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Charkhi Dadri News: दोनों हलकों में नृपेंद्र सिंह के नाम है सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड
Mon, 23 Sep 2024 05:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 23 Sep 2024 05:28 AM IST
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पूर्व विधायक नृपेंद्र सिंह ।
फ्लैश बैक:
बाढड़ा हलके से साल 1996 में हविपा के टिकट पर चुनाव लड़कर नृपेंद्र सिंह ने 27,427 वोटों से हासिल की थी जीत, सबसे बड़ी जीत का अब तक कोई नहीं तोड़ पाया रिकॉर्ड
- दादरी हलके में पूर्व विधायक सोमबीर सांगवान के नाम है सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी/बाढड़ा। जिले में हुए 13 चुनावों में दोनों हलकों में सबसे अधिक वोट से जीतने का रिकॉर्ड पूर्व विधायक नृपेंद्र सिंह के नाम है। आज तक उनके इस रिकॉर्ड को कोई नहीं तोड़ पाया है। वहीं, दादरी हलके से पूर्व विधायक सोमबीर सांगवान के नाम सबसे बड़ी जीत रही है।
बाढड़ा का चुनावी इतिहास रोचक रहा है। कई रिकॉर्ड बाढड़ा हलके के नाम दर्ज हैं। सबसे अधिक वोटों से जीत हासिल करने का रिकॉर्ड भी बाढड़ा के नाम है। दादरी हलके के प्रत्याशियों का चुनावी मार्जिन देखें तो इसमें प्रत्याशियों का अधिकतम मार्जिन केवल 14 हजार मत रहा है। इससे पहले किसी ने 14 हजार मत अधिक लेकर जीत प्राप्त नहीं की है।
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साल 2019 के चुनाव में निर्दलीय पूर्व विधायक सोमबीर सांगवान ने हलके से यह जीत हासिल की थी। इससे पहले साल 1996 में पूर्व विधायक सतपाल सांगवान ने 11,421 मत अधिक लेकर जीत हासिल की थी। इनके अलावा कभी मार्जिन का आंकड़ा दस हजार से ऊपर नहीं बढ़ पाया है।
वहीं, बाढड़ा हलके की बात करें तो नृपेंद्र सिंह ही एक रिकॉर्ड धारी हैं, जिनका बनाया रिकॉर्ड आज तक नहीं टूट पाया है। उन्होंने 1996 में हविपा से चुनाव लड़कर अपने प्रतिद्वंद्वी रविंद्र को 27,427 मतों से हराया और चुनावी मैदान में अपना रिकॉर्ड कायम किया। 28 साल बाद उनका रिकॉर्ड बरकरार है। हालांकि, इसके बाद उन्होंने तीन और चुनाव लड़े, लेकिन बाद में जीत हासिल नहीं हुई। साल 2005 के चुनाव में धर्मबीर ने कांग्रेस से चुनाव लड़ा और 17,236 के मार्जिन से विजय प्राप्त की।
अगर दोनों हलकों में सबसे कम मार्जिन प्राप्त करने वाले विधायकों पर गौर करें तों जिला व दादरी हलके में सबसे कम मार्जिन साल 1991 के चुनाव में रहा। इसमें धर्मपाल सिंह ने हविपा से चुनाव लड़ा और मात्र 80 वोट अधिक लेकर चुनाव जीता। इनका रिकॉर्ड भी आज तक कायम है। इतने मतों के अंतर जीतने वाले यह एकमात्र उम्मीदवार हैं। बाढड़ा में न्यूनतम वोट मार्जिन रघबीर छिल्लर ने 709 वोट अधिक लेकर बनाया था।
- बेटे ने तोड़ा पिता का रिकॉर्ड
साल 1991 में हविपा से अत्तर सिंह ने अपने प्रतिद्वंद्वी दलबीर सिंह से 15,770 वोट अधिक लेकर मार्जिन रिकॉर्ड बनाया था। इसके बाद उन्होंने राजनीतिक सफर रोक दिया और अपने स्थान पर बेटे नृपेंद्र सिंह को चुनावी मैदान में उतारा। साल 1996 में नृपेंद्र ने अपने ही पिता का रिकॉर्ड तोड़कर जीत हासिल की थी।
