फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Charkhi Dadri News ›   PG seats in rural colleges are full, while less than half are filled in city colleges

Charkhi Dadri News: ग्रामीण कॉलेजों में पीजी की सीटें फुल, शहर के कॉलेजों में आधी भी नहीं भरीं

Sat, 10 Oct 2026 01:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Sat, 10 Oct 2026 01:38 AM IST
विज्ञापन
PG seats in rural colleges are full, while less than half are filled in city colleges
मोहित बेरलिया
विज्ञापन

चरखी दादरी। जिले में स्नातकोत्तर (पीजी) की पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों की पसंद में शहर और ग्रामीण क्षेत्र के कॉलेजों के बीच बड़ा अंतर सामने आया है। ग्रामीण क्षेत्र के राजकीय महिला महाविद्यालय बाढड़ा में पीजी की लगभग सभी सीटें भर गई हैं जबकि दादरी शहर के दोनों प्रमुख कॉलेजों में आधी सीटें भी नहीं भर पाईं। जिले के चार कॉलेजों में पीजी की कुल 880 सीटों में से 402 पर ही दाखिले हुए हैं। लिहाजा कुल 45.68 प्रतिशत सीटें भरी हैं जबकि 478 सीटें खाली रह गई हैं। बौंद कलां के राजकीय काॅलेज में एक विषय में पीजी की सुविधा है, यहां भी सभी 20 सीटों पर दाखिले हुए हैं।


बाढड़ा कॉलेज में सीटें फुल
राजकीय महिला महाविद्यालय बाढड़ा ने दाखिलों के मामले में सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है। यहां एमए इतिहास की 40, एमए राजनीतिक विज्ञान की 40 और एमएससी भूगोल की 40 सीटों में से क्रमश: 40, 40 और 39 सीटों पर दाखिले हुए हैं। कुल 120 सीटों में से 119 भरने के साथ कॉलेज में 99.17 प्रतिशत दाखिले हुए। यहां केवल एक सीट खाली रह गई।
विज्ञापन



झोझूकलां में 42 प्रतिशत सीटें भरीं
महिला महाविद्यालय झोझूकलां में पीजी और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की कुल 360 सीटें हैं। इनमें 152 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है जबकि 208 सीटें खाली रह गईं। कॉलेज में कुल 42.22 प्रतिशत सीटों पर प्रवेश हुआ। यहां योगा डिप्लोमा की सभी 30 सीटें भर गईं। एमएससी भूगोल की 120 सीटों में से 41, एमए हिंदी की 60 में से 26 और एमए राजनीतिक विज्ञान की 40 में से 22 सीटों पर दाखिले हुए। वहीं एमए इतिहास की 60 में से 12, एमएससी रसायन विज्ञान की 30 में से 10 और एमएससी भौतिक विज्ञान की 20 में से 11 सीटें भरी गईं।
विज्ञापन
विज्ञापन



शहर के कॉलेजों में दाखिलों की स्थिति कमजोर
दादरी के जनता पीजी कॉलेज में छह पाठ्यक्रमों की 280 सीटों में से 97 पर दाखिले हुए। यहां 34.64 प्रतिशत सीटें ही भर पाईं और 183 सीटें खाली रह गईं। इसी तरह एपीजे सरस्वती कॉलेज में एमए अंग्रेजी, एमए हिंदी और एमकॉम की कुल 120 सीटें हैं। इनमें से केवल 34 सीटों पर दाखिले हुए, जबकि 86 खाली रह गईं। कॉलेज में दाखिला प्रतिशत 28.33 रहा।

दाखिले कम रहने के कारणों पर सवाल
शहर के कॉलेजों में बड़ी संख्या में सीटें खाली रहना उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए चिंता का विषय है। स्नातकाेत्तर की पढ़ाई के लिए ज्यादातर विद्यार्थी विश्वविद्यालय या बड़े शहरों के कॉलेजों का रूख करते हैं। शहर में विकल्प ज्यादा होने के कारण भी शहर के कॉलेजो में दाखिलों की संख्या बंट जाती है। जिसके कारण जिले में इस प्रकार के आंकड़े सामने आए हैं। हालांकि बाढड़ा ग्रामीण क्षेत्र होने तथा आस पास कोई और कॉलेज न होने के कारण यहां सीटें फुल रही।



जनता पीजी कॉलेज चरखी दादरी :
एमए राजनीतिक शास्त्र 18 40
एमएससी गणित 17 60
एमएससी भूगोल 20 60
एमए हिंदी 09 40
एमए इतिहास 20 40
एमए अंग्रेजी 13 40

एपीजे सरस्वती कॉलेज चरखी दादरी :
एमए अंग्रेजी 09 40
एमए हिंदी 15 40
एमकॉम 10 40

महिला महाविद्यालय झोझूकलां:
एमएससी रसायन विज्ञान 10 30
एमएससी भौतिक विज्ञान 11 20
एमए हिंदी 26 60
एमए राजनीतिक शास्त्र 22 40
एमए इतिहास 12 60
एमएससी भूगोल 41 120
योगा डिप्लोमा 30 30

राजकीय महिला महाविद्यालय बाढड़ा:
एमए इतिहास 40 40
एमए राजनीतिक विज्ञान 40 40
एमएससी भूगोल 39 40
वर्सन:
दाखिला प्रक्रिया पूरी हो चुकी हैं कॉलेजों में संतोषजनक दाखिले हुए हैं। सीटें न भरने के कई कारण प्रभावी हैं। यूजी व पीजी दोनों ही कोर्सेज में इस बार दाखिले कम हुए हैं। - जेएस मोर, उच्चतर शिक्षा विभाग अधिकारी , दादरी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed