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Charkhi Dadri News: कथित फर्जी मुठभेड़ मामले में फिर सड़कों पर उतरे लोग, एसआईटी ने मांगा एक माह का समय

Fri, 09 Feb 2024 11:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Fri, 09 Feb 2024 11:51 PM IST
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People again took to the streets in alleged fake encounter case, SIT asked for one month's time
 शहर के बस स्टैंड रोड पर प्रदर्शन करते लोग। 
चरखी दादरी। कथित फर्जी मुठभेड़ और 10 लाख की रिश्वत मामले में शुक्रवार को शिकायतकर्ता पक्ष ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद साढ़े छह घंटे तक शहर के मुख्य परशुराम चौक के समीप सड़क पर धरना भी दिया गया। वहीं, मामले की जांच कर रहे झज्जर एसआईटी सदस्यों ने प्रदर्शनकारी खेमे से बातचीत की और निष्पक्ष जांच के लिए एक माह का समय मांगा। शाम 6 बजे प्रदर्शनकारी खेमे ने जांच पूरी करने के लिए एसआईटी को एक माह का समय देते हुए धरना खत्म कर दिया।
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वहीं, इससे पहले प्रदर्शन के मद्देनजर प्रशासन ने नायब तहसीलदार कृष्ण कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात किया। इससे पहले इस मामले को लेकर शिकायतकर्ता पक्ष रोजगार्डन में एकत्र हुआ और सुबह 11:15 पर प्रदर्शन की शुरुआत की। साढ़े 11 बजे प्रदर्शनकारी शहर के मुख्य परशुराम चौक पर पहुंच गए। यहां पहुंचने के बाद उन्होंने चौक के तीन चक्कर लगाए और फिर सड़क पर बैठकर धरना शुरू कर दिया। दूसरी ओर प्रदर्शन की पूर्व सूचना मिलने पर परशुराम चौक पर पुलिस बल तैनात रहा। प्रदर्शनकारियों के रोड पर धरना शुरू करते ही पुलिस कर्मचारी सक्रिय हो गए और उन्होंने कोर्ट रोड पर वाहनों का प्रवेश बंद कर दिया।
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धरनास्थल पर मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए अधिवक्ता शीतल साहू ने कहा कि पुलिस प्रशासन ने आश्वस्त किया था कि दोषी पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करके समाज को अच्छा संदेश देंगे, लेकिन पुलिस प्रशासन ने ऐसा कुछ नहीं किया। 15 दिन से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। यहां तक की एसआईटी ने प्रदर्शन से पहले शिकायतकर्ता पक्ष के बयान तक दर्ज नहीं किए। उन्होंने कहा कि जब शिकायतकर्ता पक्ष के व्यक्तियों ने गलती की थी तो पुलिस ने मात्र चार दिन में ही समस्त कार्रवाई को अंजाम दे दिया गया था, यहां तो एक माह बीत चुका है और कार्रवाई के नाम पर दो पुलिस कर्मचारियों को केवल सस्पेंड किया गया है। उन्होंने पुलिस के उच्च अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाया।
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शाम को धरना स्थल पर पहुंची झज्जर एसआईटी
अधिवक्ता संजीव तक्षक ने बताया कि पूरा दिन संघर्ष करने के बाद शाम को झज्जर एसआईटी व पुलिस अधीक्षक का संदेश लेकर डीएसपी देशराज धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने धरनारत्त लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि प्रयास है कि इस मामले को 10-15 दिन में निपटा दें और भविष्य में इस मामले को लेकर प्रदर्शन करने का मौका न दिया जाए। धरनारत्त व्यक्तियों ने डीएसपी के सकारात्मक आश्वासन को सुनते ही पुलिस प्रशासन को कार्रवाई करने के लिए एक माह का समय देकर धरने को समाप्त कर दिया।



दिनभर ये रही हलचल
. सुबह 11 बजे रोजगार्डन में प्रदर्शनकारियों ने बैठक की।
. सुबह 11:30 पर प्रदर्शनकारी खेमा परशुराम चौक पर पहुंचा।
. दोपहर 12:54 पर डीएसपी ने पांच सदस्यीय कमेटी से बात की।
. दोपहर एक बजे कमेटी वार्ता के लिए एसपी के पास पहुंची।
. 3 बजे एसपी कार्यालय में झज्जर एसआईटी ने बयान दर्ज किए।
. शाम 6 बजे डीएसपी व झज्जर एसआईटी प्रदर्शनकारियों के पास पहुंची।


आम आदमी पार्टी का मिला समर्थन
प्रदर्शनकारी खेमे का आम आदमी पार्टी ने समर्थन किया। जिला अध्यक्ष धनराज कुंडू की अगुवाई में कार्यकर्ता धरना स्थल पर पहुंचे। वहीं, राकेश चांदवास ने कहा कि पुलिस की ज्यादती के कई उदाहरण हैं और वो स्वयं इसका शिकार हैं। वहीं, धनराज कुंडू ने कहा कि वर्ष 2019 में वो रोडवेज जीएम थे और उस दौरान चुनाव के लिए बसें हायर करने पर पुलिस विभाग को 2 लाख का चुनाव आयोग से बजट मिला था। इसका भुगतान करने के बजाय अधिकारी हजम कर गए और आज खुले तौर पर ये आरोप विभाग पर लगा रहे हैं।



जानिये... क्या है मामला
नवंबर में चरखी दादरी जिले में प्रेम विवाह करने वाले दंपती को गोली मारी गई थी। हालांकि जानलेवा हमले में पति-पत्नी दोनों बच गए थे। पुलिस ने इस वारदात में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। सोनू नामक आरोपी की गिरफ्तारी मुठभेड़ में दिखाई गई थी। उसके परिजनों ने पुलिस पर फर्जी मुठभेड़ करने और अन्य परिजनों को मामले में न फंसाने की एवज में दस लाख रुपये रिश्वत लेने का आरोप लगाया था। कथित फर्जी मुठभेड़ में कार्रवाई की मांग को लेकर शिकायतकर्ता पक्ष ने लघु सचिवालय में चौदह दिन धरना दिया था। हालांकि एसपी ने शिकायत मिलते ही तत्कालीन स्पेशल स्टाफ प्रभारी समेत दो पुलिस कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया था। वहीं, इस मामले की जांच झज्जर एसआईटी को सौंपी गई थी, जो फिलहाल जांच कर रही है।
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