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Charkhi Dadri News: निजी अस्पतालों में ओपीडी रही बंद, बिना उपचार के लौटे मरीज
Tue, 04 Apr 2023 10:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 04 Apr 2023 10:47 PM IST
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चरखी दादरी। राजस्थान में राइट-टू-हेल्थ बिल के विरोध में दादरी जिले के निजी अस्पताल संचालकों ने मंगलवार को दिनभर ओपीडी सेवाएं बंद रखी। इसके चलते ओपीडी के मरीजों को बिन उपचार के ही घर लौटना पड़ा। सिविल अस्पताल में सरकारी अवकाश के चलते ओपीडी सेवाएं बंद होने से मरीजों की परेशानी और बढ़ गई। एक दिन की हड़ताल के चलते 1500 से अधिक मरीजों ने परेशानी झेली।
बता दें कि राजस्थान में सरकार द्वारा राइट-टू-हेल्थ बिल लाया जा रहा है। इसके विरोध में वहां के चिकित्सक उतरे हुए हैं। राजस्थान के चिकित्सकों का समर्थन करते हुए दादरी जिले में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन से जुड़े चिकित्सकों ने 24 घंटे के लिए अपनी सेवाएं बाधित रखीं। सुबह ही शहर के 15 बड़े अस्पतालों में मरीज पहुंचने शुरू हुए, लेकिन उन्हें हड़ताल का हवाला देकर वापस भेजा गया। कुछ बुजुर्ग मरीज तो अस्पताल की सीढि़यों पर बैठकर चिकित्सकों का मन बदलने का इंतजार करते रहे, लेकिन बाद में उन्हें बिन उपचार करवाए घर लौटना पड़ा।
दूसरी ओर मंगलवार को सिविल अस्पताल में महाबीर जयंती के अवकाश के चलते ओपीडी सेवाएं बंद रही। यहां केवल इमरजेंसी केस में ही मरीजों को उपचार मिल पाया। ऐसे में निजी अस्पतालों की हड़ताल और सिविल अस्पताल में अवकाश के चलते ओपीडी सेवाएं बंद रहने से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। जिले की बात करे तो आईएमए से जुड़े निजी अस्पतालों की संख्या करीब 25 है और मंगलवार को सभी ने हड़ताल का समर्थन किया।
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जिले में 1500 मरीजों ने यूं झेली परेशानी
शहर में बड़े 15 निजी अस्पताल हैं। एक अस्पताल की औसतन दैनिक ओपीडी 100 रहती है। ऐसे में एक दिन की हड़ताल से करीब 1500 मरीजों को दिक्कतें झेलनी पड़ी। ज्यादातर मरीज मौसमी बीमारी जैसे खांसी, जुकाम, बुखार आदि से पीड़ित थे।
मरीज बोले : चिकित्सकों की हड़ताल की नहीं थी जानकारी, अब लगाना पड़ेगा दूसरा चक्कर
- मेरी पत्नी की तबीयत सही नहीं है। उसे दिखाने के लिए आज दादरी आए थे। अस्पताल की हड़ताल है और ओपीडी में आए मरीजों को वापस भेजा जा रहा है। अब कल दोबारा आना पड़ेगा।
श्रीभगवान, बहू
- मेरी पत्नी की तबीयत कल शाम से खराब है। आज उसका उपचार करवाने के लिए शहर के एक निजी अस्पताल आया था। यहां आकर पता चला कि आज चिकित्सक हड़ताल पर हैं।
अनिल, बलकरा
- कोसली से दवा लेने के लिए दादरी आई थी। यहीं से मेरा उपचार चल रहा है। अस्पताल आने पर पता चला कि आज हड़ताल है और एक भी ओपीडी नहीं देखी जाएगी। अब वापस घर लौट रही हूं।
कलावती देवी, कोसली
- मेरी उम्र 79 साल है और हार्ट की बीमारी का दादरी के एक अस्पताल में उपचार चल रहा है। आज महेंद्रगढ़ से दादरी आई हूं और मुझे पता नहीं था कि चिकित्सक हड़ताल पर रहेंगे। अब दोबारा भागदौड़ करनी पड़ेगी।
संतरा देवी, महेंद्रगढ़
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बता दें कि राजस्थान में सरकार द्वारा राइट-टू-हेल्थ बिल लाया जा रहा है। इसके विरोध में वहां के चिकित्सक उतरे हुए हैं। राजस्थान के चिकित्सकों का समर्थन करते हुए दादरी जिले में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन से जुड़े चिकित्सकों ने 24 घंटे के लिए अपनी सेवाएं बाधित रखीं। सुबह ही शहर के 15 बड़े अस्पतालों में मरीज पहुंचने शुरू हुए, लेकिन उन्हें हड़ताल का हवाला देकर वापस भेजा गया। कुछ बुजुर्ग मरीज तो अस्पताल की सीढि़यों पर बैठकर चिकित्सकों का मन बदलने का इंतजार करते रहे, लेकिन बाद में उन्हें बिन उपचार करवाए घर लौटना पड़ा।
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दूसरी ओर मंगलवार को सिविल अस्पताल में महाबीर जयंती के अवकाश के चलते ओपीडी सेवाएं बंद रही। यहां केवल इमरजेंसी केस में ही मरीजों को उपचार मिल पाया। ऐसे में निजी अस्पतालों की हड़ताल और सिविल अस्पताल में अवकाश के चलते ओपीडी सेवाएं बंद रहने से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। जिले की बात करे तो आईएमए से जुड़े निजी अस्पतालों की संख्या करीब 25 है और मंगलवार को सभी ने हड़ताल का समर्थन किया।
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जिले में 1500 मरीजों ने यूं झेली परेशानी
शहर में बड़े 15 निजी अस्पताल हैं। एक अस्पताल की औसतन दैनिक ओपीडी 100 रहती है। ऐसे में एक दिन की हड़ताल से करीब 1500 मरीजों को दिक्कतें झेलनी पड़ी। ज्यादातर मरीज मौसमी बीमारी जैसे खांसी, जुकाम, बुखार आदि से पीड़ित थे।
मरीज बोले : चिकित्सकों की हड़ताल की नहीं थी जानकारी, अब लगाना पड़ेगा दूसरा चक्कर
- मेरी पत्नी की तबीयत सही नहीं है। उसे दिखाने के लिए आज दादरी आए थे। अस्पताल की हड़ताल है और ओपीडी में आए मरीजों को वापस भेजा जा रहा है। अब कल दोबारा आना पड़ेगा।
श्रीभगवान, बहू
- मेरी पत्नी की तबीयत कल शाम से खराब है। आज उसका उपचार करवाने के लिए शहर के एक निजी अस्पताल आया था। यहां आकर पता चला कि आज चिकित्सक हड़ताल पर हैं।
अनिल, बलकरा
- कोसली से दवा लेने के लिए दादरी आई थी। यहीं से मेरा उपचार चल रहा है। अस्पताल आने पर पता चला कि आज हड़ताल है और एक भी ओपीडी नहीं देखी जाएगी। अब वापस घर लौट रही हूं।
कलावती देवी, कोसली
- मेरी उम्र 79 साल है और हार्ट की बीमारी का दादरी के एक अस्पताल में उपचार चल रहा है। आज महेंद्रगढ़ से दादरी आई हूं और मुझे पता नहीं था कि चिकित्सक हड़ताल पर रहेंगे। अब दोबारा भागदौड़ करनी पड़ेगी।
संतरा देवी, महेंद्रगढ़