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Charkhi Dadri News: बाढड़ा हलके के मतदाताओं ने लगातार दूसरी बार किसी विधायक को नहीं दी तरजीह
Sun, 25 Aug 2024 05:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 25 Aug 2024 05:06 AM IST
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सत्ता संग्राम:
- बाढड़ा हलके का पिछले 13 चुनावों में रोचक रहा है इतिहास, कोई नहीं जीत पाया विधानसभा के लगातार दो चुनाव
- 1967 में निर्दलीय चुनाव लड़कर बाढड़ा हलके के पहले विधायक बने थे अत्तर सिंह, सर्वाधिक वोट पाने का रिकॉर्ड नैना चौटाला के नाम
हनी सोनी
चरखी दादरी। जिले के बाढड़ा हलके का चुनावी इतिहास अनोखा है। हलके के मतदाता पिछले 57 सालों में 13 विधायक चुन चुके हैं। अब तक किसी को इस हलके ने लगातार दो बार विधानसभा में नहीं भेजा है। कांग्रेस को पिछले 13 चुनावों में यहां से दो बार जीत हासिल हुई है। भाजपा प्रत्याशी भी यहां एक ही बार विजेता रहा है।
वर्ष 1967 के विधानसभा चुनाव में यहां के मतदाताओं ने निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले अत्तर सिंह को 15,003 वोट देकर विधानसभा में भेजा था। इसके बाद वर्ष 1968 के चुनाव में बीएचपी के उम्मीदवार अमीर सिंह को 11460 वोट देकर विजयी बनाया था।
वर्ष 1972 में बाढड़ा को लज्जा रानी के रूप में पहली महिला विधायक मिली। लज्जा रानी ने कांग्रेस की सीट पर चुनाव लड़ा और 21,591 मत लेकर सर्वाधिक वोट हासिल करने का रिकॉर्ड बनाया था। लज्जा रानी का यह रिकॉर्ड लोकदल से चुनाव लड़ने वाली चंद्रावती ने तोड़ा था। उन्होंने 21,905 वोट लेकर जीत हासिल की थी। उनसे पहले 1977 में जनता पार्टी से चुनाव लड़कर रणसिंह मान ने जीत हासिल की थी। मान को 17,423 वोट मिले थे।
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वहीं, राजनैतिक दलों के प्रदर्शन की बात करें तो 1972 और 2005 के चुनाव में बाढड़ा सीट कांग्रेस ने जीती थी। वर्ष 1982 और 1987 के चुनाव में यह सीट लोकदल के खाते में गई। 1991 और 1996 के चुनाव में हविपा का उम्मीदवार यहां से विजेता बना।
वर्ष 2014 में बाढड़ा विधानसभा सीट पर सुखविंद्र मांढ़ी ने जीत हासिल कर पहली बार कमल खिलवाया। वहीं, वर्ष 2019 के चुनाव में जजपा ने नैना चौटाला को यहां से उम्मीदवार बनाया। नैना ने 52,809 मत लेकर सर्वाधिक वोट हासिल करने का रिकॉर्ड अपने नाम किया।
- बाढड़ा हलके के चुनाव संबंधी आंकड़ें
विधानसभा चुनाव के लिए बाढड़ा हलके में 239 मतदान केंद्र हैं। इस विधानसभा क्षेत्र में 93,176 महिला और 1,04,037 पुरुष मतदाता हैं। यहां 100 वर्ष से अधिक आयु के 119 मतदाता हैं। बुजुर्ग मतदाताओं की संख्या 2876 है। यहां 5508 युवा और 1217 दिव्यांग मतदाता हैं।
बाढड़ा में कब और किस पार्टी का बना विधायक
वर्ष विजेता पार्टी प्राप्त मत
1967 अत्तर सिंह निर्दलीय 15,003
1968 अमीर सिंह बीएचपी 11,460
1972 लज्जा रानी कांग्रेस 21,591
1977 रणसिंह मान जेएनपी 17,423
1982 चंद्रावती लोकदल 21,905
1987 रणसिंह मान लोकदल 31,279
1991 अत्तर सिंह हविपा 29,250
1996 नृपेंद्र सिंह हविपा 42,142
2000 रणबीर सिंह इनेलो 25,205
2005 धर्मबीर सिंह कांग्रेस 42,981
2009 रघुबीर सिंह इनेलो 34,280
2014 सुखविंद्र मांढ़ी भाजपा 39,139
2019 नैना चौटाला जजपा 52,809
फोटो 07
