{"_id":"602814ce8ebc3ee94e4c567e","slug":"rough-estimate-of-rs-68-crore-ready-for-construction-of-mini-secretariat-sent-to-government-for-approval-charkhidadri-news-rtk595256159","type":"story","status":"publish","title_hn":"लघु सचिवालय निर्माण के लिए 68 करोड़ का एस्टिमेट तैयार कर स्वीकृत्ति के लिए सरकार को भेजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लघु सचिवालय निर्माण के लिए 68 करोड़ का एस्टिमेट तैयार कर स्वीकृत्ति के लिए सरकार को भेजा
विज्ञापन
किराये के भवन में चल रहा आरटीए दफ्तर।
- फोटो : CharkhiDadri
जिला स्तरीय लघु सचिवालय निर्माण का रफ एस्टीमेट पीडब्ल्यूडी ने तैयार कर लिया है। इसके तहत लघु सचिवालय के निर्माण पर 68 करोड़ की लागत आने का अनुमान है। विभाग ने स्वीकृति के लिए एस्टीमेट सरकार के पास भेज दिया है।
दादरी को जिला बने चार साल से अधिक का समय बीत चुका है। पिछले करीब तीन साल से प्रशासन लघु सचिवालय निर्माण की योजना पर काम कर रहा है। लंबे इंतजार के बाद हुडा सेक्टर 10 की जगह को लघु सचिवालय निर्माण के लिए फाइनल किया गया है। पीडब्ल्यूडी ने इसका आर्किटेक्ट से नक्शा और रफ एस्टीमेट तैयार करवाया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार एस्टिमेट के अनुसार लघु सचिवालय निर्माण पर 68 करोड़ रुपये लागत आने की संभावना है। हालांकि डिटेल एस्टीमेट में यह राशि 40 करोड़ तक सीमित रह सकती है।
लघु सचिवालय निर्माण के लिए चयनित जगह पर अधिकारियों के निवास और कर्मचारियों के क्वार्टर भी बनाए जाएंगे। अहम बात यह है कि लघु सचिवालय की बिल्डिंग हरी बनाई जाएगी और इस पर सामान्य से 10 प्रतिशत अधिक लागत आएगी।
विज्ञापन
जमीन के बदले राजस्व विभाग ने हुडा को दिए 52 करोड़
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हुडा सेक्टर-10 की जमीन पर लघु सचिवालय बनाने की घोषणा की थी। इसके बाद राजस्व विभाग ने जमीन अपने नाम ट्रांसफर करवाई। जमीन की एवज में राजस्व विभाग ने हुडा को करीब 52 करोड़ रुपये दिए है। 23.90 एकड़ जमीन पर लघु सचिवालय और अधिकारियों व कर्मचारियों के क्वार्टरों का निर्माण होना है।
मौजूदा भवन का दायरा पड़ रहा कम, किराये के भवनों में चल रहे विभाग
करीब नौ साल पहले मौजूदा लघु सचिवालय का निर्माण करवाया गया था। तीन मंजिला सचिवालय के भवन का दायरा कम पड़ रहा है। इसके चलते सरकारी विभाग शहर में अलग-अलग जगहों पर किराये के भवनों में चल रहे हैं। विभागों के कार्यालय अलग-अलग जगह होने से लोगों को बेहद परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुुसार नया भवन चार मंजिला बनाया जाएगा।
पटवारी बैठ रहे अलग-अलग जगह, लोगों को हो रही दिक्कतें
शहर में सभी पटवारियों के एक छत के नीचे बैठने की जगह तक नहीं है। इसके कारण पटवारियों के दफ्तर अलग-अलग जगहों पर छोटे-छोटे भवनों में चल रहे हैं। पटवारियों को ढूंढ़ने में लोगों को पूरा दिन निकल जाता है। इतना ही कुछ विभागों के कार्यालय तो शहर से करीब चार किलोमीटर दूर स्थित किसान मॉडल स्कूल परिसर के भवन में चल रहे हैं।
लघु सचिवालय निर्माण के लिए नक्शा और रफ एस्टीमेट हमने सरकार को भेज दिया है। स्वीकृति मिलते ही डिटेल एस्टीमेट तैयार करेंगे और इसके तुरंत बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।
