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हॉटलाइन कनेक्शन बेअसर : नागरिक अस्पताल में लग रहे बिजली कट, टार्च की रोशनी को लेना पड़ता है सहारा
Sat, 10 Oct 2026 01:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 10 Oct 2026 01:46 AM IST
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नागरिक अस्पताल के पीछे पोल तक पहुंचाया गया हॉटलाइन बिजली कनेक्शन।
- फोटो : 1
चरखी दादरी। जिले के नागरिक अस्पताल में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए हॉटलाइन कनेक्शन की व्यवस्था की गई थी लेकिन इसके बावजूद अस्पताल में बिजली कट लग रहे हैं। जो मरीजों और चिकित्सकों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं।
बिजली कटौती के दौरान चिकित्सकों को मोबाइल की टॉर्च जलाकर मरीजों का उपचार करना पड़ता है। वहीं बिजली पर निर्भर जांच सुविधाएं, एक्सरे और ओपीडी की पर्ची बनाने का काम भी प्रभावित होता है। अस्पताल में बार-बार बिजली गुल होने से हॉटलाइन कनेक्शन की उपयोगिता पर सवाल उठ रहे हैं।
जिला नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 1200 के करीब ओपीडी होती हैं। मरीजों के लिए चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार हो रहा है लेकिन अस्पताल का बिजली कनेक्शन हॉटलाइन से जुड़ने के बाद भी बार-बार बिजली कट लगना बिजली निगम की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा रहा है। अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को हॉटलाइन कनेक्शन उपलब्ध करवाने के लिए नवंबर 2017 में बिजली निगम में 8.45 लाख रुपये जमा करवाए थे।
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इसके बाद वर्ष 2019 के आसपास अस्पताल को हॉटलाइन से जोड़ने का दावा किया गया था। इस व्यवस्था का उद्देश्य अस्पताल में बिजली आपूर्ति को सुचारु बनाए रखना था ताकि मरीजों के उपचार और स्वास्थ्य सेवाओं में बाधा न आए। हालांकि मौजूदा स्थिति में बार-बार लगने वाले बिजली कट इस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
बिजली जाते ही ठप होने लगती हैं जरूरी सेवाएं
नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज उपचार और विभिन्न जांच करवाने पहुंचते हैं। ऐसे में बिजली गुल होने का सीधा असर अस्पताल की कार्यप्रणाली पर पड़ता है। बिजली आपूर्ति बाधित होने से एक्सरे, अन्य जांच प्रक्रियाओं और ओपीडी पर्ची बनाने जैसी सेवाओं में रुकावट आती है। इससे मरीजों को इंतजार करना पड़ता है और अस्पताल में पहुंचने के बाद भी समय पर सुविधाएं नहीं मिल पातीं। विशेष रूप से उन मरीजों को अधिक परेशानी होती है जिन्हें तत्काल चिकित्सकीय जांच या उपचार की आवश्यकता होती है।
बिजली कटौती के दौरान चिकित्सकों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को टॉर्च आदि संसाधनों के सहारे काम करना पड़ता है। मोबाइल की टॉर्च जलाकर मरीजों की जांच और उपचार करने की स्थिति अस्पताल में निर्बाध बिजली आपूर्ति पर सवालिया निशान है।
8.45 लाख खर्च, फिर भी हॉटलाइन कनेक्शन नहीं दे रहा राहत
अस्पताल में बिजली आपूर्ति हॉटलाइन कनेक्शन से जोड़े जाने के दावे के बावजूद बिजली कटौती की समस्या बनी हुई है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि अस्पताल में बार-बार बिजली क्यों गुल हो रही है और हॉटलाइन व्यवस्था होने के बाद भी निर्बाध आपूर्ति क्यों सुनिश्चित नहीं हो पा रही है।
अस्पताल जैसी आवश्यक स्वास्थ्य सेवा वाली जगह पर बिजली आपूर्ति बाधित होने से मरीजों के साथ चिकित्सकों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। जरूरत इस बात की है कि बिजली निगम आपूर्ति में रुकावट के कारणों की जांच करे और हॉटलाइन कनेक्शन की कार्यप्रणाली का परीक्षण करवाए। साथ ही, अस्पताल में बिजली कटौती की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए ताकि मरीजों की जांच और उपचार बिना अनावश्यक बाधा के जारी रह सकें।
वर्सन :
अस्पताल में हॉटलाइन कनेक्शन होने के बाद भी लग रहे बिजली कटों की जानकारी लेने के लिए बिजली निगम के अधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा। ताकि पता लग सके कि अस्पताल में बिजली गुल होने का मुख्य कारण क्या है।
-डॉ. विजेंद्र लडवाल, प्रवक्ता नागरिक अस्पताल
वर्सन:
