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Charkhi Dadri News: राजकीय स्कूलों के विद्यार्थियों को मिली वाईफाई सुविधा
Fri, 19 Jul 2024 06:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 19 Jul 2024 06:01 AM IST
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चरखी दादरी के राजकीय स्कूल में डिजिटल बोर्ड पर पढ़ाई करते विद्यार्थी।
चरखी दादरी। जिले के राजकीय स्कूलों में वाईफाई सुविधा से अब विद्यार्थी अपना टैबलेट चला सकेंगे। इससे अब ई-अधिगम आसान होगा। सरकार वाईफाई सुविधा के लिए नवंबर 2022 में प्रति स्कूल 31,400 रुपये का बजट जारी कर चुकी है और इस राशि से ही स्कूलों में वाईफाई सुविधा सुनिश्चित की गई है, ताकि विद्यार्थी आसानी से पढ़ाई कर सकें।
बता दें कि पिछले दिनों जमा किए गए टैबलेट अब दोबारा विद्यार्थियों को वितरित कर दिए गए हैं, ताकि पढ़ाई का काम बाधित न होने पाए। इनके अलावा अब विद्यार्थियों को वाईफाई सुविधा मिलने से शिक्षण में काफी आसानी हो रही है। वहीं, नेटवर्क की भी दिक्कत खत्म हो गई है। आजकल विभाग ई-अधिगम पर ज्यादा बल दे रहा है। शिक्षकों को भी ई-अधिगम के लिए प्रशिक्षण दिया गया है।
दरअसल, आजकल सारा कार्यालयी कामकाज ऑनलाइन है। स्कूल मुखिया को डाटा व हैड ऑफिस के पत्रों के जवाब भेजने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता रहा है। कई बार तो मुखिया खुद जेब से पैसा खर्च कर यह काम निपटाते रहे हैं। स्कूलों में बिजली की समस्या बड़ा विषय रही है। एजुसेट सिस्टम पर सरकार ने करोड़ों का बजट खर्च कर रखा है, जो अब नाकारा पड़े हैं। इस समय हाई व सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में वाईफाई की सुविधा मुहैया है। स्कूलों में डिजिटल बोर्ड भी लगाए जा चुके हैं, जिनसे पढ़ाई करवाई जाती है।
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राजकीय स्कूलों में वाइफाई की सुविधा से अब विद्यार्थियों को फायदा मिल रहा है। इससे ई-अधिगम को बढ़ावा मिल रहा है। शिक्षण में ई-अधिगम बेहद कारगर है। सीनियर व सेकेंडरी स्कूलों में वाइफाई की सुविधा बेहतर है। अब विद्यार्थियों व शिक्षकों को शिक्षण-अधिगम में कठिनाई नहीं होगी। - राजबाला मलिक, बीईओ, शिक्षा विभाग, चरखी दादरी।
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बता दें कि पिछले दिनों जमा किए गए टैबलेट अब दोबारा विद्यार्थियों को वितरित कर दिए गए हैं, ताकि पढ़ाई का काम बाधित न होने पाए। इनके अलावा अब विद्यार्थियों को वाईफाई सुविधा मिलने से शिक्षण में काफी आसानी हो रही है। वहीं, नेटवर्क की भी दिक्कत खत्म हो गई है। आजकल विभाग ई-अधिगम पर ज्यादा बल दे रहा है। शिक्षकों को भी ई-अधिगम के लिए प्रशिक्षण दिया गया है।
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दरअसल, आजकल सारा कार्यालयी कामकाज ऑनलाइन है। स्कूल मुखिया को डाटा व हैड ऑफिस के पत्रों के जवाब भेजने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता रहा है। कई बार तो मुखिया खुद जेब से पैसा खर्च कर यह काम निपटाते रहे हैं। स्कूलों में बिजली की समस्या बड़ा विषय रही है। एजुसेट सिस्टम पर सरकार ने करोड़ों का बजट खर्च कर रखा है, जो अब नाकारा पड़े हैं। इस समय हाई व सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में वाईफाई की सुविधा मुहैया है। स्कूलों में डिजिटल बोर्ड भी लगाए जा चुके हैं, जिनसे पढ़ाई करवाई जाती है।
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राजकीय स्कूलों में वाइफाई की सुविधा से अब विद्यार्थियों को फायदा मिल रहा है। इससे ई-अधिगम को बढ़ावा मिल रहा है। शिक्षण में ई-अधिगम बेहद कारगर है। सीनियर व सेकेंडरी स्कूलों में वाइफाई की सुविधा बेहतर है। अब विद्यार्थियों व शिक्षकों को शिक्षण-अधिगम में कठिनाई नहीं होगी। - राजबाला मलिक, बीईओ, शिक्षा विभाग, चरखी दादरी।