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Charkhi Dadri News: 18 माह में लापता 283 लोगों में से 256 का पुलिस ने ढूंढा, 20 का अब तक नहीं लगा सुराग
Mon, 31 Jul 2023 12:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 31 Jul 2023 12:00 AM IST
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हनी सोनी
चरखी दादरी। जिले में गुमशुदगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। गत डेढ़ साल की बात करें तो जिले में 283 लोग लापता हुए जिनमें से 256 को पुलिस ने बरामद कर मामलों को रद्द कर दिया। वर्ष 2022-23 की बात करें तो 20 केस ऐसे हैं जिन्हें पुलिस ट्रेस नहीं कर पाई है और उनकी फाइल भी बंद है। वहीं, 7 मामलों की पुलिस अभी जांच कर रही है।
एक जनवरी 2022 से लेकर 30 जून 2023 तक जिले के दादरी सदर, दादरी सिटी, बाढड़ा, झोझूकलां और बौंदकलां थानों में दर्ज हुए गुमशुदगी के मामलों में सामने आया कि हर दूसरे दिन जिले से एक महिला या पुरुष लापता हुआ है। डेढ़ साल की इस समय अवधि में गुमशुदगी के 283 मामले दर्ज हुए हैं, जिनमें से पुलिस ने 256 मामलों में बरामदगी कर ली है। वर्ष 2022 के 16 मामले ऐसे हैं जो अनट्रेस हैं। इनमें लापता हुए शख्स का अब तक सुराग नहीं लग पाया है।
ओवरऑल स्थिति देखें तो गुमशुदगी के केस ट्रेस करने में जिला पुलिस की कामयाबी दर 90.45 प्रतिशत है। कई ऐसे मामले हैं जिनमें पुलिस ने दूसरे राज्यों से बरामदगी की है। गुमशुदा लोगों की बरामदगी के लिए पुलिस की ओर से ऑपरेशन मुस्कान भी चलाया गया, जिसके तहत कुछ मामलों में कामयाबी भी हाथ लगी। हालांकि तमाम प्रयासों के बावजूद पुलिस गुमशुदा हुए 20 लोगों तक नहीं पहुंच पाई है। गुमशुदगी के इन 20 मामलों की अभी जांच नहीं की जा रही है। संवाद
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- पुरुषों के मुकाबले महिलाएं हुईं ज्यादा लापता
जनवरी 2022 से लेकर 30 जून तक जिले से जो 283 लोग लापता हुए हैं उनमें महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक है। वर्ष 2022 की बात करें तो 111 महिलाएं व युवतियां लापता हुईं जिनमें से 109 को पुलिस ने बरामद कर लिया। इसी प्रकार वर्ष 2022 में 65 पुरुष लापता हुए जिनमें से 51 को पुलिस टीमों ने बरामद कर लिया। इसी प्रकार एक जनवरी 2023 से लेकर 30 जून तक 69 महिलाएं लापता हुईं जिनमें से 64 को पुलिस टीमों ने बरामद कर लिया। पुरुषों की बात करें तो इस वर्ष 38 लापता हुए जिनमें से 32 की बरामदगी कर ली गई है।
जानिये...जिले का गुमशुदगी के मामलों का रिकॉर्ड
वर्ष- केस दर्ज- केस रद्द- अनट्रेस
2022- 176-160-16
2023-107-96-4
- पुलिस के इन प्रयासों से परिवारों को मिली खोई खुशी
केस:1- तीन साल की बच्ची को मिलवाया दादी से
29 मई को झज्जर के खानपुर निवासी अंगूरी देवी अपनी तीन वर्षीय पोती के साथ बाला वाला मंदिर में दवा लेने आई थी। वहां से पाेती खेलते-खेलते बाहर चली गई और उसकी दादी के रोने पर एक व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने करीब दो घंटे बाद ही बच्ची को बरामद कर दादी को सौंप दिया।
