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शहर से नहीं उठा कचरे का एक भी तसला ....
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बस स्टैंड फोरलेन पर उठान न होने से लगा कचरे का ढेर।
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। नगर परिषद सफाई कर्मचारियों की दो दिवसीय हड़ताल के पहले ही दिन शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई। 237 सफाई कर्मचारियों और चालकों में से 205 हड़ताल में शामिल हुए जबकि 32 ड्यूटी पर पहुंचे। हालांकि इसके बाद भी शहर से कचरे का एक तसला भी नहीं उठा। वहीं, कचरे का उठान न होने से शहरवासियों को परेशानी झेलनी पड़ी। मुख्यमार्गों और वार्डों की गलियों में बने अस्थाई डंपिंग प्वाइंटों पर दिनभर कचरा सड़ता रहा। नगर परिषद अधिकारी हड़ताल की कॉल के बावजूद वैकल्पिक व्यवस्था करने में नाकामयाब रहे और इसका खामियाजा शहर के करीब 90 हजार लोगों को भुगतना पड़ा।
दो दिन की हड़ताल के पहले ही दिन शहर में कचरा उठान सेवा ठप रही। शहर से प्रतिदिन 20 टन कचरा निकलता है, जसे नप के वाहनों के जरिये डंपिंग प्वाइंट पर निस्तारित किया जाता है। सोमवार से नप कर्मचारियों की दो दिवसीय हड़ताल शुरू हो गई और पहले ही दिन कर्मचारी व्यवस्थाओं को बेपटरी करने के मंसूबे में कामयाब रहे। इसके चलते नप के वाहन नहीं चल पाए और शहर के किसी भी क्षेत्र से कचरे का उठान नहीं हो पाया। वहीं, नप कर्मचारियों ने कार्यालय परिसर में धरना दिया और विभिन्न कर्मचारी संगठन उन्हें समर्थन देने पहुंचे।
नप सफाईकर्मी एसोसिएशन प्रधान सूरज कुमार ने बताया कि अधिकतर कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए और किसी भी कर्मचारी ने शहर की सफाई के लिए झाडू़ नहीं उठाई। उन्होंने बताया कि नप कार्यालय से कचरा उठान के लिए एक भी वाहन नहीं निकला।
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ये कर्मचारी हुए हड़ताल में शामिल -
हड़ताल में शामिल कच्चे-पक्के कर्मचारियों की सूची सफाई शाखा कार्यवाहक प्रभारी ने उच्चाधिकारियों को दे दी है। इसके अनुसार 51 नियमित कर्मचारियों में से सात ड्यूटी पर पहुंचे जबकि 41 अनुपस्थित रहे। वहीं, दैनिक वेतन के 114 कर्मचारियों में से 99 अनुपस्थित रहे जबकि 15 काम पर आए। वहीं आउटसोर्सिंग के 45 कर्मचारियों में से 10 ड्यूटी पर आए जबकि 35 अनुपस्थित रहे। 27 चालकों में से 22 अनुपस्थित रहे।
15 हजार घरों से नहीं हुआ कचरे का उठान
मुख्य बस स्टैंड रोड की अगर बात करें तो परशुराम चौक के समीप चार यू-टर्न पर कचरा पड़ा रहा। इसके अलावा एमसी कॉलोनी के समीप डंपिंग प्वाइंट पर कचरा पड़ा रहा। रोहतक रोड पर घिकाड़ा मोड़ से पहले सड़क किनारे ही डंपिंग प्वाइंट पर दिनभर कचरा पड़ा रहा। चरखी दरवाजा क्षेत्र, वाल्मीकि नगर क्षेत्र, गोशाला चौक, मातृ-शिशु अस्पताल के समीप समेत 15 डंपिंग प्वाइंटों पर दिनभर कचरा पड़ा रहा। इसके अलावा करीब 15 हजार घरों से कचरे का उठान करने डोर-टू-डोर सेवा के तहत ऑटो टीपर नहीं पहुंचे।
दो शिफ्ट में होती है सफाई -
दादरी शहर से प्रतिदिन 15 ट्रॉली और 50 ऑटो टीपर कचरा निकलता है। इस कचरे का निस्तारण रानियां वाला जोहड़ डंपिंग यार्ड पर किया जा रहा है। प्रतिदिन नगर परिषद के वाहन कचरा उठान के लिए 70 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करते हैं। दो शिफ्ट में शहर की सफाई की जाती है और उस दौरान कचरा का भी उठान होता है।
