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Charkhi Dadri News: नवंबर में 12,000 एमटी खाद की जरूरत, अब तक 3250 एमटी ही पहुंची

Thu, 07 Nov 2024 11:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Thu, 07 Nov 2024 11:59 PM IST
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only 27 percent dap reached in district
- वीरवार को 16 में से किसी पैक्स समिति पर नहीं पहुंची खाद की खेप, मायूस होकर घर लौटे किसान
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- मांग के मुकाबले जिले में नहीं पहुंची 73 फीसदी खाद की खेप
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जिले में वीरवार को एक भी पैक्स समिति कार्यालय में डीएपी खाद नहीं पहुंची। वहीं, खाद की खेप कब तक आएगी, इसकी जानकारी भी फिलहाल स्थानीय अधिकारियों को नहीं है।
अब तक जिले में 3250 मीट्रिक टन खाद का वितरण किया जा चुका है। इस माह में 12 हजार मीट्रिक टन की जरूरत है। ऐसे में अब तक कुल की 27 फीसदी खाद ही किसानों को मिल पाई है।
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जिले में जमीदारा सोसायटी, इफको केंद्र, पैक्स समितियों के माध्यम से डीएपी का वितरण किया जाता है। डीएपी की आवक कम होने की वजह से दिक्कत हो रही है। विभिन्न गांवों में 16 पैक्स समितियां हैं। वीरवार को लगातार दूसरे दिन भी 16 में से किसी पैक्स समिति पर खाद की खेप नहीं पहुंच पाई।
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दरअसल, जिले का कुल कृषि योग्य रकबा एक लाख 22 हजार 358 हेक्टेयर है। इस बार रबी सीजन में सरसों की बिजाई का आंकड़ा 55 हजार हेक्टेयर क्षेत्र तक पहुंचने की उम्मीद है। इसी प्रकार, गेहूं का रकबा भी 45 हजार हेक्टेयर तक पहुंचने की संभावना है। किसानों ने सरसों की बिजाई का कार्य तो तकरीबन पूरा कर लिया है जबकि गेहूं की बिजाई इसी माह होनी है। बिजाई अभी शुरू नहीं हुई है।
वहीं, खाद की किल्लत कई दिनों से है। इसके चलते किसान परेशान हैं। उन्होंने प्रशासन और किसान से पर्याप्त खाद मुहैया कराने की मांग की है। वीरवार को भी किसान खाद वितरण केंद्रों पर पहुंचे और खेप न आने की बात सुनकर लौट गए।

- सितंबर में शुरू हुआ था खाद वितरण
दादरी जिले में सितंबर माह में ही खाद का वितरण कार्य शुरू हो गया था। अब तक जिले में 3250 मीट्रिक टन डीएपी खाद पहुंची है जबकि नवंबर माह में 12 हजार मीट्रिक टन की जरूरत है। विभाग ने इसी अनुरूप नवंबर माह की मांग भेजी थी।
- किसानों के लिए ये भी हैं विकल्प
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि किसानों के लिए डीएपी के विकल्प के रूप में एनपीके, एसएसपी खाद भी हैं। काफी संख्या में किसान एनपीके व एसएसपी का इस्तेमाल भी करने लगे हैं।
किसानों की परेशानी, उन्हीं की जुबानी
- चार दिन से साेसायटी के चक्कर लगा रहा हूं। मुझे खेत के लिए चार बैग डीएपी की जरूरत है। लाइन लंबी होने के कारण मंगलवार शाम को घर चला गया। बुधवार को आया तो खाद खत्म होने की जानकारी मिली। आज भी खाद नहीं पहुंची है। अब खाली हाथ घर जाना पड़ेगा।
-नरेश कुमार, रानीला बास

- तीन बार दादरी आया हूं डीएपी लेने के लिए, लेकिन, कभी भीड़ रहती है कभी खाद नहीं मिलती। पूरा दिन इंतजार करके घर लौटा हूं। मुझे एक बैग की जरूरत है। आज भी खाद नहीं मिली और अब पता नहीं कब खाद आएगी। कब फसल की बिजाई होगी।

-रत्न सिंह, मिसरी
वर्सन:
अगले कुछ दिनों के लिए भी संशय बना हुआ है। किसानों के लिए डीएपी के विकल्प के रूप में एनपीके, एसएसपी खाद उपलब्ध हैं। - कृष्ण कुमार, एसडीओ, कृषि विभाग
फोटो-12
खेप न आने के चलते सुनसान पड़ा दादरी खाद वितरण केंद्र। संवाद
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नरेश।
फोटो 14
रत्न।
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