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Charkhi Dadri News: चिकित्सकों ने ओपीडी देखी न स्टाफ ने किया काम, मरीजों को एक घंटा करना पड़ा इंतजार
Mon, 04 Aug 2025 10:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 04 Aug 2025 10:57 PM IST
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फोटो 05 अस्पताल में हड़ताल के दौरान एमेर्जेंसी ओपीडी में मरीज को दवा लिखता चिकित्सक। संवाद
चरखी दादरी। जिओ फेंसिंग से हाजिरी लागू करने के विरोध में सोमवार को जिले के चिकित्सक हड़ताल पर रहे। हड़ताल में 85 चिकित्सकों के अलावा 400 से अधिक कर्मचारी शामिल हुए। इसके चलते जिले के 17 सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में सोमवार को पहुंचे मरीजों को उपचार से पहले एक घंटे का इंतजार करना पड़ा। एक घंटे की हड़ताल से 350 मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी।
ठीक 10 बजते ही शहर के नागरिक और मातृ-शिशु अस्पताल के अलावा 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और 3 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ ने अपनी सीट छोड़ दी, बहुउद्देशीय कर्मचारियों ने भी काम नहीं किया। उनका कहना था कि जिओ फेंसिंग से हाजिरी उनकी निजता का उल्लंघन है।
ज्यादातर मरीजों को चिकित्सकों की एक घंटे की हड़ताल की जानकारी नहीं थी और उन्हें लगा चिकित्सक राउंड पर गए हैं। काफी देर बीतने के बाद भी जब चिकित्सक अपने कक्ष में नहीं लौटे तो स्टाफ ने एक घंटे की हड़ताल और उसके बाद उपचार मिलने की जानकारी दी। कुछ मरीज तो यह बात सुनकर वापस घर लौट गए जबकि कुछ वहीं बैठकर इंतजार करने लगे। 11 बजे चिकित्सकों ने हड़ताल खत्म की और अपनी सीट संभाली। साथ ही जिओ फेसिंग उपस्थिति दर्ज करने की शर्त न हटाने पर और कड़े कदम उठाने की चेतावनी दी गई।
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एक भी इमरमेसी केस नहीं आया :
हड़ताल शुरू होते ही चिकित्सकों ने स्पष्ट किया कि अगर कोई इमरजेंसी केस आता है तो उसे अटेंड किया जाएगा। दादरी नागरिक अस्पताल में सुबह 10 से 11 बजे तक एक भी इमरजेंसी केस नहीं आया। हालांकि मांग पूरी न होने पर एसोसिएशन की ओर से भविष्य में और कड़ा निर्णय लेने की चेतावनी दी गई। इसके तहत इमरजेंसी केस अटेंड करने भी बंद किए जा सकते हैं।
2000 रहती है दैनिक ओपीडी :
दादरी जिले के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों की दैनिक ओपीडी करीब 2,000 रहती है। हर घंटे करीब 350 मरीज देखे जाते हैं। नागरिक अस्पताल की दैनिक ओपीडी 1000, मातृ-शिशु अस्पताल की 450 और तीन सीएचसी व 12 पीएचसी की ओपीडी करीब 600 रहती है।
यह बोले मरीज:::
- पत्नी को दिखाने के लिए नांधा गांव से दादरी नागरिक अस्पताल आया हूं। पत्नी के पेट में तकलीफ है और दर्द भी हो रहा है। एक घंटे बाद चिकित्सक ओपीडी देखना शुरू करेगा। एक घंटा काटणा महाभारत हो रह्या सै।
ओमप्रकाश, नांधा
- मुझे सांस लेने में दिक्कत है। रात तो जैसे-तैसे काट ली लेकिन सुबह 9 बजे ही चिकित्सक को दिखाने के लिए घर से चल पड़ा। यहां पहुंचा तो पता चला कि डॉक्टर एक घंटे की हड़ताल पर हैं। तब से बैठा हड़ताल खत्म होने का इंतजार कर रहा हूं।
रामफल, चरखी
