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Charkhi Dadri News: मेडिकल ऑफिसर है न फार्मासिस्ट, दो स्टाफ नर्साें के भरोसे इमलोटा पीएचसी
Sat, 12 Apr 2025 10:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 12 Apr 2025 10:38 PM IST
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गांव इमलोटा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र। संवाद
फोटो 02
गांव इमलोटा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र। संवाद
- अब तक इमलोटा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में गर्भवती महिलाओं की डिलिवरी सेवा भी शुरू नहीं कर पाया स्वास्थ्य विभाग
10 गांव झेल रहे स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी का दंश
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। दिल्ली रोड पर दादरी सीमा के अंतिम गांव इमलोटा में बना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुविधाओं की कमी से खुद बीमार है। यहां मेडिकल ऑफिसर और फार्मासिस्ट तक तैनात नहीं है। दो स्टाफ नर्साें के कंधों पर पूरी पीएचसी की जिम्मेदारी है। लंबा समय बीतने के बाद भी यहां डिलिवरी हट सुविधा शुरू नहीं हुई है। इससे करीब 10 गांवों की गर्भवती महिलाएं परेशानियां झेल रही हैं।
इमलोटा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बौंदकलां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीन आता है। इमलोटा गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर इमलोटा के अलावा सरूपगढ़, सांतोर, निमली, भागवी, बिगोवा समेत करीब दस गांवों के मरीज निर्भर हैं। बावजूद इसके यहां लंबे समय से मेडिकल ऑफिसर यानी एमओ का पद खाली पड़ा है। इतना ही नहीं, फार्मासिस्ट की तैनाती भी यहां नहीं है। स्टाफ के नाम पर यहां दो नर्सें तैनात हैं, जो मरीज की स्वास्थ्य जांच के साथ दवाएं भी दे रही हैं।
दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों के संज्ञान में है कि इमलोटा पीएचसी बिना एमओ व फार्मासिस्ट के चल रहा है। बावजूद इसके लंबा समय बीतने पर भी यहां तैनाती नहीं हो पाई है। दूसरी ओर विभिन्न गांवों की महिलाओं को डिलिवरी के लिए करीब 25 किलोमीटर दूर स्थित दादरी नागरिक अस्पताल आना पड़ता है। प्रसव से ठीक पहले गर्भवती के लिए इतनी लंबी दूरी तय करना आसान नहीं है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग को जल्द से जल्द मेडिकल ऑफिसर समेत अन्य स्टाफ की यहां नियुक्ति करनी चाहिए।
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- तीन स्टाफ नर्सों के पद हो चुके मंजूर, तैनाती अब तक नहीं
करीब दो माह पहले इमलोटा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की तीन स्टाफ नर्सों के पद मंजूर हो चुके हैं, लेकिन, अब तक यहां तैनाती नहीं हो पाई है। तीनों स्टाफ नर्सें एनएचएम के तहत नियुक्त की जानी हैं। उसके बाद यहां स्टाफ नर्साें की संख्या बढ़कर 5 हो जाएगी।
- हर माह आते हैं 10 से 12 डिलिवरी केस
इमलोटा जिले का बड़ा गांव है। पांच से सात किलोमीटर के दायरे में इसके अधीन कई गांव पड़ते हैं। ऐसे में यहां डिलिवरी केस भी अन्य पीएचसी के मुकाबले ज्यादा रहते हैं। प्रतिमाह 10 से 12 डिलिवरी केस दादरी या अन्य सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में जाते हैं। इमलोटा पीएचसी में डिलिवरी हट शुरू होने पर गर्भवती महिलाओं और तीमारदारों को काफी राहत मिलेगी।
वर्सन:
मेडिकल ऑफिसर, फार्मासिस्ट और एनएचएम के तहत तीन स्टाफ नर्साें की जल्द तैनाती हो जाएगी। उसके तुरंत बाद इमलोटा पीएचसी में डिलिवरी हट शुरू कर देंगे। प्रयास है कि जल्द से जल्द पीएचसी की सुविधाएं बढ़ा दी जाएं।
