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Charkhi Dadri News: बाढड़ा में बाईपास नहीं, 10 साल से जाम से जूझ रहे व्यापारी-आमजन
Mon, 12 Oct 2026 01:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 12 Oct 2026 01:53 AM IST
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बाढड़ा में क्रांतिकारी चौक पर वाहनों से लगा जाम।
बाढड़ा। उपमंडल बनने के करीब दस साल बाद भी कस्बे में बाईपास का निर्माण नहीं हो सका है। इससे मुख्य चौक पर वाहनों का जाम लगा रहता है जिससे व्यापारी और आमजन परेशान हैं। लोगों में प्रशासन के प्रति गहरा रोष बना हुआ है।
क्रांतिकारी चौक से जुई, सतनाली, लोहारु और चरखी दादरी के लिए प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं। इन वाहनों को अधिकतर समय जाम में फंसना पड़ता है। कस्बे की जनता ने वाहनों के बढ़ते बोझ से निजात पाने के लिए रिंग रोड या मिनी बाइपास की मांग की थी।
प्रदेश सरकार ने इसके निर्माण के लिए दो बार प्रस्ताव भेजे लेकिन वे पिछले दस साल से केवल कागजी कार्रवाई में उलझे हैं। सांसद धर्मबीर सिंह के प्रयासों से लोक निर्माण विभाग ने बाईपास निर्माण का प्रारूप तैयार किया था। हालांकि इसे अब तक स्वीकृति नहीं मिल पाई है।
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व्यापार पर पड़ रहा प्रतिकूल प्रभाव
व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष संदीप सिंटी, जगत सिंह बाढड़ा और व्यापारी नेता जयबीर सहित अन्य ने बताया कि कस्बे में सड़कों पर अतिक्रमण की गंभीर समस्या है। सरकार से बार-बार बाईपास निर्माण की अपील की जा रही है लेकिन केवल कोरे आश्वासन मिल रहे हैं। दुकानों के सामने रेहड़ी और वाहनों की भीड़ बनी रहती है। इस जाम के कारण व्यापार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। बाईपास न होने से बाजार के विकास पर भी ग्रहण लगा हुआ है और कारोबार में वृद्धि नहीं हो पा रही है।
मूलभूत सुविधाओं का अभाव
व्यापार मंडल अध्यक्ष सुंदरपाल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने भले ही कस्बे में वर्षों पूर्व निर्मित सड़कें टूटी पड़ी हैं। दूषित जल निकासी के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। सड़क मार्गों के दोनों तरफ दुकानों के सामने प्लेटफॉर्म भी निर्मित नहीं हैं जिससे जनता को परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि व्यापार मंडल सफाई और अन्य कामकाज तो संभाल रहा है लेकिन मूलभूत सुविधाओं का प्रबंध करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। बाईपास निर्माण की मांग पूरी हो जाए तो बाजार को विस्तार मिलेगा और जाम के संकट से छुटकारा मिलेगा।
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क्रांतिकारी चौक से जुई, सतनाली, लोहारु और चरखी दादरी के लिए प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं। इन वाहनों को अधिकतर समय जाम में फंसना पड़ता है। कस्बे की जनता ने वाहनों के बढ़ते बोझ से निजात पाने के लिए रिंग रोड या मिनी बाइपास की मांग की थी।
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प्रदेश सरकार ने इसके निर्माण के लिए दो बार प्रस्ताव भेजे लेकिन वे पिछले दस साल से केवल कागजी कार्रवाई में उलझे हैं। सांसद धर्मबीर सिंह के प्रयासों से लोक निर्माण विभाग ने बाईपास निर्माण का प्रारूप तैयार किया था। हालांकि इसे अब तक स्वीकृति नहीं मिल पाई है।
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व्यापार पर पड़ रहा प्रतिकूल प्रभाव
व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष संदीप सिंटी, जगत सिंह बाढड़ा और व्यापारी नेता जयबीर सहित अन्य ने बताया कि कस्बे में सड़कों पर अतिक्रमण की गंभीर समस्या है। सरकार से बार-बार बाईपास निर्माण की अपील की जा रही है लेकिन केवल कोरे आश्वासन मिल रहे हैं। दुकानों के सामने रेहड़ी और वाहनों की भीड़ बनी रहती है। इस जाम के कारण व्यापार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। बाईपास न होने से बाजार के विकास पर भी ग्रहण लगा हुआ है और कारोबार में वृद्धि नहीं हो पा रही है।
मूलभूत सुविधाओं का अभाव
व्यापार मंडल अध्यक्ष सुंदरपाल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने भले ही कस्बे में वर्षों पूर्व निर्मित सड़कें टूटी पड़ी हैं। दूषित जल निकासी के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। सड़क मार्गों के दोनों तरफ दुकानों के सामने प्लेटफॉर्म भी निर्मित नहीं हैं जिससे जनता को परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि व्यापार मंडल सफाई और अन्य कामकाज तो संभाल रहा है लेकिन मूलभूत सुविधाओं का प्रबंध करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। बाईपास निर्माण की मांग पूरी हो जाए तो बाजार को विस्तार मिलेगा और जाम के संकट से छुटकारा मिलेगा।