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Charkhi Dadri News: अब वन विभाग में पौधरोपण से लेकर पूरी देखरेख का काम पांच साल तक संभालेगी एजेंसी

Sat, 23 May 2026 01:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Sat, 23 May 2026 01:35 AM IST
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Now, the agency will handle the entire work of plantation and maintenance in the forest department for five years
चरखी दादरी। अब वन विभाग में पौधरोपण से लेकर पूरी देखरेख का काम पांच साल तक एजेंसी करेगी। वन विभाग केवल तकनीकी काम ही देखेगा। पौधरोपण के बाद पांच साल तक एजेंसी ही सिंचाई व नलाई-गुड़ाई का कार्य करेगी। आने वाले मानसून सीजन से यह नई नीति प्रभावी होगी। जिले में हर साल करीब तीन लाख पौधे लगाए जाते हैं। अब तक पौधरोपण के बाद केवल सिंचाई के लिए ही एजेंसी के साथ अनुबंध होता था।
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विभाग मानसून सीजन के लिए प्रति वर्ष करीब चार लाख पौध तैयार करता है। वन विभाग जिले को हरा-भरा बनाने की दिशा में काम जरूर कर रहा है। आने वाले मानसून सीजन के लिए भी जून अंत तक सभी नर्सरी में पौध तैयार हो जाएंगीं। प्रतिवर्ष गांव सामलात जमीन, सड़क व नहरों के किनारे, स्कूल, कॉलेज प्रांगण, सरकारी कार्यालयों के परिसरों में पौधे लगाए जाते हैं। इसके अलावा आम लोगों को भी जरूरत के अनुसार पौधे वितरित किए जाते हैं। जुलाई में शुरू होने वाले वन महोत्सव के लिए विभाग ने पौध नर्सरी लगा रखी हैं जो जून अंत तक तैयार हो जाएंगी। मानसून सीजन की पहली बारिश होते ही पौधरोपण शुरू हो जाएगा।
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इस समय पर्यावरण प्रदूषण विकट समस्या बनी हुई है। पेड़ों की संख्या लगातार घट रही है। सड़कों की चौड़ाई बढ़ने और नए रेलमार्ग बनने की वजह से हर साल राज्य के विभिन्न जिलों से लाखों की संख्या में हरे पेड़ों की कटाई मजबूरीवश करनी पड़ती है। इनके बदले नए पौधे लगाना और उनका कम से कम चार साल तक रख-रखाव करना बड़ा मुश्किल कार्य होता है। जितने पौधे रोपित होते हैं उनमें से मुश्किल से 45 प्रतिशत ही पेड़ बन पाते हैं। पर्यावरण को संतुलित बनाए रखने में पेड़ों की सर्वोपरि भूमिका है। पेड़ से ही जीवों को ऑक्सीजन मिलती है।
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विभाग हर वर्ष गूगल बेल, बकान, शहतूत, पीपल, नीम, गुलमोहर, हारसिंगार, पालम खीरा, चक्रासिया, पापड़ी, जामुन, अनार, अमरूद, बेर, पपीता, कनेर, गूगल वीलिया, खेरी, रोंज सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाता है। पौधरोपण के बाद सिंचाई व देखरेख का कार्य जटिल होता है। आम आदमी भी पौधरोपण तो करते हैं जबकि उनकी देखरेख व सिंचाई की तरफ ध्यान नहीं देते हैं। पौधरोपण के नाम पर संख्या का बड़ा आंकड़ा तो दर्शा दिया जाता है।
अब वन विभाग में पौधरोपण से लेकर पूरी देखरेख का काम एजेंसी करेगी। वन विभाग केवल तकनीकी काम ही देखेगा। पौधरोपण के बाद पांच साल तक एजेंसी ही सिंचाई व नलाई-गुड़ाई का कार्य करेगी। आने वाले मानसून सीजन से यह नई नीति प्रभावी होगी।

वर्सन :
विभाग ने एजेंसी से अनुबंध किया है। अनुबंध पांच साल के लिए किया गया है। आने वाले मानसून सीजन से एजेंसी ही पौधरोपण का काम संभालेगी।- हेमंत कुमार, वन राजिक अधिकारी, दादरी।
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