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Charkhi Dadri News: सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में शौचालयों की कुई का मल डालने के लिए दो साल से प्लेटफार्म बनने का इंतजार

Wed, 23 Sep 2026 01:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Wed, 23 Sep 2026 01:49 AM IST
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Waiting for two years for the construction of a platform at the sewage treatment plant to discharge sludge from toilet soak pits
दिल्ली रोड स्थित सीवर प्लांट।  - फोटो : 1
चरखी दादरी। सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में प्लेटफार्म नहीं बनने से टैंकर होल्डर शौचालयों की कुई का मल सार्वजनिक स्थानों पर डालने को विवश हैं। जिले में करीब 20 टैंकरों का मल उठान के लिए पंजीकरण कर रखा है। स्वच्छता मिशन 2.0 के तहत कुई के मल का सीवर प्लांटों में निस्तारण होना है।
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सीवरेज प्लांट में मल डालने के लिए दो साल से प्लेटफार्म नहीं बन सका है। शहर की बाहरी बस्तियाें व गांवों में प्रत्येक घर में शौचालयों की कुई बनी हैं। सार्वजनिक स्थानों पर शौचालयों का मल डालने से आसपास का वातावरण प्रदूषित हो रहा है।
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शौचालयों की कुई की सफाई करवाने के लिए टैंकर होल्डर्स को पहचान-पत्र जारी कर रखे हैं। इनको अलग से पोर्टल के लिए पासवर्ड व आईडी भी जारी किए गए हैं। प्राइवेट टैंकर धारक को कुई साफ करने की अनुमति नहीं है। विभाग मल के निस्तारण की दिशा में स्वच्छता मिशन 2.0 के तहत काम कर रहा है।
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आसपास के क्षेत्र में खुले में डाल देते मल
तकरीबन सभी लोगों ने घरों में शौचालयों की कुई बनवा रखी हैं इनमें मल एकत्रित होता है। कुछ समय के अंतराल में कुई भर जाती है। इनको साफ करना जरूरी हो जाता है। विभाग की योजना है कि स्वच्छता मिशन के तहत मल का भी सही ढंग से निस्तारण हो ताकि वायु प्रदूषण खराब न हो और लोगों को भी परेशानी न हो।
इसके लिए जनस्वास्थ्य विभाग ने शहरों में सीवर प्लांट परिसर में अलग से जगह तय करने की योजना बना रखी है ताकि कुई के मल को इस जगह पर खाली किया जा सके। फिलहाल आमतौर पर लोग कुई को खाली करवाकर मल को आसपास के क्षेत्र में खुले में डाल देते हैं जिससे वायु प्रदूषण बढ़ता है और इससे बीमारियां भी फैलती हैं। आसपास का क्षेत्र दुर्गंधमय बन जाता है ,इससे लोगों को परेशानी होती है।
मालिक से वसूला जा रहा किराया
विभाग की योजना के अनुसार टैंकर हॉयर कर रखे हैं जो कुइयों से मल का उठान करते हैं। 20 से ज्यादा टैंकर धारकों के पंजीकरण किए जा चुके हैं। पंजीकृत टैंकर होल्डर ही कुई को खाली कर सकते हैं। टैंकर धारक शौचालय मालिक से कुई से मल निकासी का किराया वसूलता है। यह किराया किलोमीटर के हिसाब से वसूला जाता है। एप या नंबर पर शौचालय मालिक कुई साफ करवाने के लिए सूचित कर सकता है।
सूचना के आधार पर टैंकर मौके पर पहुंचता है। शहर में तो अधिकतर शौचालय सीवर लाइनों से जुड़े हुए हैं जबकि गांवों में लोगों ने मकान के बाहर गली में कुई बना रखी हैं। टैंकर होल्डर्स को आई-कार्ड जारी कर रखे हैं। पंजीकृत टैंकर होल्डर्स ही कुई को साफ कर सकता है। प्राइवेट टैंकरधारक को इसकी अनुमति नहीं होगी।

वर्सन:
जल्द सीवर प्लांट में मल डालने के लिए प्लेटफार्म बनाया जाएगा। प्लांट में फिलहाल एक प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है,जैसे यह काम पूरा हो जाएगा, मल डालने के लिए प्लेटफार्म बनवा दिया जाएगा। तब तक प्लांट परिसर पाइप के जरिए मल डाला जा सकता है।- मुकेश कुमार, एसडीओे, जनस्वास्थ्य विभाग।
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