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कहीं धंस न जाए ओवरब्रिज, बारिश से बने गड्ढे, खिसकी मिट्टी
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एनएच 148 बी हाईवे पर बने पुल में बना गड्ढा
- फोटो : CharkhiDadri
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चरखी दादरी। नेशनल हाईवे 148बी पर गांव पैंतावास के पास बना नवनिर्मित ओवरब्रिज कभी भी धंस सकता है। निर्माण के एक साल बाद ही यह दरकने लगा है और इसके ऊपर बड़े गड्ढे बन गए है। एनएचएआई कर्मचारियों ने कुछ जगह पैचवर्क कर लीपापोती भी की है, मगर अभी भी गड्ढे इतने गंभीर बने है कि बड़ा हादसा हो सकता है। एनएचएआई अधिकारियों का कहना है कि हलकी बूंदाबांदी के कारण यह हुआ।
वर्ष 2019-20 में भिवानी-दादरी के बीच 31 किलोमीटर लंबे फोरलेन नेशनल हाइवे 148बी का निर्माण हुआ है। मार्ग पर तीन ओवरब्रिज बने है। मार्ग के निर्माण पर करीब 212 करोड़ रुपये की लागत आई है। मार्ग पर पैंतावास गांव के समीप बना ओवरब्रिज एक साल के अंदर ही दरकने लगा है। ओवरब्रिज के मुख्य मार्ग के बीच चार से पांच जगह बड़े गड्ढे बन गए है, जिनके अंदर झांकने पर काफी खोखली जगह नजर आ रही है। एनएचएआई अधिकारियों का कहना है कि यहां ब्रम की मिट्टी खिसकने से ये गड्ढे बने है, जिन्हें जल्द ही ठीक करवाया जाएगा। निर्माण के बाद 2023 तक यह गारंटी पीरियड में है और निर्माण करने वाली एजेंसी ही इसे ठीक करवाएगी। जिसके अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है।
हर रोज गुजरते है 25 हजार से अधिक वाहन
यह हिसार-जयपुर नेशनल हाइवे है, जो राजस्थान को प्रदेश से जोड़ता है। दिल्ली नारनौल महेंद्रगढ़ को जोड़ने वाला भी यह मुख्य मार्ग है। औसतन हर रोज 25 हजार से ज्यादा वाहन यहां से गुजरते है। ओवरब्रिज से ज्यादातर रेती, रोड़ी, क्रशर से भरे ट्रक गुजरते है। राजस्थान से ज्यादा आवागमन होता है। पत्थर भी राजस्थान से इसी मार्ग से आते है। ऐसे में हादसों का अंदेशा भी बढ़ गया है। राजस्थान से आने वाले भारी वाहन इसी मार्ग से हिसार, दिल्ली, पंजाब की ओर जाते है।
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ओवरब्रिज अभी गारंटी पीरियड में है और निर्माण करने वाली एजेंसी से ही इसे ठीक करवाया जाएगा। हलकी बूंदाबांदी से ब्रम की जगह से मिट्टी खिसक जाती है। जिस कारण ये गड्ढे बने। बहुत जल्द ही इन्हें ठीक करवा दिया जाएगा।
अनूप कुमार, जेई, नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया
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वर्ष 2019-20 में भिवानी-दादरी के बीच 31 किलोमीटर लंबे फोरलेन नेशनल हाइवे 148बी का निर्माण हुआ है। मार्ग पर तीन ओवरब्रिज बने है। मार्ग के निर्माण पर करीब 212 करोड़ रुपये की लागत आई है। मार्ग पर पैंतावास गांव के समीप बना ओवरब्रिज एक साल के अंदर ही दरकने लगा है। ओवरब्रिज के मुख्य मार्ग के बीच चार से पांच जगह बड़े गड्ढे बन गए है, जिनके अंदर झांकने पर काफी खोखली जगह नजर आ रही है। एनएचएआई अधिकारियों का कहना है कि यहां ब्रम की मिट्टी खिसकने से ये गड्ढे बने है, जिन्हें जल्द ही ठीक करवाया जाएगा। निर्माण के बाद 2023 तक यह गारंटी पीरियड में है और निर्माण करने वाली एजेंसी ही इसे ठीक करवाएगी। जिसके अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है।
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हर रोज गुजरते है 25 हजार से अधिक वाहन
यह हिसार-जयपुर नेशनल हाइवे है, जो राजस्थान को प्रदेश से जोड़ता है। दिल्ली नारनौल महेंद्रगढ़ को जोड़ने वाला भी यह मुख्य मार्ग है। औसतन हर रोज 25 हजार से ज्यादा वाहन यहां से गुजरते है। ओवरब्रिज से ज्यादातर रेती, रोड़ी, क्रशर से भरे ट्रक गुजरते है। राजस्थान से ज्यादा आवागमन होता है। पत्थर भी राजस्थान से इसी मार्ग से आते है। ऐसे में हादसों का अंदेशा भी बढ़ गया है। राजस्थान से आने वाले भारी वाहन इसी मार्ग से हिसार, दिल्ली, पंजाब की ओर जाते है।
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ओवरब्रिज अभी गारंटी पीरियड में है और निर्माण करने वाली एजेंसी से ही इसे ठीक करवाया जाएगा। हलकी बूंदाबांदी से ब्रम की जगह से मिट्टी खिसक जाती है। जिस कारण ये गड्ढे बने। बहुत जल्द ही इन्हें ठीक करवा दिया जाएगा।
अनूप कुमार, जेई, नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया