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जज्बे को सलाम : बच्चों, युवाओं, बूढ़ों और महिलाओं में जगा रहे योग की अलख

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 20 Jun 2022 10:51 PM IST
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Salute to the spirit: The light of yoga is awakening among children, youth, old people and women
सुनीता कासनी। - फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। जिले के योग शिक्षक पिछले लंबे समय से योग का प्रचार-प्रसार करने में जुटे हैं। ये योग शिक्षक अब तक 400 से अधिक शिविर लगाकर पांच हजार से अधिक लोगों को प्रशिक्षित कर चुके हैं। शिक्षकों का मानना है कि योग को प्रतिदिन की दिनचर्या में अपनाना आज जरूरी हो गया है। योग अपनाकर ही शरीर को रोगों से बचाया जा सकता है। मौजूदा खानपान व जीवन शैली को देखते हुए योग जरूरी हो गया है। योग से ही व्यक्ति शारीरिक व मानसिक रूप से संतुलित बना रह सकता है। संवाददाता ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योग शिक्षकों से बातचीत की है। पेश है एक रिपोर्ट...
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महिलाओं में बढ़ रहा योग के प्रति रुझान : डॉ. सुनीता
मैं कई सालों से लोगों को योग सिखाती आ रही हूं। खासकर महिलाओं में योग के प्रति रुझान बढ़ाने के लिए उनकी विशेष रुचि है। डॉक्टर सुनीता का कहना है कि महिलाओं के पास घरेलू कार्यों के चलते समय का अभाव है फिर भी वे सुबह-शाम महिलाओं को योगाभ्यास कराती आ रही हैं। नगर के रोज गार्डन में योग की विशेष कक्षाएं लगाती हूं। सुनीता का कहना है कि योग से उसके खुद के जीवन में विशेष बदलाव आया है। योग से सामाजिकता के साथ जीवन में आत्मविश्वास बढ़ा है। डॉक्टर सुनीता कासनी को योगा जज का सर्टिफिकेट मिल चुका है। इसके अलावा अन्य कई सम्मान भी मिल चुके हैं।
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डॉ. सुनीता कासनी, योग शिक्षक
200 कैंप लगा चुके हैं विकास राणा
मैं अब तक करीब 200 योग कैंप आयोजित कर चुका है जिनमें हजारों की संख्या में लोगों में योग की आदत बना चुका है। योग से उसके खुद जीवन में काफी बदलाव आए हैं। वह सरकारी सेवा के साथ लोगों को योग से जोड़ने का काम कर रहे हैं। योग से मानव मानसिक तौर पर संतुलित रहता है, नकारात्मक विचार मन में नहीं आते। स्कूल व कॉलेजों में जाकर योग शिविर लगाता हूं। सुबह पांच बजे प्रतिदिन योग कक्षाएं लगा रहा हूं।
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-विकास राणा, योग शिक्षक
विद्यार्थी जीवन से अपनाएं योग विधा : दिनेश शास्त्री
लोगों को चाहिए कि वे योग को दिनचर्या में शामिल करें। योग ऐसी विधा है जिससे मानव शारीरिक व मानसिक रूप से मजबूत होता है। योग ही मानव को सशक्त बना सकता है। योग साधना से आत्मबल बढ़ता है। समय-समय पर शिविर लगाकर लोगों को योग से जोड़ना का प्रयास करता हूं। योग के प्रचार के लिए विभिन्न मंचों पर मुझे सम्मान प्राप्त हुआ है और इसकी मुझे बेहद खुशी है। विद्यार्थी जीवन से ही योग विधा को अपना लेना चाहिए।
-दिनेश शास्त्री, योग शिक्षक

विकास राणा

विकास राणा- फोटो : CharkhiDadri

  दिनेश शास्त्री

दिनेश शास्त्री- फोटो : CharkhiDadri

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