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Charkhi Dadri News: स्वास्थ्य विभाग के पास ईएमटी पर्याप्त हैं न एंबुलेंस चालक, मरीज झेल रहे परेशानी

Tue, 01 Oct 2024 04:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Tue, 01 Oct 2024 04:40 AM IST
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problem of ambulence services
जिले में ईएमटी के 24 तो एंबुलेंस चालकों के 37 पद खाली, फील्ड टीमों के लिए विभाग के पास गाड़ियां भी नहीं
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- कई बार मांग मुख्यालय भेजने के बाद भी नहीं हो पाई चालक व ईएमटी के रिक्त पदों पर तैनाती



संवाद न्यूज एजेंसी

चरखी दादरी। जिला स्वास्थ्य विभाग विशेषज्ञों और संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। आलम यह है कि ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) के 24 और एंबुलेंस चालकों के 37 पद खाली पड़े हैं। इसके अलावा विभाग के पास फील्ड वर्क के लिए एक भी गाड़ी नहीं है।



इन कमियों के चलते विभागीय कामकाज से लेकर स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हैं। सीधे तौर पर मरीजों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि विशेषज्ञों और संसाधनों की कमी दूर करने के लिए मुख्यालय मांग भेजी जा चुकी है।
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स्वास्थ्य विभाग की बात करें तो इस समय 19 एंबुलेंस हैं। ऐसे में विभाग के पास नियमानुसार 69 चालक होने चाहिए, जबकि इस समय 37 ही चालक हैं। फिलहाल, चालकों के 32 पद खाली हैं। इसके अलावा जिले में ईएमटी के 38 पद सृजित हैं, तैनात 14 ही हैं। इस समय ईएमटी के 24 पद खाली हैं।
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ईएमटी की कमी के चलते कई बार मरीजों को एंबुलेंस में अकेले ही पीजीआई या अन्य जिला अस्पतालों में रेफर किया जाता है। दूसरी ओर विभागीय मौजूदा ईएमटी से ही जैसे-तैसे व्यवस्था बनाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन बात नहीं बन पा रही है। एंबुलेंस सेवा नोडल अधिकारी डॉ. अंकुर का कहना है कि जल्द ही ईएमटी और चालकों की कमी दूर करवाई जाएगी। इसके लिए वे लगातार प्रयासरत हैं।

इसके अलावा अहम बात यह है कि फील्ड वर्क के लिए विभाग के पास फिलहाल एक भी गाड़ी नहीं है। ब्लड लाने और अन्य कामों के लिए प्रतिदिन विभाग को एक गाड़ी भिवानी या दूसरे जिलों में भेजनी पड़ती है। इसके अलावा स्वास्थ्य केंद्रों के निरीक्षण समेत अन्य कामों के लिए भी विभाग को गाड़ी की जरूरत पड़ती है।

सूत्रों के अनुसार, इस समय विभाग को 14 गाड़ियों की जरूरत है। लेकिन, बार-बार मांग भेजने के बाद भी जिला स्वास्थ्य विभाग को गाड़ियां नहीं मिल पाई हैं। सिविल अस्पताल से लेकर मातृ-शिशु अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर नई गाड़ियों की दरकार है।



- हर माह 200 से अधिक मरीज किए जाते हैं रेफर



सिविल अस्पताल से हर माह 200 से अधिक मरीज रोहतक पीजीआई या अन्य संस्थानों में रेफर किए जाते हैं। इनमें गर्भवती महिलाएं, सड़क दुर्घटना के घायल और गंभीर बीमारियों से ग्रस्त अन्य मरीज शामिल हैं। इन्हें वहां तक पहुंचाने के लिए ईएमटी जरूरी है, क्योंकि रास्ते में अगर किसी मरीज की तबीयत बिगड़ती है तो ईएमटी उसका उपचार करता है।




किस स्वास्थ्य केंद्र को चाहिए कितनी गाड़ी


स्वास्थ्य केंद्र गाड़ी चाहिए

सीएचसी 3

सीएमओ ऑफिस 9

एमसीएच 1

सिविल अस्पताल 1

वर्जन::
ईएमटी और चालकों की कमी है। फिर भी मौजूदा संसाधनों से हम हरसंभव व्यवस्था बनाने का प्रयास कर रहे हैं। इनकी तैनाती के लिए मुख्यालय मांग भेजी जा चुकी है। जल्द ही यह मांग पूरी होने की उम्मीद है।



-डॉ. अंकुर, डिप्टी सीएमओ एवं एंबुलेंस सेवा नोडल अधिकारी



फोटो 33



सिविल अस्पताल परिसर में खड़ी एंबुलेंस। संवाद
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