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Charkhi Dadri News: पिता के सामने बेटे को मारी तीन गोलियां, मौत
Tue, 26 Dec 2023 11:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 26 Dec 2023 11:56 PM IST
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मृतक बिजेंद्र।
चरखी दादरी/महेंद्रगढ़/सतनाली। चरखी दादरी जिले के गांव कादमा निवासी एक युवक को सोमवार रात आठ बजे महेंद्रगढ़ क्षेत्र के गांव नांवां के पावर हाउस के पास तीन गोलियां मार दीं। युवक की चरखी दादरी के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। वहीं, हमलावरों ने मृतक के पिता पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया, लेकिन वो बच गये। सतनाली पुलिस ने मृतक के पिता के बयान पर महेंद्रगढ़ के बारड़ा निवासी नरेंद्र और उसके तीन-चार साथियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस को दिए बयान में कादमा निवासी चंद्र सिंह ने बताया कि सोमवार शाम करीब छह बजे वो अपने छोटे बेटे बिजेंद्र के साथ कार में सवार होकर महेंद्रगढ़ के डिगरोता गांव में अपनी बेटी मंजू को खाद के बैग देने गया था। वहां चाय-पानी पीने के बाद वो दोनों वापस घर आने के लिए चल पड़े। गांव नांवां से गोपालवास जिला चरखी दादरी जाने वाले मार्ग पर पहुंचे। चंद्र सिंह ने बताया कि रात करीब आठ बजे जब वो नावां के समीप पहुंचे तो उसने पेशाब करने के लिए कार रुकवा ली। चंद्र सिंह ने बताया कि वो पेशाब करने उतर गया जबकि बिजेंद्र कार में ही बैठा रहा। उसी दौरान पीछे से एक गाड़ी आकर रुकी जिसमें बारड़ा निवासी नरेंद्र अपने तीन अन्य साथियों के सवार था। नरेंद्र और उसके साथी गाड़ी से उतरकर बिजेंद्र के पास पहुंचे। उन्होंने बिजेंद्र को घेर लिया और कार से उतरकर भागने का प्रयास भी विफल कर दिया।
चंद्र सिंह ने बताया कि नरेंद्र ने उनके बेटे बिजेंद्र को तीन गोलियां मारी। नरेंद्र ने पहले बिजेंद्र के हाथ पर एक गोली मारी और इसके बाद दूसरी गोली छाती में मार दी। इस दौरान वह जान बचाकर खेतों की तरफ भाग रहा था तो आरोपियों ने उस पर भी गाड़ी चढ़ाकर मारने का प्रयास किया। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।
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डायल 112 पर कॉल कर मांगी मदद
चंद्र सिंह ने बताया कि उसने अपने बेटे बिजेंद्र के मोबाइल से डायल 112 पर कॉल की और परिजनों को सूचित किया। कुछ देर बाद परिजन और पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। इसके बाद गोली लगने से घायल बिजेंद्र को दादरी लाया गया और शहर के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। मंगलवार दोपहर उपचार के दौरान बिजेंद्र की मौत हो गई।
पहले थे दोस्त, फिर बने दुश्मन
मृतक के परिजनों और कादमा के मौजिज लोगों ने बताया कि हत्यारोपी नरेंद्र और बिजेंद्र पहले दोस्त थे। दो साल पहले बिजेंद्र ने नरेंद्र को गाड़ी बेची थी। बिजेंद्र के कई बार रुपये मांगने के बाद भी नरेंद्र ने रुपये नहीं दिए। पिछले करीब दो साल से नरेंद्र बिजेंद्र को अपना दुश्मन मानता था और सोमवार देर शाम मौका पाकर उसने बिजेंद्र को गोली मार दी।
तीन भाइयों में सबसे छोटा था बिजेंद्र
कादमा सरपंच और मौजिज लोगों ने बताया कि चंद्र सिंह के तीन बेटे थे। सबसे बड़ा भाई सोमबीर है जबकि सबसे छोटा बिजेंद्र था। बिजेंद्र खेती करता था और अविवाहित था। वहीं, मृतक के पिता चंद्र सिंह ने पुलिस से मामले की जांच कर इसमें संलिप्त सभी लोगों पर कार्रवाई करने की मांग की है।
