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राज्य बजट: मनोहर सरकार के पिटारे से जिले को मिलीं चार बड़ी सौगातें

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 08 Mar 2022 11:14 PM IST
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State budget: Four big gifts to the district from Manohar Sarkar's box
मंगल मार्केट में व्यापारी राज्य सरकार का बजट देखते हुए। - फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मंगलवार को विधानसभा में राज्य बजट पेश किया। बजट में दादरी जिले को चार सौगातें मिली हैं। इनमें सबसे बड़ी घोषणा जिले में मेडिकल और नर्सिंग कॉलेज खोलना है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि तीन माह के अंदर मेडिकल कॉलेज की जमीन चयन की प्रक्रिया पूरी कर दी जाए। वहीं, मुख्यमंत्री ने दादरी में ईएसआई अस्पताल खोलने के अलावा जिले की नहरों पर बने सभी पंप हाउस की लिफ्टिंग क्षमता बढ़ाने की भी घोषणा की है। मेडिकल कॉलेज खोलने की मांग जिले में पिछले लंबे समय से उठ रही थी। युवाओं, किसानों, व्यापारियों, महिलाओं व वकीलों ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बजट में महंगाई से राहत दिलाने का कोई प्रावधान नहीं किया गया है। युवाओं ने कहा कि प्रदेश सरकार का बजट रोजगापरक नहीं है। व्यापारियों का कहना है कि बजट में करों से कोई राहत नहीं मिली है। वकीलों का कहना है कि बजट में वकीलों के लिए बीमा सुविधा व टोल टैक्स में छूट का भी प्रावधान नहीं किया गया है। ऐसे में बजट को आमजन के लिए राहत देने वाला नहीं कहा जा सकता है। हालांकि विभिन्न वर्गों के लोगों ने दादरी जिले के लिए की गई घोषणाओं को सराहनीय बताया है। राज्य सरकार के बजट को लेकर लोगों द्वारा दी गई प्रतिक्रिया पर पेश है एक रिपोर्ट...
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युवा बोले : सरकारी क्षेत्र की नौकरियों का बजट में नहीं किया गया जिक्र
प्रदेश सरकार का बजट रोजगापरक नहीं कहा जा सकता है। बजट में सरकारी क्षेत्र में नौकरियों का प्रावधान करने का जिक्र नहीं है। बेरोजगारी का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। सरकार को रिक्त सभी सरकारी पदों को भरना चाहिए, ताकि युवा को रोजगार मिल सके।
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- अनुज कुमार, युवा।
बजट रोजगार विहिन है। बजट में युवा वर्ग के लिए स्पेशल कोई प्रावधान नहीं किया गया है। युवा वर्ग को आज रोजगार की जरूरत है। रोजगार मिलने पर ही प्रदेश व देश प्रगति कर सकेगा। बेरोजगारी से युवा वर्ग निराश है। देश में 40 प्रतिशत युवा है और बेरोजगार दर ज्यादा है।
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- विकास दलाल, युवा।
रिटायर्ड कर्मचारी बोले : पुरानी पेंशन स्कीम नहीं की बहाल
बजट में पुरानी पेंशन स्कीम बहाली का जिक्र तक नहीं किया गया है। राजस्थान सरकार ने भी बजट में पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने का प्रावधान किया है। प्रदेश सरकार का बजट सेवानिवृत्त कर्मचारियों के हित में नहीं जा सकता। सरकार को पुरानी पेंशन स्कीम लागू करनी चाहिए।
- सतीश कुमार, सेवानिवृत्त कर्मचारी।
