{"_id":"6609cdc882967bfbd20d3a69","slug":"society-purchased-890-quintals-of-mustard-from-37-farmers-in-the-market-charkhi-dadri-news-c-126-1-cdr1001-115624-2024-04-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Charkhi Dadri News: गहमागहमी के बावजूद सोसायटी ने मंडी में 37 किसानों से खरीदा 890 क्विंटल सरसों","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Charkhi Dadri News: गहमागहमी के बावजूद सोसायटी ने मंडी में 37 किसानों से खरीदा 890 क्विंटल सरसों
Mon, 01 Apr 2024 02:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 01 Apr 2024 02:25 AM IST
विज्ञापन
चरखी दादरी। दादरी अनाज मंडी में शनिवार को गहमागहमी के बावजूद द जमींदारा कोऑपरेटिव सोसायटी ने 890 क्विंटल सरसों खरीदा। हालांकि सरसों बेचने से पहले किसानों को करीब चार घंटे से अधिक समय तक इंतजार करना पड़ा। वहीं, सोसायटी प्रबंधक का कहना है कि रविवार को छुट्टी रहेगी जबकि सोमवार से सुचारू रूप से सरसों की खरीद की जाएगी।
दादरी अनाज मंडी में सरसों की खरीद हैफेड कर रही है। हैफेड ये कार्य द जमींदारा कोऑपरेटिव सोसायटी के जरिये कर रही है। वहीं, खरीद प्रक्रिया तेज करने के लिए सोसायटी को हैंडलिंग एजेंट बनाने की जरूरत है लेकिन इसके लिए 25 लाख रुपये की शर्त आढ़तियों को रास न आने से हैंडलिंग एजेंट बनाने की प्रक्रिया रुकी है। इस कारण मंडी में फिलहाल सरसों की खरीद धीमी गति से हो रही है।
वहीं, आढ़ती एसोसिएशन ने बेमियादी शटर बंद हड़ताल करने का निर्णय लिया है और सोमवार से आढ़ती प्रतिष्ठानों को बंद रखकर मार्केट कमेटी कार्यालय के बाहर धरना देंगे। हालांकि उनका स्पष्ट कहना है कि वो सरसों खरीद प्रक्रिया को प्रभावित नहीं करेंगे।
विज्ञापन
दूसरी ओर सोसायटी पदाधिकारियों और आढ़तियों में नोकझोंक होने से शनिवार को खरीद प्रक्रिया प्रभावित हुई और किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए घंटों का इंतजार करना पड़ा। परेशान किसानों की आढ़तियों के साथ कहासुनी भी हुई, लेकिन बाद में मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने बीचबचाव कर मामला शांत करवाया। वहीं, पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान भी मंडी पहुंचे और उन्होंने आढ़तियों से बातचीत की।
-1,000 क्विंटल सरसों लेकर 42 किसान पहुंचे मंडी
सोसायटी के प्रबंधक ईश्वर सिंह मोर ने बताया कि शनिवार को दादरी मंडी में 13 गांवों के 42 किसान पहुंचे। मंडी में एक हजार क्विंटल सरसों की आवक हुई और 37 किसानों से 890 क्विंटल सरसों खरीदा गया। इससे पहले 28 मार्च को पांच किसानों से 125 क्विंटल सरसों खरीदा गया था।
किसान बोले : लड़ाई किसी और की, भुगत रहे हम
ट्रैक्टर में सरसों लादकर सुबह सात बजे मंडी पहुंचा था। दाेपहर दो बजे तक सरसों नहीं बेच पाया हूं। लड़ाई किसी और की है और खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। - बलवान, छिल्लर
15 क्विंटल सरसों लेकर शनिवार सुबह करीब सवा सात बजे मंडी में आया था। सुबह एक घंटे तक खरीद हुई, लेकिन बाद में विवाद होने से खरीद रुक गई। खरीद बंद होने से किसान परेशान हैं। - विजय, रावलधी
38 क्विंटल सरसों लेकर सुबह आठ बजे मंदौली से दादरी मंडी आया था। करीब चार घंटे से इंतजार कर रहा हूं लेकिन सरसों खरीद नहीं की गई है। भूखे पेट किसान लाचार और परेशान हैं। - सोनू, मंदौली
ट्रैक्ट ट्रॉली में 37 क्विंटल सरसों लेकर गांव से दादरी मंडी में बेचने के लिए सुबह सवा आठ बजे आया था। दोपहर ढाई बजे तक सरसों नहीं बिक पाई है। सुबह से हंगामा ही देख रहा हूं। - जितेंद्र, मंदौली गांव।
शनिवार को 890 क्विंटल सरसों खरीदी गई है। रविवार को छुट्टी के कारण खरीद नहीं होगी जबकि सोमवार को सुचारु रूप से मंडी में सरसों की खरीद की जाएगी। - ईश्वर सिंह मोर, प्रबंधक, द जमींदारा सोसायटी।
