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Charkhi Dadri News: दूसरे दिन भी बेहद खराब की श्रेणी में बना रहा प्रदूषण का स्तर
Wed, 22 Oct 2025 10:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 22 Oct 2025 10:56 PM IST
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दादरी शहर में छाई स्मॉग की परत। संवाद
फोटो 30 : दादरी शहर में बनी स्मॉग की परत। संवाद
फोटो 31 : भगवान सिंह।
फोटो 32 : धर्मबीर सिंह।
-- , एक्यूआई 331, पीएम 2.5 अधिकतम 433 तक पहुंचा, जिले की सड़कों पर नहीं हो रहा पानी का छिड़काव
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। दीपावली पर्व के दो दिन बाद भी जिले में प्रदूषण का स्तर बेहद खराब की श्रेणी में बना हुआ है। बुधवार को जिले में एयर क्वालिटी इंडेक्स 331 तक दर्ज किया गया। वहीं, मंगलवार देर रात से लेकर बुधवार अलसुबह तक पीएम 2.5 का अधिकतम आंकड़ा 433 तथा पीएम 10 का आंकड़ा 402 तक दर्ज किया गया।
प्रदूषण का स्तर बढ़ने के कारण सुबह, शाम व रात के समय स्मॉग के हालात बने रहे। वहीं, दोपहर के समय धूप निकलने के कारण लोगों को प्रदूषण से थोड़ी राहत मिली। वायुमंडल में बढ़े प्रदूषण के स्तर के कारण लोग भी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। लोगों को आंखों में जलन, खुजली के अलावा सांस लेने में परेशानी, एलर्जी जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिसके कारण जिला के सरकारी व निजी अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
दीपावली पर्व से पहले तक जिले में एयर क्वालिटी इंडेक्स करीब 150 था लेकिन सोमवार रात को हुई आतिशबाजी के कारण प्रदूषण का स्तर अचानक बढ़ गया। मंगलवार को भी जिले में एक्यूआई 353 था, जो बुधवार को और अधिक बढ़कर औसत 362 तक पहुंच गया। चिकित्सकों का कहना है कि वर्षा होने, तेज हवा चलने से स्मॉग से छुटकारा मिल सकता है।
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नहीं हो रहा पानी का छिड़काव
दिल्ली व राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए पिछले सप्ताह ही ग्रैप-1 की पाबंदियां भी लागू हो चुकी हैं। ग्रैप की पाबंदियों के दौरान नगर परिषद व संबंधित विभागों की ओर से धूल न उड़े, इसके लिए सड़कों पर पानी का छिड़काव भी करवाना होता है। दादरी शहर के विभिन्न हिस्सों में सड़कों पर दिनभर धूल उड़ती रहती है। उसके बावजूद नगर परिषद की ओर से उन क्षेत्रों में पानी का छिड़काव नहीं करवाया जा रहा है। इस वजह से भी प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है।
क्या कहते हैं लोग
पिछले दो दिन से आंखों में जलन हो रही है। सांस लेने में भी परेशानी है। जो लोग पहले से दमा से पीड़ित हैं, उनकी परेशानियां अधिक बढ़ गई हैं। प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सभी को प्रयास करने चाहिए।
-- भगवान सिंह, दादरी।
-- -- --
दो दिनों से आकाश में कोहरा सा छाया हुआ है, यह स्मॉग है। आतिशबाजी इसका बड़ा कारण है। दादरी जिले में क्रशर जोन भी है और भारी वाहनों का भी आवागमन काफी अधिक है। इनके कारण उड़ने वाली धूल भी इसका बड़ा कारण है। आंखों में जलन, दर्द की परेशानी बढ़ रही है।
-- धर्मबीर सिंह, गांव कादमा।
बॉक्स :
एक्यूआई बढ़ने का मतलब वायु में प्रदूषण की मात्रा बढ़ना है। प्रदूषित वायु में मौजूद हानिकारक तत्वों के छोटे-छोटे कण सांस लेते समय शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। ये जहरीले कण दिल, फेफड़े और मस्तिष्क में पहुंच कर गंभीर बीमारियों को जन्म देते हैं। प्रदूषित वायु से कैंसर, दमा, खांसी, आंखों में जलन और एलर्जी होने की आशंका बनी रहती है। इस मौसम में लोगों को घर से बाहर कम से कम निकलना चाहिए। फेस मास्क का प्रयोग करें। आंखों में जलन होने पर समय-समय पर ठंडे पानी से धोते रहें।