बाढड़ा हलके का मुख्य क्रांतिकारी चौक। संवाद
फोटो 08
बाढड़ा हलके से अब तक सर्वाधिक वोट हासिल करने वाली विधायक नैना चौटाला।
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- बाढड़ा हलके का पिछले 13 चुनावों में रोचक रहा है इतिहास, कोई नहीं जीत पाया विधानसभा के लगातार दो चुनाव
- 1967 में निर्दलीय चुनाव लड़कर बाढड़ा हलके के पहले विधायक बने थे अत्तर सिंह, सर्वाधिक वोट पाने का रिकॉर्ड नैना चौटाला के नाम
हनी सोनी
चरखी दादरी। जिले के बाढड़ा हलके का चुनावी इतिहास अनोखा है। हलके के मतदाता पिछले 57 सालों में 13 विधायक चुन चुके हैं। अब तक किसी को इस हलके ने लगातार दो बार विधानसभा में नहीं भेजा है। कांग्रेस को पिछले 13 चुनावों में यहां से दो बार जीत हासिल हुई है। भाजपा प्रत्याशी भी यहां एक ही बार विजेता रहा है।
वर्ष 1967 के विधानसभा चुनाव में यहां के मतदाताओं ने निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले अत्तर सिंह को 15,003 वोट देकर विधानसभा में भेजा था। इसके बाद वर्ष 1968 के चुनाव में बीएचपी के उम्मीदवार अमीर सिंह को 11460 वोट देकर विजयी बनाया था।
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वर्ष 1972 में बाढड़ा को लज्जा रानी के रूप में पहली महिला विधायक मिली। लज्जा रानी ने कांग्रेस की सीट पर चुनाव लड़ा और 21,591 मत लेकर सर्वाधिक वोट हासिल करने का रिकॉर्ड बनाया था। लज्जा रानी का यह रिकॉर्ड लोकदल से चुनाव लड़ने वाली चंद्रावती ने तोड़ा था। उन्होंने 21,905 वोट लेकर जीत हासिल की थी। उनसे पहले 1977 में जनता पार्टी से चुनाव लड़कर रणसिंह मान ने जीत हासिल की थी। मान को 17,423 वोट मिले थे।
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वहीं, राजनैतिक दलों के प्रदर्शन की बात करें तो 1972 और 2005 के चुनाव में बाढड़ा सीट कांग्रेस ने जीती थी। वर्ष 1982 और 1987 के चुनाव में यह सीट लोकदल के खाते में गई। 1991 और 1996 के चुनाव में हविपा का उम्मीदवार यहां से विजेता बना।
वर्ष 2014 में बाढड़ा विधानसभा सीट पर सुखविंद्र मांढ़ी ने जीत हासिल कर पहली बार कमल खिलवाया। वहीं, वर्ष 2019 के चुनाव में जजपा ने नैना चौटाला को यहां से उम्मीदवार बनाया। नैना ने 52,809 मत लेकर सर्वाधिक वोट हासिल करने का रिकॉर्ड अपने नाम किया।
- बाढड़ा हलके के चुनाव संबंधी आंकड़ें
विधानसभा चुनाव के लिए बाढड़ा हलके में 239 मतदान केंद्र हैं। इस विधानसभा क्षेत्र में 93,176 महिला और 1,04,037 पुरुष मतदाता हैं। यहां 100 वर्ष से अधिक आयु के 119 मतदाता हैं। बुजुर्ग मतदाताओं की संख्या 2876 है। यहां 5508 युवा और 1217 दिव्यांग मतदाता हैं।
बाढड़ा में कब और किस पार्टी का बना विधायक
वर्ष विजेता पार्टी प्राप्त मत
1967 अत्तर सिंह निर्दलीय 15,003
1968 अमीर सिंह बीएचपी 11,460
1972 लज्जा रानी कांग्रेस 21,591
1977 रणसिंह मान जेएनपी 17,423
1982 चंद्रावती लोकदल 21,905
1987 रणसिंह मान लोकदल 31,279
1991 अत्तर सिंह हविपा 29,250
1996 नृपेंद्र सिंह हविपा 42,142
2000 रणबीर सिंह इनेलो 25,205
2005 धर्मबीर सिंह कांग्रेस 42,981
2009 रघुबीर सिंह इनेलो 34,280
2014 सुखविंद्र मांढ़ी भाजपा 39,139
2019 नैना चौटाला जजपा 52,809
फोटो 07
बाढड़ा हलके का मुख्य क्रांतिकारी चौक। संवाद
फोटो 08
बाढड़ा हलके से अब तक सर्वाधिक वोट हासिल करने वाली विधायक नैना चौटाला।