केस:2- बुआ की जगह गोवा पहुंच गया किशोर, पुलिस ने किया बरामद
6 अप्रैल को मोरवाला निवासी रामजीलाल ने बेटे की गुमशुदगी की शिकायत दी थी। शिकायत के अनुसार उसका बेटा रोडवेज में बैठकर दादरी अपनी बुआ के पास जाने के लिए निकला था, लेकिन वहां नहीं पहुंचा। इसके बाद पुलिस टीम ने उसे गोवा के पणजी से बरामद किया। सीडब्ल्यूसी के समक्ष उसके बयान करवाए गए।
केस:3- दवा लेने के लिए निकली महिला जा पहुंची उज्जैन, एसआईटी ने ढूंढा
शहर निवासी एक महिला दवा लाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन लौटी नहीं। करीब 50 दिन तक महिला का सुराग नहीं लगा और एसपी नितिका गहलोत को इस संदर्भ में एसआईटी गठित करनी पड़ी। हालांकि इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए और एसआईटी ने उक्त महिला को उज्जैन से बरामद कर लिया।
केस:4- पेपर देने के लिए घर से निकला किशोर हुआ लापता, सीआईए ने ढूंढा
25 अप्रैल को महराणा निवासी एक व्यक्ति ने बेटे की गुमशुदगी की शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता के अनुसार उसका बेटा 12वीं कक्षा का पेपर देने के लिए घर से गया था, लेकिन लौटा नहीं। उक्त किशोर को सीआईए ने बरामद किया था। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि वो पेपर देने के बाद घूमने के लिए चला गया था।
वर्जन:
गुमशुदगी के ज्यादातर मामले पुलिस ट्रेस कर चुकी है। कुछ में अभी प्रयास जारी हैं। गुमशुदा हुए लोगों की बरामदगी के लिए पिछले डेढ़ साल में विशेष मुहिम भी चलाई गईं जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आए। जो मामले अनट्रेस हैं उन्हें पुलिस जल्द ट्रेस कर लेगी।
नितिका गहलोत, एसपी, चरखी दादरी
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चरखी दादरी। जिले में गुमशुदगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। गत डेढ़ साल की बात करें तो जिले में 283 लोग लापता हुए जिनमें से 256 को पुलिस ने बरामद कर मामलों को रद्द कर दिया। वर्ष 2022-23 की बात करें तो 20 केस ऐसे हैं जिन्हें पुलिस ट्रेस नहीं कर पाई है और उनकी फाइल भी बंद है। वहीं, 7 मामलों की पुलिस अभी जांच कर रही है।
एक जनवरी 2022 से लेकर 30 जून 2023 तक जिले के दादरी सदर, दादरी सिटी, बाढड़ा, झोझूकलां और बौंदकलां थानों में दर्ज हुए गुमशुदगी के मामलों में सामने आया कि हर दूसरे दिन जिले से एक महिला या पुरुष लापता हुआ है। डेढ़ साल की इस समय अवधि में गुमशुदगी के 283 मामले दर्ज हुए हैं, जिनमें से पुलिस ने 256 मामलों में बरामदगी कर ली है। वर्ष 2022 के 16 मामले ऐसे हैं जो अनट्रेस हैं। इनमें लापता हुए शख्स का अब तक सुराग नहीं लग पाया है।
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ओवरऑल स्थिति देखें तो गुमशुदगी के केस ट्रेस करने में जिला पुलिस की कामयाबी दर 90.45 प्रतिशत है। कई ऐसे मामले हैं जिनमें पुलिस ने दूसरे राज्यों से बरामदगी की है। गुमशुदा लोगों की बरामदगी के लिए पुलिस की ओर से ऑपरेशन मुस्कान भी चलाया गया, जिसके तहत कुछ मामलों में कामयाबी भी हाथ लगी। हालांकि तमाम प्रयासों के बावजूद पुलिस गुमशुदा हुए 20 लोगों तक नहीं पहुंच पाई है। गुमशुदगी के इन 20 मामलों की अभी जांच नहीं की जा रही है। संवाद
