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Charkhi Dadri News: अब राजकीय स्कूलों के विद्यार्थी सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से निखारेंगे प्रतिभा
Tue, 09 Sep 2025 01:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 09 Sep 2025 01:56 AM IST
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दादरी में आयोजित कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुति देतीं छात्राएं।
चरखी दादरी। अब राजकीय स्कूलों के विद्यार्थी सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा निखारेंगे। यह गतिविधियां दादरी ब्लॉक के छात्रों के लिए 12 सितंबर को राजकीय स्कूल कलियाणा में करवाई जाएंगी। इन गतिविधियों में एकल व सामूहिक नृत्य समेत साझी, फोक डांस व रंगोली सजाना आदि शामिल हैं।
विभागीय अधिकारियों की मानें तो शिक्षा के साथ पाठ्यसहगामी क्रियाओं से ही विद्यार्थी के व्यक्तित्व का विकास होता है। भाषण से वाणी यानी वाक कौशल को बढ़ावा मिलता है। इससे आत्म विश्वास बढ़ता है। इसी प्रकार सामूहिक नृत्य से समूह में काम करने की क्षमता बढ़ती है। रंगोली भी एक कला है। वाद-विवाद प्रतियोगिता से तर्क एवं वितर्क करने की शक्ति बढ़ती है। ऐसी गतिविधियों से छात्रों का तनाव भी दूर होता है जबकि शिक्षण कार्य में मन लगता है।
बता दें कि शिक्षा विभाग ने वार्षिक कैलेंडर बना रखा है और उसी अनुसार यह गतिविधियां करवाई जाती हैं। स्कूली पाठ्यक्रम को पूरा करने के लिए साल में कम से कम 220 कार्य दिवस कक्षाएं लगनी होती हैं। इन कार्य दिवस में पाठ़्यक्रम पूरा करवाना होता है। शेष दिन अन्य गतिविधियां करवाई जाती हैं। अब खंड स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम करवाए जाएंगे।
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- गत सप्ताह हुई थीं यह गतिविधियां
इससे पहले गत सप्ताह भाषण, वाद-विवाद, निबंध लेखन, कविता पाठ, सुलेख लेखन आदि गतिविधियां करवाई गई थीं। इनके विजेताओं को स्कूल प्रबंधन समिति की ओर से सम्मानित किया गया था, ताकि प्रतिभागियों का मनोबल बढ़ सके।
खंड स्तर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम करवाए जाएंगे। इसके लिए छात्र-छात्राओं को अभ्यास कराया जा रहा है। 12 सितंबर को दादरी खंंड के स्कूलों की गतिविधियां करवाई जाएंगी।
ज्योति कुमारी, बीआरपी, शिक्षा विभाग
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विभागीय अधिकारियों की मानें तो शिक्षा के साथ पाठ्यसहगामी क्रियाओं से ही विद्यार्थी के व्यक्तित्व का विकास होता है। भाषण से वाणी यानी वाक कौशल को बढ़ावा मिलता है। इससे आत्म विश्वास बढ़ता है। इसी प्रकार सामूहिक नृत्य से समूह में काम करने की क्षमता बढ़ती है। रंगोली भी एक कला है। वाद-विवाद प्रतियोगिता से तर्क एवं वितर्क करने की शक्ति बढ़ती है। ऐसी गतिविधियों से छात्रों का तनाव भी दूर होता है जबकि शिक्षण कार्य में मन लगता है।
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बता दें कि शिक्षा विभाग ने वार्षिक कैलेंडर बना रखा है और उसी अनुसार यह गतिविधियां करवाई जाती हैं। स्कूली पाठ्यक्रम को पूरा करने के लिए साल में कम से कम 220 कार्य दिवस कक्षाएं लगनी होती हैं। इन कार्य दिवस में पाठ़्यक्रम पूरा करवाना होता है। शेष दिन अन्य गतिविधियां करवाई जाती हैं। अब खंड स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम करवाए जाएंगे।
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- गत सप्ताह हुई थीं यह गतिविधियां
इससे पहले गत सप्ताह भाषण, वाद-विवाद, निबंध लेखन, कविता पाठ, सुलेख लेखन आदि गतिविधियां करवाई गई थीं। इनके विजेताओं को स्कूल प्रबंधन समिति की ओर से सम्मानित किया गया था, ताकि प्रतिभागियों का मनोबल बढ़ सके।
खंड स्तर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम करवाए जाएंगे। इसके लिए छात्र-छात्राओं को अभ्यास कराया जा रहा है। 12 सितंबर को दादरी खंंड के स्कूलों की गतिविधियां करवाई जाएंगी।
ज्योति कुमारी, बीआरपी, शिक्षा विभाग