सोमबीर दहिया, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी
लघु सचिवालय निर्माण के प्रोजेक्ट को प्रशासन जल्द से जल्द सिरे चढ़वा देगा। सरकार की अनुमति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। नए लघु सचिवालय की ग्रीन बिल्डिंग बनाई जाएगी।
राजेश जोगपाल, डीसी।
विज्ञापन
दादरी को जिला बने चार साल से अधिक का समय बीत चुका है। पिछले करीब तीन साल से प्रशासन लघु सचिवालय निर्माण की योजना पर काम कर रहा है। लंबे इंतजार के बाद हुडा सेक्टर 10 की जगह को लघु सचिवालय निर्माण के लिए फाइनल किया गया है। पीडब्ल्यूडी ने इसका आर्किटेक्ट से नक्शा और रफ एस्टीमेट तैयार करवाया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार एस्टिमेट के अनुसार लघु सचिवालय निर्माण पर 68 करोड़ रुपये लागत आने की संभावना है। हालांकि डिटेल एस्टीमेट में यह राशि 40 करोड़ तक सीमित रह सकती है।
विज्ञापन
लघु सचिवालय निर्माण के लिए चयनित जगह पर अधिकारियों के निवास और कर्मचारियों के क्वार्टर भी बनाए जाएंगे। अहम बात यह है कि लघु सचिवालय की बिल्डिंग हरी बनाई जाएगी और इस पर सामान्य से 10 प्रतिशत अधिक लागत आएगी।
विज्ञापन
जमीन के बदले राजस्व विभाग ने हुडा को दिए 52 करोड़
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हुडा सेक्टर-10 की जमीन पर लघु सचिवालय बनाने की घोषणा की थी। इसके बाद राजस्व विभाग ने जमीन अपने नाम ट्रांसफर करवाई। जमीन की एवज में राजस्व विभाग ने हुडा को करीब 52 करोड़ रुपये दिए है। 23.90 एकड़ जमीन पर लघु सचिवालय और अधिकारियों व कर्मचारियों के क्वार्टरों का निर्माण होना है।
मौजूदा भवन का दायरा पड़ रहा कम, किराये के भवनों में चल रहे विभाग
करीब नौ साल पहले मौजूदा लघु सचिवालय का निर्माण करवाया गया था। तीन मंजिला सचिवालय के भवन का दायरा कम पड़ रहा है। इसके चलते सरकारी विभाग शहर में अलग-अलग जगहों पर किराये के भवनों में चल रहे हैं। विभागों के कार्यालय अलग-अलग जगह होने से लोगों को बेहद परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुुसार नया भवन चार मंजिला बनाया जाएगा।
पटवारी बैठ रहे अलग-अलग जगह, लोगों को हो रही दिक्कतें
शहर में सभी पटवारियों के एक छत के नीचे बैठने की जगह तक नहीं है। इसके कारण पटवारियों के दफ्तर अलग-अलग जगहों पर छोटे-छोटे भवनों में चल रहे हैं। पटवारियों को ढूंढ़ने में लोगों को पूरा दिन निकल जाता है। इतना ही कुछ विभागों के कार्यालय तो शहर से करीब चार किलोमीटर दूर स्थित किसान मॉडल स्कूल परिसर के भवन में चल रहे हैं।
लघु सचिवालय निर्माण के लिए नक्शा और रफ एस्टीमेट हमने सरकार को भेज दिया है। स्वीकृति मिलते ही डिटेल एस्टीमेट तैयार करेंगे और इसके तुरंत बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।
सोमबीर दहिया, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी
लघु सचिवालय निर्माण के प्रोजेक्ट को प्रशासन जल्द से जल्द सिरे चढ़वा देगा। सरकार की अनुमति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। नए लघु सचिवालय की ग्रीन बिल्डिंग बनाई जाएगी।
राजेश जोगपाल, डीसी।