कर्मचारी पुरानी पेंशन स्कीम की मांग करते आ रहे हैं। बुढ़ापा में पेंशन ही सहारा बनती है। रिटायर्ड कर्मचारियों की आयु के अनुरूप पेंशन में बढ़ोतरी की भी व्यवस्था पर विशेष ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बजट कर्मचारी हित में नहीं है। रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए बजट में खास नहीं है।
- सांवरमल, सेवानिवृत्त कर्मचारी।
व्यापारी बोले : कर में नहीं मिली राहत
राज्य सरकार के बजट में व्यापारियों एवं दुकानदारों के लिए कोई राहत नहीं दी गई है। करों में कोई राहत एवं छूट नहीं दी गई है। कारोबार वैसे ही मंदा चल रहा है। सरकार का बजट व्यापारियों के हित में नहीं है। राज्य बजट से व्यापारी वर्ग को काफी उम्मीदें थीं।
- कृष्ण कुमार, व्यापारी।
केंद्र के बाद अब प्रदेश सरकार के बजट में भी व्यापारियों को निराशा ही मिली है। व्यापारियों पर करों का बोझ पहले से ही अधिक बना हुआ है। व्यापार आज घाटे का सौदा बनता जा रहा है। जीएसटी का सरलीकरण आज तक नहीं हुआ है। बजट दुकानदार व व्यापारी के हित में नहीं है।
- अरविंद, कपड़ा व्यापारी
महिलाएं बोलीं : महंगाई पर अंकुश लगाने का नहीं किया प्रावधान
सरकार के महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास तो सही हैं। स्वयं सहायता समूह बनाकर महिलाओं को स्वावलंबी बनाना ठीक है। इसके लिए ऋण की सुविधा भी है। इसके साथ-साथ युवाओं को रोजगार देने पर भी ध्यान देना चाहिए। महंगाई पर अंकुश लगाना जरूरी है।
- पूनम, महिला।
सरकार को महंगाई पर रोक लगानी चाहिए। महंगाई पर रोक लगे, बजट में ऐसा कोई प्रावधान नहीं किया गया है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की बात तो पचती है, लेकिन सरकारी क्षेत्र में रोजगार सृजित करने की भी जरूरत है। महंगाई को कम करने के लिए भी सरकार के पास योजना नहीं है।
- दर्शना, महिला।
किसान बोले : बजट में नहीं हमारे लिए कुछ नया
बजट में किसान के लिए नया कुछ नहीं है। किसान हितैषी नीतियां तो बनाई जाती हैं, लेकिन इनका किसान को फायदा नहीं मिल पाता है। किसान को ऋण सुविधा भी मिलती है। लेकिन फसलों में प्राकृतिक आपदा से नुकसान का बजट में विशेष प्रावधान करना चाहिए था। किसान की आर्थिक स्थिति आज बेहद खराब है।
- बाघ सिंह, किसान।
किसान की आय दोगुना करने पर सरकार को कदम उठाने चाहिएं। बजट में ऐसा भी कोई प्रावधान नहीं किया गया है, जिसमें किसान को खाद, बीज व दवाइयां सस्ते दामों व समय पर मिल सके। किसान के लिए बनी नीतियों को सही ढंग से लागू करने की जरूरत है। दादरी में मेडिकल कॉलेज निर्माण करवाने की घोषणा सही है।
- राजकुमार, किसान।
अधिवक्ता बोले : वकीलों की मांगें बजट में हुई नजरअंदाज
जिला में मेडिकल कॉलेज निर्माण का बजट में प्रावधान करना सही है। बजट में वकीलों के लिए न तो टोल टैक्स में राहत दी गई है और न ही बीमा आदि की सुविधा का प्रावधान किया गया है। वकीलों के लिए विशेष आर्थिक पैकेज की भी व्यवस्था बजट में नहीं की गई है।

- नरेश कुमारी, पूर्व उपप्रधान, जिला बार एसोसिएशन।
वकीलों को हेल्थ इंश्योरेंस की जरूरत है, जिसका बजट में कोई जिक्र तक नहीं है। टोल टैक्स भी राहत नहीं दी गई है। कोरोनाकाल में जान गंवाने वाले वकीलों के परिजनों के लिए भी बजट में आर्थिक पैकेज का प्रावधान नहीं किया गया है। जिला में मेडिकल व नर्सिंग कॉलेज खोलना सही है।
- सचिन कुमार, एडवोकेट।
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