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Charkhi Dadri News: छात्राओं को वास्तुकला के नवीनतम आयामों से करवाया अवगत
Sat, 05 Apr 2025 12:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 05 Apr 2025 12:51 AM IST
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सिरसा। भारतीय अग्नि एवं सुरक्षा संघ के प्रधान डॉ. नागेंद्र नारायण ने राजकीय महिला बहुतकनीकी संस्थान के वास्तुकला विभाग में सेमिनार के दौरान छात्राओं को वास्तुकला के नवीनतम आयामों से अवगत करवाया। इस सेमिनार के पहले सत्र में उन्होंने देश में सतत विकास के लिए जरूरी हरित वास्तुकला से लेकर स्मार्ट बिल्डिंग के बारे में विस्तार से बताया।
साथ ही उन्होंने युवा छात्राओं को अपने हुनर और कला कौशल के जरिये देश के विकास में बहुमूल्य योगदान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने छात्राओं को वास्तुकला में उच्चतर शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरियों के साथ-साथ एक अच्छा उद्यमी या फ्रीलांसर बनने के लिए पथ प्रदर्शन किया। वहीं, सेमिनार के दूसरे सत्र में उन्होंने भारत में भवनों की आपदाओं और आग से सुरक्षा पर जोर दिया।
भारत के नेशनल बिल्डिंग कोड 2016 से संदर्भ लेते हुए उन्होंने फायर सेफ्टी के लिए जरूरी नियमों और तकनीकों के बारे में भी विस्तार से बताया। नव भारत के निर्माण के लिए अग्रसर छात्राओं में जोश भरने के लिए उन्होंने स्वयं रचित एक कविता भी सुनाई। सत्र के अंत में संस्थान की प्राचार्या मंजू गेरा व विभागाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने उन्हें सम्मानित करते हुए उनकी विषय पर अच्छी जानकारी और प्रदर्शन शैली की सराहना की।
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साथ ही उन्होंने युवा छात्राओं को अपने हुनर और कला कौशल के जरिये देश के विकास में बहुमूल्य योगदान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने छात्राओं को वास्तुकला में उच्चतर शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरियों के साथ-साथ एक अच्छा उद्यमी या फ्रीलांसर बनने के लिए पथ प्रदर्शन किया। वहीं, सेमिनार के दूसरे सत्र में उन्होंने भारत में भवनों की आपदाओं और आग से सुरक्षा पर जोर दिया।
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भारत के नेशनल बिल्डिंग कोड 2016 से संदर्भ लेते हुए उन्होंने फायर सेफ्टी के लिए जरूरी नियमों और तकनीकों के बारे में भी विस्तार से बताया। नव भारत के निर्माण के लिए अग्रसर छात्राओं में जोश भरने के लिए उन्होंने स्वयं रचित एक कविता भी सुनाई। सत्र के अंत में संस्थान की प्राचार्या मंजू गेरा व विभागाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने उन्हें सम्मानित करते हुए उनकी विषय पर अच्छी जानकारी और प्रदर्शन शैली की सराहना की।
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