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मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के लिए विवाह का ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य : उपायुक्त
Fri, 15 Nov 2024 03:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 15 Nov 2024 03:05 AM IST
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योजना के तहत वर्ग के अनुसार सरकार की ओर से लाभार्थियों को दी जाती है 31 से 71 हजार रुपये की राशि
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना का लाभ पाने के लिए लाभार्थियों को विवाह का ऑनलाइन पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। इसके बाद ही योजना का लाभ दिया जाएगा। उपायुक्त मुनीष शर्मा ने यह जानकारी दी है।
उन्होंने बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना का लाभ लेने वाले परिवार को अपनी बेटी की शादी के छह महीने पूरे होने से पहले ऑनलाइन पंजीकरण करवाना होगा। पंजीकरण करने के उपरांत ही विवाहित कन्या के माता-पिता को उक्त योजना का अनुदान दिया जाएगा।
डीसी ने बताया कि अनुसूचित एवं विमुक्त जाति के परिवार का नाम बीपीएल सूची में है तो उसको कन्या विवाह शगुन योजना के अंतर्गत 71 हजार रुपये का लाभ दिया जाएगा।
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सभी वर्गों की विधवाओं, बेसहारा महिला, अनाथ बच्चे, बीपीएल सूची में हैं या उनकी आय एक लाख 80 हजार रुपये से कम है तो उनको इस योजना में 51 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। उपायुक्त ने बताया कि बीपीएल सूची में सामान्य या पिछड़े वर्ग के परिवार को 31 हजार रुपये का अनुदान मिलेगा।
इसी तरह, अनुसूचित वर्ग या विमुक्त जाति का परिवार जो बीपीएल सूची में नहीं है और उनकी वार्षिक आय एक लाख 80 हजार रुपये से कम है तो, उनको 31 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। विवाहित युगल 40 प्रतिशत या इससे ज्यादा दिव्यांग हैं तो उन्हें 51 हजार रुपये और पति-पत्नी में से एक जन 40 प्रतिशत या इससे अधिक दिव्यांग है तो उसको 31 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना का लाभ पाने के लिए लाभार्थियों को विवाह का ऑनलाइन पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। इसके बाद ही योजना का लाभ दिया जाएगा। उपायुक्त मुनीष शर्मा ने यह जानकारी दी है।
उन्होंने बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना का लाभ लेने वाले परिवार को अपनी बेटी की शादी के छह महीने पूरे होने से पहले ऑनलाइन पंजीकरण करवाना होगा। पंजीकरण करने के उपरांत ही विवाहित कन्या के माता-पिता को उक्त योजना का अनुदान दिया जाएगा।
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डीसी ने बताया कि अनुसूचित एवं विमुक्त जाति के परिवार का नाम बीपीएल सूची में है तो उसको कन्या विवाह शगुन योजना के अंतर्गत 71 हजार रुपये का लाभ दिया जाएगा।
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सभी वर्गों की विधवाओं, बेसहारा महिला, अनाथ बच्चे, बीपीएल सूची में हैं या उनकी आय एक लाख 80 हजार रुपये से कम है तो उनको इस योजना में 51 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। उपायुक्त ने बताया कि बीपीएल सूची में सामान्य या पिछड़े वर्ग के परिवार को 31 हजार रुपये का अनुदान मिलेगा।
इसी तरह, अनुसूचित वर्ग या विमुक्त जाति का परिवार जो बीपीएल सूची में नहीं है और उनकी वार्षिक आय एक लाख 80 हजार रुपये से कम है तो, उनको 31 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। विवाहित युगल 40 प्रतिशत या इससे ज्यादा दिव्यांग हैं तो उन्हें 51 हजार रुपये और पति-पत्नी में से एक जन 40 प्रतिशत या इससे अधिक दिव्यांग है तो उसको 31 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।