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Charkhi Dadri News: ग्रामीण पेयजल ट्यूबवेल को ग्राम पंचायतों के अधीन करने पर विरोध
Sun, 12 Apr 2026 12:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 12 Apr 2026 12:56 AM IST
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बाढड़ा। हरियाणा गवर्नमेंट पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल वर्कर यूनियन की बाढड़ा शाखा की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभाग के ग्रामीण पेयजल ट्यूबवेल्स को ग्राम पंचायतों के अधीन करने व कर्मचारियों की मांगें अनसुनी करने पर रोष जताया गया।
अली मोहम्मद बताया कि ढिगावा रोड स्थित यूनियन कार्यालय में शाखा प्रधान सुमित कादयान की अध्यक्षता में बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिला प्रधान जयप्रकाश पूनिया ने शिरकत की। जिला प्रधान जयप्रकाश पूनिया ने कहा कि उच्च अधिकारियों से मिलकर कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करवाया जाएगा।
शाखा प्रधान सुमित कादयान ने कहा कि सरकार ग्रामीण जलघर और पेयजल ट्यूबवेल्स को पंचायत के अधीन करने जा रही है। संगठन इस नीति की निंदा करता है। बैठक में वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति करने, कर्मचारियों को मिलने वाली एलटीसी में हुए बदलाव को वापस लेने, ग्रुप-डी के कर्मचारियों का वर्दी भत्ता पहले की तरह वेतन में जोड़ने, एक्सग्रेसिया नीति में 50 वर्ष व 52 वर्ष की शर्त को हटाकर पूर्णतया बहाल करने व पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने की मांग की गई। बैठक में जिला सचिव बिजेंद्र कादमा, प्रताप बाढड़ा, धर्मेंद्र हड़ोदा, कृष्ण, पुरुषोतम शर्मा, मास्टर रामचंद्र, सोमबीर आदि मौजूद रहे।
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अली मोहम्मद बताया कि ढिगावा रोड स्थित यूनियन कार्यालय में शाखा प्रधान सुमित कादयान की अध्यक्षता में बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिला प्रधान जयप्रकाश पूनिया ने शिरकत की। जिला प्रधान जयप्रकाश पूनिया ने कहा कि उच्च अधिकारियों से मिलकर कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करवाया जाएगा।
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शाखा प्रधान सुमित कादयान ने कहा कि सरकार ग्रामीण जलघर और पेयजल ट्यूबवेल्स को पंचायत के अधीन करने जा रही है। संगठन इस नीति की निंदा करता है। बैठक में वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति करने, कर्मचारियों को मिलने वाली एलटीसी में हुए बदलाव को वापस लेने, ग्रुप-डी के कर्मचारियों का वर्दी भत्ता पहले की तरह वेतन में जोड़ने, एक्सग्रेसिया नीति में 50 वर्ष व 52 वर्ष की शर्त को हटाकर पूर्णतया बहाल करने व पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने की मांग की गई। बैठक में जिला सचिव बिजेंद्र कादमा, प्रताप बाढड़ा, धर्मेंद्र हड़ोदा, कृष्ण, पुरुषोतम शर्मा, मास्टर रामचंद्र, सोमबीर आदि मौजूद रहे।
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