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दूसरे दिन 10 हजार क्विंटल बाजरे की हुई खरीद
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अनाज मंडी में वीरवार को 200 किसानों को खरीद के लिए गेट पास जारी किए गए। 10 हजार क्विंटल बाजरे की सरकारी खरीद की गई। खरीद के लिए अब ऑनलाइन सिस्टम अपडेट होने की वजह से काफी हद तक परेशानी दूर हुई है। वीरवार को अनाज मंडी में निर्धारित शेड्यूल के अनुरूप में छह गांवों के किसानों को बुलाया गया। सुबह ही किसानों का मंडी में पहुंचना शुरू हो गया था। किसानों को मोबाइल मेसेज कर खरीद के लिए बुलाया जाता है। जिन किसानों के पास मेसेज पहुंचता है उन्हीं किसानों को गेट पास जारी किए जाते हैं। गेट पास जारी करने के बाद बारी-बारी से इन किसानों से बाजरे की खरीद की जाती है।
वीरवार को 200 किसानों को गेट पास जारी किए गए। सांय तक इन सभी किसानों का बाजरा खरीद लिया गया। जो किसान बुधवार को वंचित रह गए थे उन किसानों का भी बाजरा खरीदा गया। इस प्रकार दो रोज में मंडी में अब तक 15 हजार क्विंटल बाजरा की सरकारी खरीद हो चुकी है। बुधवार को पांच हजार और वीरवार को 10 हजार क्विंटल बाजरा की खरीद गई है। एक किसान से एक गेट पास पर 40 क्विंटल बाजरा ही खरीदा जा रहा है। एक बार सभी गांवों की बारी पूरी होने के बाद जब दूसरा राउंड शुरू होगा तो किसान के अतिरिक्त बाजरा की खरीद की जा सकेगी। इसमें उन किसानों की फसल भी खरीदी जा सकेगी जो एक बार टोकन ले चुके हैं। जिलेे में इस बार 37 हजार 600 हेक्टेयर क्षेत्र में बाजरा की बिजाई हुई थी। गत वर्ष की तुलना में करीब तीन हजार हेक्टेयर क्षेत्र कम है। मार्केट कमेटी सुपरवाइजर रामकिशन का कहना है कि मंडी में अब खरीद कार्य सुचारू रूप से होनेे लगा है। किसानों के दस्तावेज संबंधी दिक्कतों का निवारण कर दिया गया है। जो किसान ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकृत हैं उनका ही बाजरा खरीदा जा रहा है। जिले में कुल 28 हजार किसानों ने बाजरा का पंजीकरण करवा रखा है। बाजरा की खरीद के बाद उठान का भी साथ- साथ प्रबंध किया जा रहा है। पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध है। खरीद के बाद किसानों के बैंक खाते में पेमेंट भेजी जाएगी। मंडी में किसानों के लिए पेयजल व अन्य सुविधाओं की व्यवस्था है। बारिश से बचाव के लिए तिरपाल की व्यवस्था की गई है।
फोटो-30
मंडी में बाजरा पर तिरपाल ढकते हुए ।
फोटो-31
मंडी में पड़ी बाजरा की ढेरियां ।
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वीरवार को 200 किसानों को गेट पास जारी किए गए। सांय तक इन सभी किसानों का बाजरा खरीद लिया गया। जो किसान बुधवार को वंचित रह गए थे उन किसानों का भी बाजरा खरीदा गया। इस प्रकार दो रोज में मंडी में अब तक 15 हजार क्विंटल बाजरा की सरकारी खरीद हो चुकी है। बुधवार को पांच हजार और वीरवार को 10 हजार क्विंटल बाजरा की खरीद गई है। एक किसान से एक गेट पास पर 40 क्विंटल बाजरा ही खरीदा जा रहा है। एक बार सभी गांवों की बारी पूरी होने के बाद जब दूसरा राउंड शुरू होगा तो किसान के अतिरिक्त बाजरा की खरीद की जा सकेगी। इसमें उन किसानों की फसल भी खरीदी जा सकेगी जो एक बार टोकन ले चुके हैं। जिलेे में इस बार 37 हजार 600 हेक्टेयर क्षेत्र में बाजरा की बिजाई हुई थी। गत वर्ष की तुलना में करीब तीन हजार हेक्टेयर क्षेत्र कम है। मार्केट कमेटी सुपरवाइजर रामकिशन का कहना है कि मंडी में अब खरीद कार्य सुचारू रूप से होनेे लगा है। किसानों के दस्तावेज संबंधी दिक्कतों का निवारण कर दिया गया है। जो किसान ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकृत हैं उनका ही बाजरा खरीदा जा रहा है। जिले में कुल 28 हजार किसानों ने बाजरा का पंजीकरण करवा रखा है। बाजरा की खरीद के बाद उठान का भी साथ- साथ प्रबंध किया जा रहा है। पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध है। खरीद के बाद किसानों के बैंक खाते में पेमेंट भेजी जाएगी। मंडी में किसानों के लिए पेयजल व अन्य सुविधाओं की व्यवस्था है। बारिश से बचाव के लिए तिरपाल की व्यवस्था की गई है।
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मंडी में बाजरा पर तिरपाल ढकते हुए ।
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मंडी में पड़ी बाजरा की ढेरियां ।