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चार अगस्त को की जाने वाली एक घंटे की हड़ताल की सूचना 28 जुलाई को ही सीएमओ कार्यालय में दे दी गई थी। चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों पर इस तरह के गैर व्यावहारिक और असंवैधानिक निर्णयों को थोपना गलत है। जिओ फेंसिंग हाजिरी के लिए इंस्टॉल की जाने वाली एप से निजता भंग होगी जबकि चिकित्सकों के साथ आपराधिक वारदातें होने का भी भय रहेगा।
राजीव बैनीवाल, जिला प्रधान, हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन (एचसीएमएस)
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ठीक 10 बजते ही शहर के नागरिक और मातृ-शिशु अस्पताल के अलावा 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और 3 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ ने अपनी सीट छोड़ दी, बहुउद्देशीय कर्मचारियों ने भी काम नहीं किया। उनका कहना था कि जिओ फेंसिंग से हाजिरी उनकी निजता का उल्लंघन है।
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ज्यादातर मरीजों को चिकित्सकों की एक घंटे की हड़ताल की जानकारी नहीं थी और उन्हें लगा चिकित्सक राउंड पर गए हैं। काफी देर बीतने के बाद भी जब चिकित्सक अपने कक्ष में नहीं लौटे तो स्टाफ ने एक घंटे की हड़ताल और उसके बाद उपचार मिलने की जानकारी दी। कुछ मरीज तो यह बात सुनकर वापस घर लौट गए जबकि कुछ वहीं बैठकर इंतजार करने लगे। 11 बजे चिकित्सकों ने हड़ताल खत्म की और अपनी सीट संभाली। साथ ही जिओ फेसिंग उपस्थिति दर्ज करने की शर्त न हटाने पर और कड़े कदम उठाने की चेतावनी दी गई।
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एक भी इमरमेसी केस नहीं आया :
हड़ताल शुरू होते ही चिकित्सकों ने स्पष्ट किया कि अगर कोई इमरजेंसी केस आता है तो उसे अटेंड किया जाएगा। दादरी नागरिक अस्पताल में सुबह 10 से 11 बजे तक एक भी इमरजेंसी केस नहीं आया। हालांकि मांग पूरी न होने पर एसोसिएशन की ओर से भविष्य में और कड़ा निर्णय लेने की चेतावनी दी गई। इसके तहत इमरजेंसी केस अटेंड करने भी बंद किए जा सकते हैं।
2000 रहती है दैनिक ओपीडी :
दादरी जिले के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों की दैनिक ओपीडी करीब 2,000 रहती है। हर घंटे करीब 350 मरीज देखे जाते हैं। नागरिक अस्पताल की दैनिक ओपीडी 1000, मातृ-शिशु अस्पताल की 450 और तीन सीएचसी व 12 पीएचसी की ओपीडी करीब 600 रहती है।
यह बोले मरीज:::
- पत्नी को दिखाने के लिए नांधा गांव से दादरी नागरिक अस्पताल आया हूं। पत्नी के पेट में तकलीफ है और दर्द भी हो रहा है। एक घंटे बाद चिकित्सक ओपीडी देखना शुरू करेगा। एक घंटा काटणा महाभारत हो रह्या सै।
ओमप्रकाश, नांधा
- मुझे सांस लेने में दिक्कत है। रात तो जैसे-तैसे काट ली लेकिन सुबह 9 बजे ही चिकित्सक को दिखाने के लिए घर से चल पड़ा। यहां पहुंचा तो पता चला कि डॉक्टर एक घंटे की हड़ताल पर हैं। तब से बैठा हड़ताल खत्म होने का इंतजार कर रहा हूं।
रामफल, चरखी
चार अगस्त को की जाने वाली एक घंटे की हड़ताल की सूचना 28 जुलाई को ही सीएमओ कार्यालय में दे दी गई थी। चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों पर इस तरह के गैर व्यावहारिक और असंवैधानिक निर्णयों को थोपना गलत है। जिओ फेंसिंग हाजिरी के लिए इंस्टॉल की जाने वाली एप से निजता भंग होगी जबकि चिकित्सकों के साथ आपराधिक वारदातें होने का भी भय रहेगा।
राजीव बैनीवाल, जिला प्रधान, हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन (एचसीएमएस)