बिजली निगम की ओर से सरकारी अस्पताल को विशेष रूप से हॉटलाइन बिजली कनेक्शन दिया गया है। अगर वहां बिजली कट लग रहे हैं तो हम संबंधित कनिष्ठ अभियंता से जानकारी लेंगे अगर लाइन में कोई फॉल्ट पाया गया तो प्राथमिकता से ठीक करवाया जाएगा। -आशीष सोढ़ी, कार्यवाहक एसडीओ बिजली निगम।
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बिजली कटौती के दौरान चिकित्सकों को मोबाइल की टॉर्च जलाकर मरीजों का उपचार करना पड़ता है। वहीं बिजली पर निर्भर जांच सुविधाएं, एक्सरे और ओपीडी की पर्ची बनाने का काम भी प्रभावित होता है। अस्पताल में बार-बार बिजली गुल होने से हॉटलाइन कनेक्शन की उपयोगिता पर सवाल उठ रहे हैं।
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जिला नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 1200 के करीब ओपीडी होती हैं। मरीजों के लिए चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार हो रहा है लेकिन अस्पताल का बिजली कनेक्शन हॉटलाइन से जुड़ने के बाद भी बार-बार बिजली कट लगना बिजली निगम की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा रहा है। अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को हॉटलाइन कनेक्शन उपलब्ध करवाने के लिए नवंबर 2017 में बिजली निगम में 8.45 लाख रुपये जमा करवाए थे।
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इसके बाद वर्ष 2019 के आसपास अस्पताल को हॉटलाइन से जोड़ने का दावा किया गया था। इस व्यवस्था का उद्देश्य अस्पताल में बिजली आपूर्ति को सुचारु बनाए रखना था ताकि मरीजों के उपचार और स्वास्थ्य सेवाओं में बाधा न आए। हालांकि मौजूदा स्थिति में बार-बार लगने वाले बिजली कट इस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
बिजली जाते ही ठप होने लगती हैं जरूरी सेवाएं
नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज उपचार और विभिन्न जांच करवाने पहुंचते हैं। ऐसे में बिजली गुल होने का सीधा असर अस्पताल की कार्यप्रणाली पर पड़ता है। बिजली आपूर्ति बाधित होने से एक्सरे, अन्य जांच प्रक्रियाओं और ओपीडी पर्ची बनाने जैसी सेवाओं में रुकावट आती है। इससे मरीजों को इंतजार करना पड़ता है और अस्पताल में पहुंचने के बाद भी समय पर सुविधाएं नहीं मिल पातीं। विशेष रूप से उन मरीजों को अधिक परेशानी होती है जिन्हें तत्काल चिकित्सकीय जांच या उपचार की आवश्यकता होती है।
बिजली कटौती के दौरान चिकित्सकों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को टॉर्च आदि संसाधनों के सहारे काम करना पड़ता है। मोबाइल की टॉर्च जलाकर मरीजों की जांच और उपचार करने की स्थिति अस्पताल में निर्बाध बिजली आपूर्ति पर सवालिया निशान है।
8.45 लाख खर्च, फिर भी हॉटलाइन कनेक्शन नहीं दे रहा राहत
अस्पताल में बिजली आपूर्ति हॉटलाइन कनेक्शन से जोड़े जाने के दावे के बावजूद बिजली कटौती की समस्या बनी हुई है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि अस्पताल में बार-बार बिजली क्यों गुल हो रही है और हॉटलाइन व्यवस्था होने के बाद भी निर्बाध आपूर्ति क्यों सुनिश्चित नहीं हो पा रही है।
अस्पताल जैसी आवश्यक स्वास्थ्य सेवा वाली जगह पर बिजली आपूर्ति बाधित होने से मरीजों के साथ चिकित्सकों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। जरूरत इस बात की है कि बिजली निगम आपूर्ति में रुकावट के कारणों की जांच करे और हॉटलाइन कनेक्शन की कार्यप्रणाली का परीक्षण करवाए। साथ ही, अस्पताल में बिजली कटौती की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए ताकि मरीजों की जांच और उपचार बिना अनावश्यक बाधा के जारी रह सकें।
वर्सन :
अस्पताल में हॉटलाइन कनेक्शन होने के बाद भी लग रहे बिजली कटों की जानकारी लेने के लिए बिजली निगम के अधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा। ताकि पता लग सके कि अस्पताल में बिजली गुल होने का मुख्य कारण क्या है।
-डॉ. विजेंद्र लडवाल, प्रवक्ता नागरिक अस्पताल
वर्सन:
बिजली निगम की ओर से सरकारी अस्पताल को विशेष रूप से हॉटलाइन बिजली कनेक्शन दिया गया है। अगर वहां बिजली कट लग रहे हैं तो हम संबंधित कनिष्ठ अभियंता से जानकारी लेंगे अगर लाइन में कोई फॉल्ट पाया गया तो प्राथमिकता से ठीक करवाया जाएगा। -आशीष सोढ़ी, कार्यवाहक एसडीओ बिजली निगम।