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Charkhi Dadri News: कचरा उठान करने वाली एजेंसी ने चालकों को हटाया, पार्षद समर्थन में उतरे तो वापस काम पर रखा
Wed, 21 Aug 2024 11:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 21 Aug 2024 11:31 PM IST
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ऑटों टिप्पर चालकों से बात करते पार्षद व एजेंसी संचालक। संवाद
एजेंसी के व्हाट्सएप ग्रुप पर ट्रैक्टर और ऑटो टीपर चालकों को दिए गए काम पर न आने के निर्देश
पार्षदों ने मध्यस्थता कर विवाद सुलझावाया, चार घंटे तक एमआरएफ सेंटर पर बनी रही गहमागहमी की स्थिति, सुबह 11 बजे कचरा उठान हो पाया शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। शहर से कचरा उठान करने वाली एजेंसी और उसके कर्मचारियों के बीच चल रहा विवाद पांचवें दिन जाकर सुलझ पाया। इससे पहले एजेंसी के पुराने चालकों को काम पर न आने के निर्देश देने पर वे भड़क गए और बुधवार सुबह छह बजे एक भी ऑटो टीपर एमआरएफ सेंटर से नहीं निकलने दिए। इसके बाद वहां पहुंचे पार्षदों ने मध्यस्थता कर मामला शांत करवाया और सुबह करीब 11 बजे सभी चालक अपने वाहन लेकर कचरा उठान के लिए रवाना हुए।
बता दें कि दो माह का वेतन न मिलने पर एजेंसी के कर्मचारियों ने शनिवार को हड़ताल की थी। रविवार और सोमवार के अवकाश के बाद बुधवार को कर्मचारी काम पर लौट आए थे। मंगलवार शाम ही एजेंसी ने कर्मचारियों के बचे वेतन का भुगतान कर दिया। इसके बाद चालकों के व्हाट्सएप ग्रुप पर एक मैसेज भेजा गया कि बुधवार से ऑटो टीपर और ट्रैक्टरों के चालक काम पर न आए। ये मैसेज देखकर ऑटो टीपर और ट्रैक्टरों के जरिए कचरे का उठान करने वाले चालक भड़क गए।
सुबह छह बजे वे एमआरएफ सेंटर पर पहुंच गए और एजेंसी के फैसले का विरोध जताने लगे। वहीं, एजेंसी प्रतिनिधि की ओर से उन्हें एमआरएफ सेंटर पर आकर बातचीत करने का आश्वासन दिया गया। वहीं, कर्मचारियों ने मामले की सूचना पार्षदों को भी दे दी। इसके बाद पार्षद विनोद सिंहमार, अजय सांगवान, मनोज वर्मा समेत पार्षद प्रतिनिधि विरेंद्र चरखी, सत्यवान पहल और नरेंद्र दहिया भी मौके पर पहुंच गए।
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करीब साढ़े नौ बजे एजेंसी प्रतिनिधि नीरज व सत्यवान एमआरएफ सेंटर पहुंचे और एक घंटे तक दोनों पक्षों में बातचीत का दौर चला। पौने 11 बजे एजेंसी ने चालकों को हटाने का आदेश वापस ले लिया। इसके बाद पार्षदों ने चालकों को वाहन लेकर वार्डाें से कचरा उठान करने की बात कही और वे काम पर लौटने के लिए राजी हो गए।
- एजेंसी प्रतिनिधि बोले : फरवरी के बाद से नगर परिषद ने नहीं किया भुगतान
एजेंसी प्रतिनिधि नीरज ने बताया कि दादरी नगर परिषद से फरवरी के बाद एजेंसी के बिलों का भुगतान नहीं हुआ है। भुगतान राशि न आने के चलते कर्मचारियों के वेतन में एक माह की देरी हुई। उन्होंने बताया कि अगर एजेंसी का भुगतान नगर परिषद समय पर कर दे तो कर्मचारियों के खाते में समय पर ही वेतन डाल दिया जाएगा।
- एजेंसी के पास हैं 27 चालक और 11 सहायक
शहर के 30 हजार घरों के साथ करीब पंद्रह अस्थायी डंपिंग पॉइंट से कचरा उठान के लिए एजेंसी के 21 ऑटो टीपर, 4 ट्रैक्टर-ट्रॉली, एक लोडर और एक जेसीबी चलती है। इन वाहनों को चलाने के लिए एजेंसी ने 27 चालक भर्ती किए हुए हैं। इन सभी चालकों को बुधवार से काम पर न आने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा कचरा उठान कार्य के लिए 11 सहायक भी नियुक्त हैं।
इधर....वार्डाें से हटाकर नगर परिषद अधिकारियों ने मुख्यमार्गों पर उतारे सफाई कर्मचारी
एकतरफ कचरा उठान को लेकर रार बनी रही तो दूसरी ओर वार्डाें में तैनात कर्मचारी हटाने से पार्षद खफा हो गए। एमआरएफ सेंटर पर पहुंचे पार्षदों ने बताया कि बुधवार से किसी भी वार्ड में सफाई के लिए कर्मचारी नहीं पहुंचा। उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने वार्डाें से हटाकर सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी मुख्यमार्गाें पर लगा दी है। इसके चलते वार्डाें की सफाई व्यवस्था बेपटरी हो गई है।
