फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Charkhi Dadri News ›   Shortage of street lights will be overcome, agency will maintain

स्ट्रीट लाइट की कमी होगी दूर, एजेंसी करेगी रखरखाव

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 26 Aug 2022 12:12 AM IST
विज्ञापन
Shortage of street lights will be overcome, agency will maintain
चरखी दादरी। शहर के 21 वार्डों में बनी स्ट्रीट लाइट की कमी जल्द दूर होने की उम्मीद है। इसके लिए नगर परिषद ने योजना तैयार कर ली है। योजना के अनुसार नई लाइट लगवाने के साथ उनके रखरखाव के लिए एजेंसी भी हायर की जाएगी। ऐसा पहली बार होगा जब शहर की स्ट्रीट लाइट की देखरेख निजी एजेंसी करेगी। इससे पहले यह कार्य नगर परिषद की बिजली शाखा करती थी। इस कार्य के लिए निदेशालय पत्र भेजकर प्रशासनिक स्वीकृति मांगी गई है। अधिकारियों के अनुसार जल्द ही यह औपचारिकता पूरी होने की उम्मीद है और इसके तुरंत बाद टेंडर आमंत्रित किया जाएगा।
विज्ञापन

शहर की अगर बात करें तो स्ट्रीट लाइट के करीब सात हजार प्वाइंट हैं। इनमें करीब 30 हाई मास्क लाइट के हैं। शहर में अलग-अलग क्षमता की एलईडी और हाई मास्क लाइट लगी हुई हैं। इनमें से 45 फीसदी नई लाइट हैं जो करीब ढाई से तीन साल पहले लगवाई गई थी और इनके रखरखाव की जिम्मेदारी फिलहाल एजेंसी की है। इसके अलावा शहर में जो पुरानी तीन हजार लाइट हैं, उनके रखरखाव के लिए अब नगर परिषद ने एजेंसी हायर की है। गत दिनों आयोजित पहली ही बैठक में पार्षदों ने इस पर सहमति जता दी है। यह औपचारिकता पूरी होते ही नप अधिकारियों ने निदेशालय से पत्राचार कर एजेंसी हायर करने की प्रशासनिक स्वीकृति मांगी है।
विज्ञापन

शहर में स्ट्रीट लाइटों की कमी लंबे समय से बनी है। खासकर हाल ही में आबाद हुई और बाहरी क्षेत्रों में बनी कॉलोनियों में यह समस्या गंभीर है। शहर की अवैध कॉलोनियों को वैध कराने की प्रक्रिया पर भी नगर परिषद ने काम शुरू कर दिया हे जबकि साथ ही गलियां बनाने के साथ स्ट्रीट लाइट लगाने की योजना भी तैयार की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

- 1500 स्ट्रीट लाइट लगवाने की योजना लंबे समय तक से ठंडे बस्ते में
नगर परिषद ने करीब डेढ़ साल पहले शहर की करीब 1500 पुरानी लाइट बदलने की योजना तैयार की थी। इसका पूरा प्रारूप तैयार करने के बाद भी योजना सिरे नहीं चढ़ पाई। दरअसल, इसका टेंडर प्रदेश स्तर पर लगाया जाना था, जिसमें काफी देरी हुई। अब नई शहरी सरकार बनने पर स्ट्रीट लाइट की कमी को दूर करने की कवायद जल्द शुरू होने वाली है।
- पार्षद उठा चुके मांग
गत दिनों ही नगर पार्षदों ने स्ट्रीट लाइट की कमी दूर कराने की मांग उठाई थी। इस मांग को लेकर पार्षद पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान की अगुवाई में पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली से मिले थे। पार्षदों ने मंत्री को ज्ञापन सौंपकर स्ट्रीट लाइट की कमी दूर कराने की मांग की थी।
- नप के पास 47 दिनों में आई 151 शिकायतें
स्ट्रीट लाइट की खराबी के संबंध में नगर परिषद के पास प्रतिदिन तीन से चार शिकायतें आती हैं। संवाददाता ने गत 11 जुलाई से 25 अगस्त तक आईं शिकायतों का डाटा खंगाला तो पिछले 47 दिनों में 151 शिकायतें मिलीं। इनमें से 77 शिकायतें 11 से 31 जुलाई तक और 74 शिकायतें एक से 25 अगस्त तक की हैं।
- बेड स्विच के सहारे ज्यादातर लाइट
दरअसल शहर में लगी स्ट्रीट लाइट में से करीब 30 फीसदी बेड स्विच के सहारे हैं। इन सभी लाइटों के जलाने और बंद करने के अल-अलग स्विच हैं। अगर एक गली में लगी लाइट का एक ही स्विच हो तो इन्हें जलाने और बंद करने में समय की बचत होगी। पहले ऐसी ही व्यवस्था थी, लेकिन स्ट्रीट लाइट के जरिये बिजली चोरी के मामले सामने आने के बाद निगम ने तार काट दीं और नप को हर लाइट का अलग स्विच लगाना पड़ा।
- चार साल तक एजेंसी करती है रखरखाव
करीब ढाई साल पहले नगर परिषद ने शहर में करीब एक हजार से ज्यादा लाइटें लगाई थीं। उस दौरान टेंडर की शर्त अनुसार चार साल तक इनका रखरखाव एजेंसी को ही करना था। फिलहाल शहर में करीब तीन हजार ऐसी लाइटें हैं जिनकी मरम्मत की जिम्मेदारी अभी एजेंसी की ही है।

स्ट्रीट लाइट के रखरखाव के लिए एजेंसी हायर करने का प्रस्ताव हाउस की बैठक में रखा था। पार्षदों ने इस पर सहमति जताते हुए लाइट की कमी दूर कराने की मांग की थी। जल्द ही शहर के सभी वार्डों में हम स्ट्रीट लाइट की कमी दूर कर देंगे। जो पुरानी लाइट लगी हैं उनके रखरखाव के लिए एजेंसी नियुक्त की जाएगी।
-बक्शीराम सैनी, चेयरमैन, नगर परिषद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed