीन वर्ष पूर्व शहरी निकाय मंत्री द्वारा किए गए समझौतों को अब तक लागू नहीं किया गया है। हाल ही में मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को जल्द समाधान का आश्वासन भी दिया था, लेकिन, उस पर भी कोई अमल नहीं हुआ।
कर्मचारियों ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या के अनुपात में स्थायी कर्मचारियों की संख्या बेहद कम है। इससे कार्यभार असंतुलित हो गया है। सफाई अभियान के नाम पर कर्मचारियों से बिना पर्याप्त संसाधनों के काम लिया जा रहा है।
विज्ञापन
कर्मचारियों ने यह भी बताया कि सीवर में काम करने वाले कर्मचारियों के पास न तो पर्याप्त सुरक्षा उपकरण हैं और न ही जीवन रक्षक साधन, जिसके चलते कई बार जान का जोखिम तक उठाना पड़ता है। सीवरमैन की दम घुटने से मौत के कई मामले सामने आ चुके हैं। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे प्रधान सूरज सिंह के साथ सभी कर्मचारी इस प्रदर्शन में शामिल हुए।
विज्ञापन
चरखी दादरी। नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों ने शुक्रवार को शहर में विरोध प्रदर्शन कर लंबित मांगों पर सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों ने सीटीएम प्रीति रावत को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नाम ज्ञापन सौंपा। साथ ही चेतावनी दी कि यदि मांगें शीघ्र पूरी नहीं की गईं, तो वे हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होंगे।
कर्मचारियों ने बताया कि तीन वर्ष पूर्व शहरी निकाय मंत्री द्वारा किए गए समझौतों को अब तक लागू नहीं किया गया है। हाल ही में मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को जल्द समाधान का आश्वासन भी दिया था, लेकिन, उस पर भी कोई अमल नहीं हुआ।
विज्ञापन
कर्मचारियों ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या के अनुपात में स्थायी कर्मचारियों की संख्या बेहद कम है। इससे कार्यभार असंतुलित हो गया है। सफाई अभियान के नाम पर कर्मचारियों से बिना पर्याप्त संसाधनों के काम लिया जा रहा है।
विज्ञापन
कर्मचारियों ने यह भी बताया कि सीवर में काम करने वाले कर्मचारियों के पास न तो पर्याप्त सुरक्षा उपकरण हैं और न ही जीवन रक्षक साधन, जिसके चलते कई बार जान का जोखिम तक उठाना पड़ता है। सीवरमैन की दम घुटने से मौत के कई मामले सामने आ चुके हैं। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे प्रधान सूरज सिंह के साथ सभी कर्मचारी इस प्रदर्शन में शामिल हुए।