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हिंदी की देश में ही नहीं विदेशों में भी लोकप्रियता

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 05 Sep 2021 12:17 AM IST
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Popularity of Hindi not only in the country but also abroad
प्रतिभागियों को सम्मानित करते हुए विद्यालय प्रबंधन समिति सदस्य। - फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। गांव डोहका स्थित एआरईडी स्कूल में हिंदी को बढ़ावा देने के लिए हिंदी हैं हम के तहत विचार गोष्ठी करवाई गई। विचार गोष्ठी में 22 प्रतिभागियों ने भाग लिया और अपने विचार रखे। प्रतिभागियों ने कहा कि आज हिंदी की देश में नहीं, बल्कि विदेशों में भी लोकप्रियता है। इसको बनाए रखने और बढ़ावा देने के लिए हमें अधिक से अधिक प्रयास करने होंगे।
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अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से गई विचार गोष्ठी की शुरुआत सुबह 11 बजे हुई। प्रधानाचार्य शर्मिला कुमारी ने विद्यार्थियों को आयोजन के उद्देश्य के बारे में विस्तार से बताया। इसके बाद मां सरस्वती की प्रतिमा समक्ष दीप प्रज्वलित कर आयोजन का शुभारंभ किया गया। विचार गोष्ठी में आठवीं से 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों ने भाग लिया। यह कार्यक्रम करीब एक घंटे चले कार्यक्रम और विद्यार्थियों और शिक्षकों ने हिंदी को बढ़ावा देने के लिए हरसंभव प्रयत्न करने का संकल्प लिया। प्रधानाचार्य शर्मिला कुमारी ने अमर उजाला मुहिम की जानकारी विद्यार्थियों को दी और इससे जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि हिंदी विश्व की सरल और सभ्य भाषा है। इसे बुलंदियों पर ले जाने के लिए प्रत्येक नागरिक को सहयोग करना होगा। स्कूल निदेशक राजकुमार ने कहा कि हिंदी को बढ़ावा देने की मुहिम सराहनीय है और प्रत्येक नागरिक को इसमें सहयोग करना चाहिए।
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भाषाओं को जितना ज्ञान हो उतना ही कम
भाषाओं का जितना ज्ञान हो, उतना ही कम है। हिंदी को बढ़ावा देने के लिए युवा वर्ग को आगे आने चाहिए। युवा अंग्रेजी समेत अन्य भाषाएं भी सीखें, लेकिन हिंदी को तवज्जो जरूर दें।
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अमन शर्मा, छात्र
हिंदी से बेहतर कोई भाषा नहीं है। इस भाषा के जरिये रोजगार की भी अपार संभावना है। अब तो विदेशी नागरिक भी हिंदी सीखने के लिए आगे आ रहे हैं, जो हमारे लिए गौरव की बात है।
धर्मेंद्र, छात्र
हिंदी का अधिक से अधिक प्रचार प्रसार समय की मांग है। प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। अगर हमें हिंदी को शिखर तक ले जाना है तो सामूहिक प्रयास बेहद जरूरी है।

अनिमन, छात्रा
हिंदी विश्व में सबसे प्रख्यात भाषा है। इसको बढ़ावा देने के लिए सरकार, विभाग, प्रशासन और नागरिकों को अपना सहयोग करना चाहिए। इसके अलावा ज्यादातर विभागों में सभी कामकाज भी इसीभाषा में होना चाहिए।
कविता, छात्रा

 विचार गोष्ठी में अपनी अभिव्यक्ति देती छात्रा।

विचार गोष्ठी में अपनी अभिव्यक्ति देती छात्रा।- फोटो : CharkhiDadri

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