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- पुरुषों के मुकाबले महिलाएं हुईं ज्यादा लापता
जनवरी 2022 से लेकर 30 जून तक जिले से जो 283 लोग लापता हुए हैं उनमें महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक है। वर्ष 2022 की बात करें तो 111 महिलाएं व युवतियां लापता हुईं जिनमें से 109 को पुलिस ने बरामद कर लिया। इसी प्रकार वर्ष 2022 में 65 पुरुष लापता हुए जिनमें से 51 को पुलिस टीमों ने बरामद कर लिया। इसी प्रकार एक जनवरी 2023 से लेकर 30 जून तक 69 महिलाएं लापता हुईं जिनमें से 64 को पुलिस टीमों ने बरामद कर लिया। पुरुषों की बात करें तो इस वर्ष 38 लापता हुए जिनमें से 32 की बरामदगी कर ली गई है।
जानिये...जिले का गुमशुदगी के मामलों का रिकॉर्ड
वर्ष- केस दर्ज- केस रद्द- अनट्रेस
2022- 176-160-16
2023-107-96-4
- पुलिस के इन प्रयासों से परिवारों को मिली खोई खुशी
केस:1- तीन साल की बच्ची को मिलवाया दादी से
29 मई को झज्जर के खानपुर निवासी अंगूरी देवी अपनी तीन वर्षीय पोती के साथ बाला वाला मंदिर में दवा लेने आई थी। वहां से पाेती खेलते-खेलते बाहर चली गई और उसकी दादी के रोने पर एक व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने करीब दो घंटे बाद ही बच्ची को बरामद कर दादी को सौंप दिया।
केस:2- बुआ की जगह गोवा पहुंच गया किशोर, पुलिस ने किया बरामद
6 अप्रैल को मोरवाला निवासी रामजीलाल ने बेटे की गुमशुदगी की शिकायत दी थी। शिकायत के अनुसार उसका बेटा रोडवेज में बैठकर दादरी अपनी बुआ के पास जाने के लिए निकला था, लेकिन वहां नहीं पहुंचा। इसके बाद पुलिस टीम ने उसे गोवा के पणजी से बरामद किया। सीडब्ल्यूसी के समक्ष उसके बयान करवाए गए।
केस:3- दवा लेने के लिए निकली महिला जा पहुंची उज्जैन, एसआईटी ने ढूंढा
शहर निवासी एक महिला दवा लाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन लौटी नहीं। करीब 50 दिन तक महिला का सुराग नहीं लगा और एसपी नितिका गहलोत को इस संदर्भ में एसआईटी गठित करनी पड़ी। हालांकि इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए और एसआईटी ने उक्त महिला को उज्जैन से बरामद कर लिया।
केस:4- पेपर देने के लिए घर से निकला किशोर हुआ लापता, सीआईए ने ढूंढा
25 अप्रैल को महराणा निवासी एक व्यक्ति ने बेटे की गुमशुदगी की शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता के अनुसार उसका बेटा 12वीं कक्षा का पेपर देने के लिए घर से गया था, लेकिन लौटा नहीं। उक्त किशोर को सीआईए ने बरामद किया था। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि वो पेपर देने के बाद घूमने के लिए चला गया था।
वर्जन:
गुमशुदगी के ज्यादातर मामले पुलिस ट्रेस कर चुकी है। कुछ में अभी प्रयास जारी हैं। गुमशुदा हुए लोगों की बरामदगी के लिए पिछले डेढ़ साल में विशेष मुहिम भी चलाई गईं जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आए। जो मामले अनट्रेस हैं उन्हें पुलिस जल्द ट्रेस कर लेगी।
नितिका गहलोत, एसपी, चरखी दादरी