वर्सन:
कर्मचारी काम पर लौट आए हैं। जो भी मसला था वह सुलझ गया है। बुधवार शाम या वीरवार सुबह तक शहर से सारे कचरे का उठान करवा दिया जाएगा।
-नीरज, एजेंसी प्रतिनिधि
फोटो 01 से 04
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पार्षदों ने मध्यस्थता कर विवाद सुलझावाया, चार घंटे तक एमआरएफ सेंटर पर बनी रही गहमागहमी की स्थिति, सुबह 11 बजे कचरा उठान हो पाया शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। शहर से कचरा उठान करने वाली एजेंसी और उसके कर्मचारियों के बीच चल रहा विवाद पांचवें दिन जाकर सुलझ पाया। इससे पहले एजेंसी के पुराने चालकों को काम पर न आने के निर्देश देने पर वे भड़क गए और बुधवार सुबह छह बजे एक भी ऑटो टीपर एमआरएफ सेंटर से नहीं निकलने दिए। इसके बाद वहां पहुंचे पार्षदों ने मध्यस्थता कर मामला शांत करवाया और सुबह करीब 11 बजे सभी चालक अपने वाहन लेकर कचरा उठान के लिए रवाना हुए।
बता दें कि दो माह का वेतन न मिलने पर एजेंसी के कर्मचारियों ने शनिवार को हड़ताल की थी। रविवार और सोमवार के अवकाश के बाद बुधवार को कर्मचारी काम पर लौट आए थे। मंगलवार शाम ही एजेंसी ने कर्मचारियों के बचे वेतन का भुगतान कर दिया। इसके बाद चालकों के व्हाट्सएप ग्रुप पर एक मैसेज भेजा गया कि बुधवार से ऑटो टीपर और ट्रैक्टरों के चालक काम पर न आए। ये मैसेज देखकर ऑटो टीपर और ट्रैक्टरों के जरिए कचरे का उठान करने वाले चालक भड़क गए।
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सुबह छह बजे वे एमआरएफ सेंटर पर पहुंच गए और एजेंसी के फैसले का विरोध जताने लगे। वहीं, एजेंसी प्रतिनिधि की ओर से उन्हें एमआरएफ सेंटर पर आकर बातचीत करने का आश्वासन दिया गया। वहीं, कर्मचारियों ने मामले की सूचना पार्षदों को भी दे दी। इसके बाद पार्षद विनोद सिंहमार, अजय सांगवान, मनोज वर्मा समेत पार्षद प्रतिनिधि विरेंद्र चरखी, सत्यवान पहल और नरेंद्र दहिया भी मौके पर पहुंच गए।
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करीब साढ़े नौ बजे एजेंसी प्रतिनिधि नीरज व सत्यवान एमआरएफ सेंटर पहुंचे और एक घंटे तक दोनों पक्षों में बातचीत का दौर चला। पौने 11 बजे एजेंसी ने चालकों को हटाने का आदेश वापस ले लिया। इसके बाद पार्षदों ने चालकों को वाहन लेकर वार्डाें से कचरा उठान करने की बात कही और वे काम पर लौटने के लिए राजी हो गए।
- एजेंसी प्रतिनिधि बोले : फरवरी के बाद से नगर परिषद ने नहीं किया भुगतान
एजेंसी प्रतिनिधि नीरज ने बताया कि दादरी नगर परिषद से फरवरी के बाद एजेंसी के बिलों का भुगतान नहीं हुआ है। भुगतान राशि न आने के चलते कर्मचारियों के वेतन में एक माह की देरी हुई। उन्होंने बताया कि अगर एजेंसी का भुगतान नगर परिषद समय पर कर दे तो कर्मचारियों के खाते में समय पर ही वेतन डाल दिया जाएगा।
- एजेंसी के पास हैं 27 चालक और 11 सहायक
शहर के 30 हजार घरों के साथ करीब पंद्रह अस्थायी डंपिंग पॉइंट से कचरा उठान के लिए एजेंसी के 21 ऑटो टीपर, 4 ट्रैक्टर-ट्रॉली, एक लोडर और एक जेसीबी चलती है। इन वाहनों को चलाने के लिए एजेंसी ने 27 चालक भर्ती किए हुए हैं। इन सभी चालकों को बुधवार से काम पर न आने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा कचरा उठान कार्य के लिए 11 सहायक भी नियुक्त हैं।
इधर....वार्डाें से हटाकर नगर परिषद अधिकारियों ने मुख्यमार्गों पर उतारे सफाई कर्मचारी
एकतरफ कचरा उठान को लेकर रार बनी रही तो दूसरी ओर वार्डाें में तैनात कर्मचारी हटाने से पार्षद खफा हो गए। एमआरएफ सेंटर पर पहुंचे पार्षदों ने बताया कि बुधवार से किसी भी वार्ड में सफाई के लिए कर्मचारी नहीं पहुंचा। उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने वार्डाें से हटाकर सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी मुख्यमार्गाें पर लगा दी है। इसके चलते वार्डाें की सफाई व्यवस्था बेपटरी हो गई है।
वर्सन:
कर्मचारी काम पर लौट आए हैं। जो भी मसला था वह सुलझ गया है। बुधवार शाम या वीरवार सुबह तक शहर से सारे कचरे का उठान करवा दिया जाएगा।
-नीरज, एजेंसी प्रतिनिधि
फोटो 01 से 04