-डॉ. टीकाराम, एसएमओ, बौंदकलां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
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गांव इमलोटा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र। संवाद
- अब तक इमलोटा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में गर्भवती महिलाओं की डिलिवरी सेवा भी शुरू नहीं कर पाया स्वास्थ्य विभाग
10 गांव झेल रहे स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी का दंश
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। दिल्ली रोड पर दादरी सीमा के अंतिम गांव इमलोटा में बना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुविधाओं की कमी से खुद बीमार है। यहां मेडिकल ऑफिसर और फार्मासिस्ट तक तैनात नहीं है। दो स्टाफ नर्साें के कंधों पर पूरी पीएचसी की जिम्मेदारी है। लंबा समय बीतने के बाद भी यहां डिलिवरी हट सुविधा शुरू नहीं हुई है। इससे करीब 10 गांवों की गर्भवती महिलाएं परेशानियां झेल रही हैं।
इमलोटा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बौंदकलां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीन आता है। इमलोटा गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर इमलोटा के अलावा सरूपगढ़, सांतोर, निमली, भागवी, बिगोवा समेत करीब दस गांवों के मरीज निर्भर हैं। बावजूद इसके यहां लंबे समय से मेडिकल ऑफिसर यानी एमओ का पद खाली पड़ा है। इतना ही नहीं, फार्मासिस्ट की तैनाती भी यहां नहीं है। स्टाफ के नाम पर यहां दो नर्सें तैनात हैं, जो मरीज की स्वास्थ्य जांच के साथ दवाएं भी दे रही हैं।
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दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों के संज्ञान में है कि इमलोटा पीएचसी बिना एमओ व फार्मासिस्ट के चल रहा है। बावजूद इसके लंबा समय बीतने पर भी यहां तैनाती नहीं हो पाई है। दूसरी ओर विभिन्न गांवों की महिलाओं को डिलिवरी के लिए करीब 25 किलोमीटर दूर स्थित दादरी नागरिक अस्पताल आना पड़ता है। प्रसव से ठीक पहले गर्भवती के लिए इतनी लंबी दूरी तय करना आसान नहीं है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग को जल्द से जल्द मेडिकल ऑफिसर समेत अन्य स्टाफ की यहां नियुक्ति करनी चाहिए।
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- तीन स्टाफ नर्सों के पद हो चुके मंजूर, तैनाती अब तक नहीं
करीब दो माह पहले इमलोटा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की तीन स्टाफ नर्सों के पद मंजूर हो चुके हैं, लेकिन, अब तक यहां तैनाती नहीं हो पाई है। तीनों स्टाफ नर्सें एनएचएम के तहत नियुक्त की जानी हैं। उसके बाद यहां स्टाफ नर्साें की संख्या बढ़कर 5 हो जाएगी।
- हर माह आते हैं 10 से 12 डिलिवरी केस
इमलोटा जिले का बड़ा गांव है। पांच से सात किलोमीटर के दायरे में इसके अधीन कई गांव पड़ते हैं। ऐसे में यहां डिलिवरी केस भी अन्य पीएचसी के मुकाबले ज्यादा रहते हैं। प्रतिमाह 10 से 12 डिलिवरी केस दादरी या अन्य सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में जाते हैं। इमलोटा पीएचसी में डिलिवरी हट शुरू होने पर गर्भवती महिलाओं और तीमारदारों को काफी राहत मिलेगी।
वर्सन:
मेडिकल ऑफिसर, फार्मासिस्ट और एनएचएम के तहत तीन स्टाफ नर्साें की जल्द तैनाती हो जाएगी। उसके तुरंत बाद इमलोटा पीएचसी में डिलिवरी हट शुरू कर देंगे। प्रयास है कि जल्द से जल्द पीएचसी की सुविधाएं बढ़ा दी जाएं।
-डॉ. टीकाराम, एसएमओ, बौंदकलां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र