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अब सरकारी स्कूलों में विद्यार्थी सीखेंगे संगीत कला
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सांस्कृतिक प्रस्तुति का अभ्यास करते विद्यार्थी।
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। अब सरकारी स्कूलों में विद्यार्थी संगीत कला भी सीखेंगे। इसके लिए जिले के करीब 25 माध्यमिक स्कूलों में करीब 21.25 लाख रुपये का सामान उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए स्कूलों को प्रतिभागी विद्यार्थियों की वेशभूषा भी उपलब्ध करवाई जाएगी। शिक्षा विभाग ने इस योजना पर काम शुरू कर दिया है। इसके तहत कुछ स्कूलों में तो सामान पहुंच भी चुका है।
शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों में शिक्षा के साथ-साथ अन्य सहगामी क्रियाओं पर भी ध्यान दे रहा है। जिससे विद्यार्थियों में नेतृत्व की भावना का विकसित हो और साथ ही आपसी तालमेल व एकता की भावना बढ़े। सहगामी क्रियाओं में संगीत कला से जुड़ी गतिविधियों से एक ओर जहां मनोरंजन होता है तो दूसरी ओर विषय एवं कला का भी ज्ञान होता है। संगीत से संवेगात्मक, भावात्मक एवं मानसिक विकास भी होता है। इन पहलुओं को देखते हुए सरकार व शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में संगीत से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाया है। इसके लिए सरकार की ओर से जिले के माध्यमिक स्कूलों में संगीत का सामान तबला, ढोलक, वाद्य यंत्र व अन्य सामान उपलब्ध करवाया जा रहा है। इस सामान से विद्यार्थी विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी भी आसानी से कर सकेंगे। वैसे भी स्कूलों में समय- समय पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस लिहाज से अब संगीत का सामान उपलब्ध होने पर विद्यार्थियों को और सुविधा हो सकेगी। स्वतंत्रता दिवस व गणतंत्र दिवस के अलावा अन्य सरकारी कार्यक्रमों में स्कूली बच्चों की सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति करवाई जाती है। इसे देखते हुए विभाग ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए वेशभूषा भी उपलब्ध करवाई है।
प्रत्येक स्कूल पर खर्च होगा 85 हजार का बजट
प्रत्येक स्कूल पर इस सामान के लिए करीब 85 हजार रुपये का बजट खर्च होने जा रहा है। जिले में 52 में से करीब 25 माध्यमिक स्कूलों में संगीत का सामान उपलब्ध करवाया जाना है। जल्दी यह सामान स्कूलों में भिजवाया जाएगा। स्कूलों की संख्या और तय राशि के मुताबिक कुल बजट राशि 21.25 लाख रुपये बनती है।
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संगीत से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विभाग की ओर से सामान खरीदा गया है। यह सामान करीब 25 स्कूलों में भेजा जा रहा है। इसके लिए कागज प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए ड्रेस भी उपलब्ध करवाई जानी है।
विरेंद्र मलिक, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
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शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों में शिक्षा के साथ-साथ अन्य सहगामी क्रियाओं पर भी ध्यान दे रहा है। जिससे विद्यार्थियों में नेतृत्व की भावना का विकसित हो और साथ ही आपसी तालमेल व एकता की भावना बढ़े। सहगामी क्रियाओं में संगीत कला से जुड़ी गतिविधियों से एक ओर जहां मनोरंजन होता है तो दूसरी ओर विषय एवं कला का भी ज्ञान होता है। संगीत से संवेगात्मक, भावात्मक एवं मानसिक विकास भी होता है। इन पहलुओं को देखते हुए सरकार व शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में संगीत से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाया है। इसके लिए सरकार की ओर से जिले के माध्यमिक स्कूलों में संगीत का सामान तबला, ढोलक, वाद्य यंत्र व अन्य सामान उपलब्ध करवाया जा रहा है। इस सामान से विद्यार्थी विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी भी आसानी से कर सकेंगे। वैसे भी स्कूलों में समय- समय पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस लिहाज से अब संगीत का सामान उपलब्ध होने पर विद्यार्थियों को और सुविधा हो सकेगी। स्वतंत्रता दिवस व गणतंत्र दिवस के अलावा अन्य सरकारी कार्यक्रमों में स्कूली बच्चों की सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति करवाई जाती है। इसे देखते हुए विभाग ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए वेशभूषा भी उपलब्ध करवाई है।
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प्रत्येक स्कूल पर खर्च होगा 85 हजार का बजट
प्रत्येक स्कूल पर इस सामान के लिए करीब 85 हजार रुपये का बजट खर्च होने जा रहा है। जिले में 52 में से करीब 25 माध्यमिक स्कूलों में संगीत का सामान उपलब्ध करवाया जाना है। जल्दी यह सामान स्कूलों में भिजवाया जाएगा। स्कूलों की संख्या और तय राशि के मुताबिक कुल बजट राशि 21.25 लाख रुपये बनती है।
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संगीत से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विभाग की ओर से सामान खरीदा गया है। यह सामान करीब 25 स्कूलों में भेजा जा रहा है। इसके लिए कागज प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए ड्रेस भी उपलब्ध करवाई जानी है।
विरेंद्र मलिक, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी

स्कूलों में भिजवाने के लिए पहुंचा संगीत का सामान।- फोटो : CharkhiDadri