ये साधन खड़े रहे -
साधन संख्या
ट्रैक्टर-ट्रॉली 05
लोडर 1
डंपर प्लेजर 1
ऑटो-टीपर 23
तीन पहिया रिक्शा 20
हाथ रेहड़ी 60
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर से कचरे का उठान नहीं हो पाया। इनके काम पर लौटते ही तत्परता से हम कचरे का उठान करवा देंगे।
- प्रशांत पाराशर, सचिव, नगर परिषद।
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दो दिन की हड़ताल के पहले ही दिन शहर में कचरा उठान सेवा ठप रही। शहर से प्रतिदिन 20 टन कचरा निकलता है, जसे नप के वाहनों के जरिये डंपिंग प्वाइंट पर निस्तारित किया जाता है। सोमवार से नप कर्मचारियों की दो दिवसीय हड़ताल शुरू हो गई और पहले ही दिन कर्मचारी व्यवस्थाओं को बेपटरी करने के मंसूबे में कामयाब रहे। इसके चलते नप के वाहन नहीं चल पाए और शहर के किसी भी क्षेत्र से कचरे का उठान नहीं हो पाया। वहीं, नप कर्मचारियों ने कार्यालय परिसर में धरना दिया और विभिन्न कर्मचारी संगठन उन्हें समर्थन देने पहुंचे।
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नप सफाईकर्मी एसोसिएशन प्रधान सूरज कुमार ने बताया कि अधिकतर कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए और किसी भी कर्मचारी ने शहर की सफाई के लिए झाडू़ नहीं उठाई। उन्होंने बताया कि नप कार्यालय से कचरा उठान के लिए एक भी वाहन नहीं निकला।
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ये कर्मचारी हुए हड़ताल में शामिल -
हड़ताल में शामिल कच्चे-पक्के कर्मचारियों की सूची सफाई शाखा कार्यवाहक प्रभारी ने उच्चाधिकारियों को दे दी है। इसके अनुसार 51 नियमित कर्मचारियों में से सात ड्यूटी पर पहुंचे जबकि 41 अनुपस्थित रहे। वहीं, दैनिक वेतन के 114 कर्मचारियों में से 99 अनुपस्थित रहे जबकि 15 काम पर आए। वहीं आउटसोर्सिंग के 45 कर्मचारियों में से 10 ड्यूटी पर आए जबकि 35 अनुपस्थित रहे। 27 चालकों में से 22 अनुपस्थित रहे।
15 हजार घरों से नहीं हुआ कचरे का उठान
मुख्य बस स्टैंड रोड की अगर बात करें तो परशुराम चौक के समीप चार यू-टर्न पर कचरा पड़ा रहा। इसके अलावा एमसी कॉलोनी के समीप डंपिंग प्वाइंट पर कचरा पड़ा रहा। रोहतक रोड पर घिकाड़ा मोड़ से पहले सड़क किनारे ही डंपिंग प्वाइंट पर दिनभर कचरा पड़ा रहा। चरखी दरवाजा क्षेत्र, वाल्मीकि नगर क्षेत्र, गोशाला चौक, मातृ-शिशु अस्पताल के समीप समेत 15 डंपिंग प्वाइंटों पर दिनभर कचरा पड़ा रहा। इसके अलावा करीब 15 हजार घरों से कचरे का उठान करने डोर-टू-डोर सेवा के तहत ऑटो टीपर नहीं पहुंचे।
दो शिफ्ट में होती है सफाई -
दादरी शहर से प्रतिदिन 15 ट्रॉली और 50 ऑटो टीपर कचरा निकलता है। इस कचरे का निस्तारण रानियां वाला जोहड़ डंपिंग यार्ड पर किया जा रहा है। प्रतिदिन नगर परिषद के वाहन कचरा उठान के लिए 70 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करते हैं। दो शिफ्ट में शहर की सफाई की जाती है और उस दौरान कचरा का भी उठान होता है।
ये साधन खड़े रहे -
साधन संख्या
ट्रैक्टर-ट्रॉली 05
लोडर 1
डंपर प्लेजर 1
ऑटो-टीपर 23
तीन पहिया रिक्शा 20
हाथ रेहड़ी 60
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर से कचरे का उठान नहीं हो पाया। इनके काम पर लौटते ही तत्परता से हम कचरे का उठान करवा देंगे।
- प्रशांत पाराशर, सचिव, नगर परिषद।