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Charkhi Dadri News: शामलात भूमि को हराभरा भरने की कवायद, लगाए जाएंगे एक लाख पौधे

Mon, 10 Jun 2024 09:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Mon, 10 Jun 2024 09:28 PM IST
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One lakh saplings will be planted
चरखी दादरी। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित शामलात भूमि को वन विभाग हरा-भरा बनाएगा। इसके तहत ग्राम पंचायतों से पौधरोपण के लिए सहयोग एवं आवेदन मांगे गए हैं। जिले में बणी पुनर्वास योजना के तहत देशी प्रजातियों के एक लाख पौधे मानसून सीजन में लगाए जाएंगे।
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योजना के तहत वन विभाग ग्राम पंचायतों के सहयोग से खाली पड़ेे अन्य क्षेत्र में भी पौधरोपण करवानेे की तैयार कर रहा है। शामलात जमीन पर प्रति हेक्टेयर 500 पौधे लगाएं जाएंगे। वन विभाग के कर्मचारी रोपित पौधों की तीन से पांच साल तक स्वयं देखभाल करेंगे। इसके बाद पंचायतों को सौंपा जाएगा। वन विभाग रेंज अधिकारी हेमंत सिंह ने बताया कि जिले में शामलात जमीन कम होती जा रही है। कई तो ऐसे भी गांव हैं, जहां बणी खत्म हो गई है।
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इन प्रजातियों के लगेंगे पौधे
बणी पुनर्वास योजना के तहत पंचायती जमीन में नीम, बड़, पीपल, तिलावन, गुलर, जांटी, शीशम, बेरी, अमलतास प्रजातियों के पौधे रोपित किए जाएंगे। ग्राम पंचायतें 20 हेक्टेयर तक भूमि उपलब्ध करवा कर योजना का लाभ उठा सकती हैं। योजना के तहत वन विभाग पौधों की सिंचाई एवं नलाई-गुड़ाई का काम खुद करेगा।
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वन विभाग की ओर से शुरू की गई बणी पुनर्वास योजना का लाभ लेने के लिए कोई भी पंचायत शामलात भूमि पर देशी प्रजातियों के पौध लगवा सकती है। विभाग तीन से पांच साल तक खुद इन पौधों की देखरेख करेगा। इसके लिए पंचायतों विभाग को आवेदन कर सकती हैं। - नवल किशोर, जिला वन मंडल अधिकारी।
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