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Charkhi Dadri News: अवैध पेयजल कनेक्शनों की पहचान के लिए सर्वे शुरू
Sun, 11 Aug 2024 02:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 11 Aug 2024 02:07 AM IST
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शहर में छह हजार से ज्यादा अवैध कनेक्शन होने का अनुमान, सर्वे के बाद अवैध पेयजल कनेक्शन करने वालों को भेजे जाएंगे नोटिस
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। शहर में अवैध पेयजल कनेक्शनों की पहचान के लिए विभाग ने वार्ड स्तर पर सर्वे शुरू कर दिया है। सर्वे के बाद अवैध पेयजल कनेक्शन धारकों को नोटिस भेजा जाएगा। उसके बाद भी कनेक्शन वैध न करवाए जाने पर काट दिया जाएगा। अनुमान के मुताबिक, शहर में छह हजार से ज्यादा अवैध कनेक्शन हैं।
शहर में करीब 17 हजार वैध पेयजल कनेक्शन हैं। अधिकतर लोगों ने मेन लाइनों में अवैध कनेक्शन कर रखें हैं। इससे पेयजल का दबाव कम हो रहा है। अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच पाता है। इतना ही नहीं, मेन लाइन में कनेक्शन होने की वजह से लाइन भी जगह-जगह जर्जर हो रही है। लोग अपनी मर्जी से कनेक्शन कर लेते हैं।
विभाग की अनुमति से एक प्रक्रिया के तहत कनेक्शन नहीं लिया जा रहा है। इससे विभाग को पता भी नहीं चल पा रहा है। एक मकान में दो-दो कनेक्शन तक कर रखे हैं। कनेक्शन करते समय सड़क को भी उखाड़ दिया जाता है। इससे सड़कों में गड्ढे बन जाते हैं।
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विभाग की ओर से समय-समय पर इन अवैध कनेक्शन धारकों को नोटिस भी दिए जाते हैं। कई बार कनेक्शन काटते समय विभाग कर्मचारियों को लोगों का विरोध भी झेलना पड़ता है। उधर, वैध पेयजल कनेक्शन धारकों में से 40 प्रतिशत बिल भी जमा नहीं करवा रहे हैं। इससे विभाग को राजस्व में भी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
विभाग यह भी योजना बना रहा है कि गलियों में भी अवैध पेयजल कनेक्शन रोके जाएं। इसके लिए भी खाका तैयार किया जा रहा है। विभाग अब इसके लिए सतर्क बना हुआ है।
- सर्वे में जुटाई जा रही ये जानकारी
विभाग ने शहर में अवैध कनेक्शनों की पहचान करने के लिए सर्वे शुरू कर दिया है। इसके तहत मकान मालिक का मोबाइल नंबर, फैमिली आईडी नंबर दर्ज किया जा रहा है। जिन लोगों का कनेक्शन वैध है, उनकी उपभोक्ता आईडी दर्ज की जा रही है।
वर्सन :
सर्वे कार्य शहर में वार्ड स्तर पर किया जा रहा है। सर्वे पूरा होने के बाद अवैध पेयजल कनेक्शनधारकों को नोटिस जारी कर कनेक्शन काटे जाएंगे।
-धीरेंद्र सांगवान, कनिष्ठ अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग
फोटो- 09
चंपापुरी स्थित जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। शहर में अवैध पेयजल कनेक्शनों की पहचान के लिए विभाग ने वार्ड स्तर पर सर्वे शुरू कर दिया है। सर्वे के बाद अवैध पेयजल कनेक्शन धारकों को नोटिस भेजा जाएगा। उसके बाद भी कनेक्शन वैध न करवाए जाने पर काट दिया जाएगा। अनुमान के मुताबिक, शहर में छह हजार से ज्यादा अवैध कनेक्शन हैं।
शहर में करीब 17 हजार वैध पेयजल कनेक्शन हैं। अधिकतर लोगों ने मेन लाइनों में अवैध कनेक्शन कर रखें हैं। इससे पेयजल का दबाव कम हो रहा है। अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच पाता है। इतना ही नहीं, मेन लाइन में कनेक्शन होने की वजह से लाइन भी जगह-जगह जर्जर हो रही है। लोग अपनी मर्जी से कनेक्शन कर लेते हैं।
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विभाग की अनुमति से एक प्रक्रिया के तहत कनेक्शन नहीं लिया जा रहा है। इससे विभाग को पता भी नहीं चल पा रहा है। एक मकान में दो-दो कनेक्शन तक कर रखे हैं। कनेक्शन करते समय सड़क को भी उखाड़ दिया जाता है। इससे सड़कों में गड्ढे बन जाते हैं।
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विभाग की ओर से समय-समय पर इन अवैध कनेक्शन धारकों को नोटिस भी दिए जाते हैं। कई बार कनेक्शन काटते समय विभाग कर्मचारियों को लोगों का विरोध भी झेलना पड़ता है। उधर, वैध पेयजल कनेक्शन धारकों में से 40 प्रतिशत बिल भी जमा नहीं करवा रहे हैं। इससे विभाग को राजस्व में भी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
विभाग यह भी योजना बना रहा है कि गलियों में भी अवैध पेयजल कनेक्शन रोके जाएं। इसके लिए भी खाका तैयार किया जा रहा है। विभाग अब इसके लिए सतर्क बना हुआ है।
- सर्वे में जुटाई जा रही ये जानकारी
विभाग ने शहर में अवैध कनेक्शनों की पहचान करने के लिए सर्वे शुरू कर दिया है। इसके तहत मकान मालिक का मोबाइल नंबर, फैमिली आईडी नंबर दर्ज किया जा रहा है। जिन लोगों का कनेक्शन वैध है, उनकी उपभोक्ता आईडी दर्ज की जा रही है।
वर्सन :
सर्वे कार्य शहर में वार्ड स्तर पर किया जा रहा है। सर्वे पूरा होने के बाद अवैध पेयजल कनेक्शनधारकों को नोटिस जारी कर कनेक्शन काटे जाएंगे।
-धीरेंद्र सांगवान, कनिष्ठ अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग
फोटो- 09
चंपापुरी स्थित जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय। संवाद