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किसान आंदोलन-2 नस्ल और फसल बचाने की लड़ाई : कृष्ण फौगाट
Wed, 13 Mar 2024 02:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 13 Mar 2024 02:54 AM IST
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चरखी दादरी। नेशनल हाईवे-152 डी के पास किसान आंदोलन के समर्थन में जनसंगठनों का धरना मंगलवार को भी जारी रहा। धरने की अध्यक्षता करते हुए सर्वजातीय फौगाट खाप प्रधान बलवंत नंबरदार, श्योराण खाप प्रधान बिजेंद्र बेरला, सुरेंद्र सिंह कुब्जानगर, हवेली खाप से प्रभुराम गोदारा, किसान नेता रणधीर कुंगड़ और राजकुमार हड़ौदी ने कॉरपोरेट घरानों पर तंज कसे।
उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति के प्रतिनिधि सुशील, महेंद्र सिंह सरोहा और राजकुमार घिकाड़ा ने मौके पर पहुंचकर धरने को समर्थन दिया। कृष्ण फौगाट ने कहा कि अभी तो जैसे तैसे कठिन परिस्थितियों में खेती कर रहे हैं लेकिन कॉरपोरेट जगत एक प्लान के तहत अपनी ही जमीन पर आने वाली पीढ़ी को बंधुआ मजदूर बना देगी। यह नस्लों और फसलों को बचाने की लड़ाई है। यह आंदोलन किसी सरकार या व्यक्ति के खिलाफ नहीं बल्कि व्यवस्था के खिलाफ लड़ाई है।
सुरेश फौगाट ने कहा कि भारत की 75 प्रतिशत जनसंख्या खेती पर निर्भर है और देश की अर्थव्यवस्था का सारा श्रेय खेती-बाड़ी को जाता है। इसलिए एमएसपी पर प्रतिवर्ष 16 लाख करोड़ रुपये खर्च कोई बड़ी पूंजी नहीं है। पूर्व संसदीय सचिव रण सिंह मान ने कहा कि भाजपा और आरएसएस ने मोदी की गारंटी नाम से प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर गारंटी देनी है तो किसानों के लिए एमएसपी कानून बनाए। दलबीर गांधी ने कहा कि किसानों को एकजुट होकर सरकार से लड़ना पड़ेगा। फौगाट खाप के सचिव सुरेश फौगाट ने संचालन किया।
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- धरनास्थल पर ये भी रहे मौजूद
धरनास्थल पर पूर्व सरपंच रामफल, पूर्व पार्षद वीरेंद्र पप्पू, लीला समसपुर, धर्मपाल महाराणा, पूर्व सरपंच सुरेश, जोरावर, जीता, पूर्व सरपंच जगबीर, सतबीर फौगाट, रघबीर, डाॅ. चंदन, सुरेंद्र शर्मा, जयभगवान शर्मा आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति के प्रतिनिधि सुशील, महेंद्र सिंह सरोहा और राजकुमार घिकाड़ा ने मौके पर पहुंचकर धरने को समर्थन दिया। कृष्ण फौगाट ने कहा कि अभी तो जैसे तैसे कठिन परिस्थितियों में खेती कर रहे हैं लेकिन कॉरपोरेट जगत एक प्लान के तहत अपनी ही जमीन पर आने वाली पीढ़ी को बंधुआ मजदूर बना देगी। यह नस्लों और फसलों को बचाने की लड़ाई है। यह आंदोलन किसी सरकार या व्यक्ति के खिलाफ नहीं बल्कि व्यवस्था के खिलाफ लड़ाई है।
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सुरेश फौगाट ने कहा कि भारत की 75 प्रतिशत जनसंख्या खेती पर निर्भर है और देश की अर्थव्यवस्था का सारा श्रेय खेती-बाड़ी को जाता है। इसलिए एमएसपी पर प्रतिवर्ष 16 लाख करोड़ रुपये खर्च कोई बड़ी पूंजी नहीं है। पूर्व संसदीय सचिव रण सिंह मान ने कहा कि भाजपा और आरएसएस ने मोदी की गारंटी नाम से प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर गारंटी देनी है तो किसानों के लिए एमएसपी कानून बनाए। दलबीर गांधी ने कहा कि किसानों को एकजुट होकर सरकार से लड़ना पड़ेगा। फौगाट खाप के सचिव सुरेश फौगाट ने संचालन किया।
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- धरनास्थल पर ये भी रहे मौजूद
धरनास्थल पर पूर्व सरपंच रामफल, पूर्व पार्षद वीरेंद्र पप्पू, लीला समसपुर, धर्मपाल महाराणा, पूर्व सरपंच सुरेश, जोरावर, जीता, पूर्व सरपंच जगबीर, सतबीर फौगाट, रघबीर, डाॅ. चंदन, सुरेंद्र शर्मा, जयभगवान शर्मा आदि मौजूद रहे।