- डॉ. मेजर योगेंद्र देशवाल, अध्यक्ष,
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन दादरी।
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फोटो 31 : भगवान सिंह।
फोटो 32 : धर्मबीर सिंह।
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। दीपावली पर्व के दो दिन बाद भी जिले में प्रदूषण का स्तर बेहद खराब की श्रेणी में बना हुआ है। बुधवार को जिले में एयर क्वालिटी इंडेक्स 331 तक दर्ज किया गया। वहीं, मंगलवार देर रात से लेकर बुधवार अलसुबह तक पीएम 2.5 का अधिकतम आंकड़ा 433 तथा पीएम 10 का आंकड़ा 402 तक दर्ज किया गया।
प्रदूषण का स्तर बढ़ने के कारण सुबह, शाम व रात के समय स्मॉग के हालात बने रहे। वहीं, दोपहर के समय धूप निकलने के कारण लोगों को प्रदूषण से थोड़ी राहत मिली। वायुमंडल में बढ़े प्रदूषण के स्तर के कारण लोग भी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। लोगों को आंखों में जलन, खुजली के अलावा सांस लेने में परेशानी, एलर्जी जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिसके कारण जिला के सरकारी व निजी अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
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दीपावली पर्व से पहले तक जिले में एयर क्वालिटी इंडेक्स करीब 150 था लेकिन सोमवार रात को हुई आतिशबाजी के कारण प्रदूषण का स्तर अचानक बढ़ गया। मंगलवार को भी जिले में एक्यूआई 353 था, जो बुधवार को और अधिक बढ़कर औसत 362 तक पहुंच गया। चिकित्सकों का कहना है कि वर्षा होने, तेज हवा चलने से स्मॉग से छुटकारा मिल सकता है।
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नहीं हो रहा पानी का छिड़काव
दिल्ली व राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए पिछले सप्ताह ही ग्रैप-1 की पाबंदियां भी लागू हो चुकी हैं। ग्रैप की पाबंदियों के दौरान नगर परिषद व संबंधित विभागों की ओर से धूल न उड़े, इसके लिए सड़कों पर पानी का छिड़काव भी करवाना होता है। दादरी शहर के विभिन्न हिस्सों में सड़कों पर दिनभर धूल उड़ती रहती है। उसके बावजूद नगर परिषद की ओर से उन क्षेत्रों में पानी का छिड़काव नहीं करवाया जा रहा है। इस वजह से भी प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है।
क्या कहते हैं लोग
पिछले दो दिन से आंखों में जलन हो रही है। सांस लेने में भी परेशानी है। जो लोग पहले से दमा से पीड़ित हैं, उनकी परेशानियां अधिक बढ़ गई हैं। प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सभी को प्रयास करने चाहिए।
दो दिनों से आकाश में कोहरा सा छाया हुआ है, यह स्मॉग है। आतिशबाजी इसका बड़ा कारण है। दादरी जिले में क्रशर जोन भी है और भारी वाहनों का भी आवागमन काफी अधिक है। इनके कारण उड़ने वाली धूल भी इसका बड़ा कारण है। आंखों में जलन, दर्द की परेशानी बढ़ रही है।
बॉक्स :
एक्यूआई बढ़ने का मतलब वायु में प्रदूषण की मात्रा बढ़ना है। प्रदूषित वायु में मौजूद हानिकारक तत्वों के छोटे-छोटे कण सांस लेते समय शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। ये जहरीले कण दिल, फेफड़े और मस्तिष्क में पहुंच कर गंभीर बीमारियों को जन्म देते हैं। प्रदूषित वायु से कैंसर, दमा, खांसी, आंखों में जलन और एलर्जी होने की आशंका बनी रहती है। इस मौसम में लोगों को घर से बाहर कम से कम निकलना चाहिए। फेस मास्क का प्रयोग करें। आंखों में जलन होने पर समय-समय पर ठंडे पानी से धोते रहें।
- डॉ. मेजर योगेंद्र देशवाल, अध्यक्ष,
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन दादरी।