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Charkhi Dadri News: कोच न सामान, खिलाड़ी कैसे मारें मैदान
Tue, 28 Oct 2025 01:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 28 Oct 2025 01:35 AM IST
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बेरला के खेल मैदान में वॉलीबॉल खेलते खिलाड़ी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
बाढड़ा। बाढड़ा उपमंडल के बड़े गांवों में शामिल गांव बेरला में स्टेडियम बनाने की मांग लगातार उठ रही है। गांव बेरला में हर रोज 150 से 200 खिलाड़ी खेलों का अभ्यास करने के साथ-साथ व्यायाम करने और दौड़ लगाने के लिए आते हैं। 10 हजार लोगों की आबादी वाले गांव में स्टेडियम के नाम पर एक छोटा मैदान है। इसमें सुविधाओं का अभाव है। सवाल यह कि यहां न तो कोच हैं न सामान फिर खिलाड़ी कैसे मारें मैदान।
मैदान में कुछ वर्ष पहले व्यायामशाला का निर्माण कर दिया गया। इससे दौड़ का 400 मीटर का ट्रैक खत्म हो गया। क्रिकेट का मैदान भी नहीं बचा। सेना में भर्ती के लिए यहां दौड़ लगाने आने वाले युवाओं की मांग है कि सरकार की ओर से गांव में स्टेडियम का निर्माण करवाया जाए ताकि युवा नशे की चपेट में आने के बजाय खेलों में अपनी रुचि बढ़ा सकें।
पंचायत ने अब सामान करवाया उपलब्ध : लंबे समय से युवा खेल का सामान उपलब्ध करवाने की मांग कर रहे थे। अब कुछ दिनों पहले ही ग्राम पंचायत बेरला की ओर से खिलाड़ियों को वॉलीबाल, क्रिकेट, बैडमिंटन आदि का सामान उपलब्ध करवाया गया है। खिलाड़ियों के लिए कोई कोच नहीं है। ऐसे में खिलाड़ी जमकर मेहनत नहीं कर पा रहे हैं। सेना की तैयारी करने वाले युवाओं को भी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
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स्टेडियम बनाने की उठाई मांग : खिलाड़ी विक्की श्योराण, रिंकू बड़गुजर, पंकज, दीपक, मनीष, अजय, संदीप आदि ने मांग उठाई कि गांव में स्टेडियम का निर्माण करवाया जाए। यहां पर स्टेडियम बनने के बाद आसपास के छोटे गांव के खिलाड़ी भी तैयारी कर सकते हैं। गांव के पास काफी पंचायती भूमि है, जहां स्टेडियम का निर्माण करवाया जा सकता है।
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बाढड़ा। बाढड़ा उपमंडल के बड़े गांवों में शामिल गांव बेरला में स्टेडियम बनाने की मांग लगातार उठ रही है। गांव बेरला में हर रोज 150 से 200 खिलाड़ी खेलों का अभ्यास करने के साथ-साथ व्यायाम करने और दौड़ लगाने के लिए आते हैं। 10 हजार लोगों की आबादी वाले गांव में स्टेडियम के नाम पर एक छोटा मैदान है। इसमें सुविधाओं का अभाव है। सवाल यह कि यहां न तो कोच हैं न सामान फिर खिलाड़ी कैसे मारें मैदान।
मैदान में कुछ वर्ष पहले व्यायामशाला का निर्माण कर दिया गया। इससे दौड़ का 400 मीटर का ट्रैक खत्म हो गया। क्रिकेट का मैदान भी नहीं बचा। सेना में भर्ती के लिए यहां दौड़ लगाने आने वाले युवाओं की मांग है कि सरकार की ओर से गांव में स्टेडियम का निर्माण करवाया जाए ताकि युवा नशे की चपेट में आने के बजाय खेलों में अपनी रुचि बढ़ा सकें।
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पंचायत ने अब सामान करवाया उपलब्ध : लंबे समय से युवा खेल का सामान उपलब्ध करवाने की मांग कर रहे थे। अब कुछ दिनों पहले ही ग्राम पंचायत बेरला की ओर से खिलाड़ियों को वॉलीबाल, क्रिकेट, बैडमिंटन आदि का सामान उपलब्ध करवाया गया है। खिलाड़ियों के लिए कोई कोच नहीं है। ऐसे में खिलाड़ी जमकर मेहनत नहीं कर पा रहे हैं। सेना की तैयारी करने वाले युवाओं को भी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
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स्टेडियम बनाने की उठाई मांग : खिलाड़ी विक्की श्योराण, रिंकू बड़गुजर, पंकज, दीपक, मनीष, अजय, संदीप आदि ने मांग उठाई कि गांव में स्टेडियम का निर्माण करवाया जाए। यहां पर स्टेडियम बनने के बाद आसपास के छोटे गांव के खिलाड़ी भी तैयारी कर सकते हैं। गांव के पास काफी पंचायती भूमि है, जहां स्टेडियम का निर्माण करवाया जा सकता है।