इस संबंध में पुलिस ने मृतक के पिता के बयान पर नरेंद्र और उसके साथियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और जो तथ्य सामने आएंगे उसी आधार पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-मुकेश जाखड़, एसएचओ, सतनाली थाना (महेंद्रगढ़)
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पुलिस को दिए बयान में कादमा निवासी चंद्र सिंह ने बताया कि सोमवार शाम करीब छह बजे वो अपने छोटे बेटे बिजेंद्र के साथ कार में सवार होकर महेंद्रगढ़ के डिगरोता गांव में अपनी बेटी मंजू को खाद के बैग देने गया था। वहां चाय-पानी पीने के बाद वो दोनों वापस घर आने के लिए चल पड़े। गांव नांवां से गोपालवास जिला चरखी दादरी जाने वाले मार्ग पर पहुंचे। चंद्र सिंह ने बताया कि रात करीब आठ बजे जब वो नावां के समीप पहुंचे तो उसने पेशाब करने के लिए कार रुकवा ली। चंद्र सिंह ने बताया कि वो पेशाब करने उतर गया जबकि बिजेंद्र कार में ही बैठा रहा। उसी दौरान पीछे से एक गाड़ी आकर रुकी जिसमें बारड़ा निवासी नरेंद्र अपने तीन अन्य साथियों के सवार था। नरेंद्र और उसके साथी गाड़ी से उतरकर बिजेंद्र के पास पहुंचे। उन्होंने बिजेंद्र को घेर लिया और कार से उतरकर भागने का प्रयास भी विफल कर दिया।
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चंद्र सिंह ने बताया कि नरेंद्र ने उनके बेटे बिजेंद्र को तीन गोलियां मारी। नरेंद्र ने पहले बिजेंद्र के हाथ पर एक गोली मारी और इसके बाद दूसरी गोली छाती में मार दी। इस दौरान वह जान बचाकर खेतों की तरफ भाग रहा था तो आरोपियों ने उस पर भी गाड़ी चढ़ाकर मारने का प्रयास किया। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।
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डायल 112 पर कॉल कर मांगी मदद
चंद्र सिंह ने बताया कि उसने अपने बेटे बिजेंद्र के मोबाइल से डायल 112 पर कॉल की और परिजनों को सूचित किया। कुछ देर बाद परिजन और पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। इसके बाद गोली लगने से घायल बिजेंद्र को दादरी लाया गया और शहर के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। मंगलवार दोपहर उपचार के दौरान बिजेंद्र की मौत हो गई।
पहले थे दोस्त, फिर बने दुश्मन
मृतक के परिजनों और कादमा के मौजिज लोगों ने बताया कि हत्यारोपी नरेंद्र और बिजेंद्र पहले दोस्त थे। दो साल पहले बिजेंद्र ने नरेंद्र को गाड़ी बेची थी। बिजेंद्र के कई बार रुपये मांगने के बाद भी नरेंद्र ने रुपये नहीं दिए। पिछले करीब दो साल से नरेंद्र बिजेंद्र को अपना दुश्मन मानता था और सोमवार देर शाम मौका पाकर उसने बिजेंद्र को गोली मार दी।
तीन भाइयों में सबसे छोटा था बिजेंद्र
कादमा सरपंच और मौजिज लोगों ने बताया कि चंद्र सिंह के तीन बेटे थे। सबसे बड़ा भाई सोमबीर है जबकि सबसे छोटा बिजेंद्र था। बिजेंद्र खेती करता था और अविवाहित था। वहीं, मृतक के पिता चंद्र सिंह ने पुलिस से मामले की जांच कर इसमें संलिप्त सभी लोगों पर कार्रवाई करने की मांग की है।
इस संबंध में पुलिस ने मृतक के पिता के बयान पर नरेंद्र और उसके साथियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और जो तथ्य सामने आएंगे उसी आधार पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-मुकेश जाखड़, एसएचओ, सतनाली थाना (महेंद्रगढ़)