फोटो - 09
पूर्व विधायक नृपेंद्र सिंह ।
फोटो - 10
पूर्व विधायक सोमबीर सांगवान ।
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बाढड़ा हलके से साल 1996 में हविपा के टिकट पर चुनाव लड़कर नृपेंद्र सिंह ने 27,427 वोटों से हासिल की थी जीत, सबसे बड़ी जीत का अब तक कोई नहीं तोड़ पाया रिकॉर्ड
- दादरी हलके में पूर्व विधायक सोमबीर सांगवान के नाम है सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी/बाढड़ा। जिले में हुए 13 चुनावों में दोनों हलकों में सबसे अधिक वोट से जीतने का रिकॉर्ड पूर्व विधायक नृपेंद्र सिंह के नाम है। आज तक उनके इस रिकॉर्ड को कोई नहीं तोड़ पाया है। वहीं, दादरी हलके से पूर्व विधायक सोमबीर सांगवान के नाम सबसे बड़ी जीत रही है।
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बाढड़ा का चुनावी इतिहास रोचक रहा है। कई रिकॉर्ड बाढड़ा हलके के नाम दर्ज हैं। सबसे अधिक वोटों से जीत हासिल करने का रिकॉर्ड भी बाढड़ा के नाम है। दादरी हलके के प्रत्याशियों का चुनावी मार्जिन देखें तो इसमें प्रत्याशियों का अधिकतम मार्जिन केवल 14 हजार मत रहा है। इससे पहले किसी ने 14 हजार मत अधिक लेकर जीत प्राप्त नहीं की है।
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साल 2019 के चुनाव में निर्दलीय पूर्व विधायक सोमबीर सांगवान ने हलके से यह जीत हासिल की थी। इससे पहले साल 1996 में पूर्व विधायक सतपाल सांगवान ने 11,421 मत अधिक लेकर जीत हासिल की थी। इनके अलावा कभी मार्जिन का आंकड़ा दस हजार से ऊपर नहीं बढ़ पाया है।
वहीं, बाढड़ा हलके की बात करें तो नृपेंद्र सिंह ही एक रिकॉर्ड धारी हैं, जिनका बनाया रिकॉर्ड आज तक नहीं टूट पाया है। उन्होंने 1996 में हविपा से चुनाव लड़कर अपने प्रतिद्वंद्वी रविंद्र को 27,427 मतों से हराया और चुनावी मैदान में अपना रिकॉर्ड कायम किया। 28 साल बाद उनका रिकॉर्ड बरकरार है। हालांकि, इसके बाद उन्होंने तीन और चुनाव लड़े, लेकिन बाद में जीत हासिल नहीं हुई। साल 2005 के चुनाव में धर्मबीर ने कांग्रेस से चुनाव लड़ा और 17,236 के मार्जिन से विजय प्राप्त की।
अगर दोनों हलकों में सबसे कम मार्जिन प्राप्त करने वाले विधायकों पर गौर करें तों जिला व दादरी हलके में सबसे कम मार्जिन साल 1991 के चुनाव में रहा। इसमें धर्मपाल सिंह ने हविपा से चुनाव लड़ा और मात्र 80 वोट अधिक लेकर चुनाव जीता। इनका रिकॉर्ड भी आज तक कायम है। इतने मतों के अंतर जीतने वाले यह एकमात्र उम्मीदवार हैं। बाढड़ा में न्यूनतम वोट मार्जिन रघबीर छिल्लर ने 709 वोट अधिक लेकर बनाया था।
- बेटे ने तोड़ा पिता का रिकॉर्ड
साल 1991 में हविपा से अत्तर सिंह ने अपने प्रतिद्वंद्वी दलबीर सिंह से 15,770 वोट अधिक लेकर मार्जिन रिकॉर्ड बनाया था। इसके बाद उन्होंने राजनीतिक सफर रोक दिया और अपने स्थान पर बेटे नृपेंद्र सिंह को चुनावी मैदान में उतारा। साल 1996 में नृपेंद्र ने अपने ही पिता का रिकॉर्ड तोड़कर जीत हासिल की थी।
फोटो - 09
पूर्व विधायक नृपेंद्र सिंह ।
फोटो - 10
पूर्व विधायक सोमबीर सांगवान ।