सोसायटी की शर्त आढ़तियों को मंजूर नहीं है। शनिवार से ही शटर बंद बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी गई है। आढ़ती मार्केट कमेटी कार्यालय के बाहर शांतिपूर्वक धरना देंगे और किसी किसान की ढेरी नहीं डलवाएंगे। अगर कोई आढ़ती एसोसिएशन के निर्णय से बाहर जाएगा तो उस पर सख्त निर्णय लिया जाएगा। - रामकुमार रिटोलिया, प्रधान, अनाज मंडी एसोसिएशन, चरखी दादरी।
विज्ञापन
दादरी अनाज मंडी में सरसों की खरीद हैफेड कर रही है। हैफेड ये कार्य द जमींदारा कोऑपरेटिव सोसायटी के जरिये कर रही है। वहीं, खरीद प्रक्रिया तेज करने के लिए सोसायटी को हैंडलिंग एजेंट बनाने की जरूरत है लेकिन इसके लिए 25 लाख रुपये की शर्त आढ़तियों को रास न आने से हैंडलिंग एजेंट बनाने की प्रक्रिया रुकी है। इस कारण मंडी में फिलहाल सरसों की खरीद धीमी गति से हो रही है।
विज्ञापन
वहीं, आढ़ती एसोसिएशन ने बेमियादी शटर बंद हड़ताल करने का निर्णय लिया है और सोमवार से आढ़ती प्रतिष्ठानों को बंद रखकर मार्केट कमेटी कार्यालय के बाहर धरना देंगे। हालांकि उनका स्पष्ट कहना है कि वो सरसों खरीद प्रक्रिया को प्रभावित नहीं करेंगे।
विज्ञापन
दूसरी ओर सोसायटी पदाधिकारियों और आढ़तियों में नोकझोंक होने से शनिवार को खरीद प्रक्रिया प्रभावित हुई और किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए घंटों का इंतजार करना पड़ा। परेशान किसानों की आढ़तियों के साथ कहासुनी भी हुई, लेकिन बाद में मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने बीचबचाव कर मामला शांत करवाया। वहीं, पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान भी मंडी पहुंचे और उन्होंने आढ़तियों से बातचीत की।
-1,000 क्विंटल सरसों लेकर 42 किसान पहुंचे मंडी
सोसायटी के प्रबंधक ईश्वर सिंह मोर ने बताया कि शनिवार को दादरी मंडी में 13 गांवों के 42 किसान पहुंचे। मंडी में एक हजार क्विंटल सरसों की आवक हुई और 37 किसानों से 890 क्विंटल सरसों खरीदा गया। इससे पहले 28 मार्च को पांच किसानों से 125 क्विंटल सरसों खरीदा गया था।
किसान बोले : लड़ाई किसी और की, भुगत रहे हम
ट्रैक्टर में सरसों लादकर सुबह सात बजे मंडी पहुंचा था। दाेपहर दो बजे तक सरसों नहीं बेच पाया हूं। लड़ाई किसी और की है और खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। - बलवान, छिल्लर
15 क्विंटल सरसों लेकर शनिवार सुबह करीब सवा सात बजे मंडी में आया था। सुबह एक घंटे तक खरीद हुई, लेकिन बाद में विवाद होने से खरीद रुक गई। खरीद बंद होने से किसान परेशान हैं। - विजय, रावलधी
38 क्विंटल सरसों लेकर सुबह आठ बजे मंदौली से दादरी मंडी आया था। करीब चार घंटे से इंतजार कर रहा हूं लेकिन सरसों खरीद नहीं की गई है। भूखे पेट किसान लाचार और परेशान हैं। - सोनू, मंदौली
ट्रैक्ट ट्रॉली में 37 क्विंटल सरसों लेकर गांव से दादरी मंडी में बेचने के लिए सुबह सवा आठ बजे आया था। दोपहर ढाई बजे तक सरसों नहीं बिक पाई है। सुबह से हंगामा ही देख रहा हूं। - जितेंद्र, मंदौली गांव।
शनिवार को 890 क्विंटल सरसों खरीदी गई है। रविवार को छुट्टी के कारण खरीद नहीं होगी जबकि सोमवार को सुचारु रूप से मंडी में सरसों की खरीद की जाएगी। - ईश्वर सिंह मोर, प्रबंधक, द जमींदारा सोसायटी।
सोसायटी की शर्त आढ़तियों को मंजूर नहीं है। शनिवार से ही शटर बंद बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी गई है। आढ़ती मार्केट कमेटी कार्यालय के बाहर शांतिपूर्वक धरना देंगे और किसी किसान की ढेरी नहीं डलवाएंगे। अगर कोई आढ़ती एसोसिएशन के निर्णय से बाहर जाएगा तो उस पर सख्त निर्णय लिया जाएगा। - रामकुमार रिटोलिया, प्रधान, अनाज मंडी एसोसिएशन, चरखी दादरी।