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Charkhi Dadri News: यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए पुलिस सख्ती से करवाए नियमों का पालन
Sun, 21 Jan 2024 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 21 Jan 2024 12:08 AM IST
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ईश्वर मान, पूर्व जिला पार्षद, भिवानी।
भिवानी। शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए यातायात संकेतक (ट्रैफिक सिग्नल) तो लगे हैं, लेकिन इनका संचालन नहीं हो रहा है। पुलिस को शहर में यातायात नियम की सख्ती से पालन करवानी चाहिए। इसके साथ ही बच्चों की शिक्षा में भी यातायात नियमों को शामिल किया जाना जरूरी है। बच्चों को स्कूल से ही यातायात नियमों का व्यावहारिक ज्ञान दिया जाएगा तो वे इस पर अमल भी करेंगे।
भिवानी शहर में चार मुख्य चौराहों पर यातायात संकेतक लगे हैं। चारों ही जगहों पर ये संकेतक काम नहीं कर रहे हैं। शहर में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए शहरवासी पाठकों ने विचार साझा किए। उनका कहना है कि सबसे पहले नगर परिषद और प्रशासन शहर की सभी संकेतकों को दुरुस्त करवाए ताकि शहर की यातायात व्यवस्था में कुछ सुधार हो सके। यातायात नियमों का पालन करवाने के लिए सख्ती के साथ जागरूकता ही मुख्य विकल्प है।
शहर में मुख्य जगहों पर यातायात संकेतक लगाई गई हैं। ये संकेतक काम नहीं कर रहे हैं। शहर में यातायात नियमों को सुचारू ढंग से चलाने के लिए सबसे पहले इन सभी संकेतकों को ठीक करवाया जाना चाहिए। इससे लोग संकेतक के हिसाब से वाहनों का संचालन करें। अगर कोई नियम तोड़ता है तो उस पर सख्ती से कार्रवाई की जाए। पुलिस को चाहिए कि वे सिर्फ चालान काटने में ही व्यस्त न रहे, बल्कि जाम में फंसे लोगों को निजात दिलाने के लिए वाहनों को भी व्यवस्थित कराए। -तकदीर सिंह ग्रेवाल, पूर्व खंड शिक्षा अधिकारी, भिवानी।
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शहर में यातायात व्यवस्था बनाने के लिए चौक चौराहे पर पर्याप्त पुलिस कर्मचारी तो लगे हैं, फिर भी शहर के घंटाघर चौक पर हमेशा जाम लगा रहता है। इसकी वजह पुलिस सिर्फ चालान काटने में ही लगी रहती है। लोगों को जागरूक करने के साथ ही सख्ती से नियमों का पालन भी करवाना चाहिए। नियम पता होने पर वे इसके दुष्परिणाम भी जान सकेंगे। -नरेश तंवर, पूर्व जीएम एवं समाजसेवी।
यातायात नियमों के पालन के लिए पुलिस को समय-समय पर लोगों को जागरूक करना चाहिए। स्कूलों में जागरूकता शिविर लगाने चाहिए। इससे बच्चे को शुरुआत से ही इनकी गंभीरता के बारे में पता हो। यातायात संबंधी नियमों को स्कूली किताबों में शामिल होना चाहिए। अधिकतर स्कूली बच्चे ही दोपहिया वाहनों को शहर के अंदर सरपट दौड़ाते हैं। -ईश्वर मान, पूर्व जिला पार्षद, भिवानी।
यातायात नियमों का पालन कराने के लिए पुलिस प्रशासन को सख्त होने की जरूरत है। अगर कोई नियमों को तोड़ता है तो उसका चालान कर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में वह सतर्कता के साथ नियमों का पालन करे। उसे बताया भी जाए कि उसका चालान क्यों किया गया। यातायात पुलिस कर्मचारी पहले जाम खुलवाएं और फिर चालान पर ध्यान दें तो बेहतर रहेगा। -बिजेंद्र टांक, हालु मोहल्ला, भिवानी।
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भिवानी शहर में चार मुख्य चौराहों पर यातायात संकेतक लगे हैं। चारों ही जगहों पर ये संकेतक काम नहीं कर रहे हैं। शहर में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए शहरवासी पाठकों ने विचार साझा किए। उनका कहना है कि सबसे पहले नगर परिषद और प्रशासन शहर की सभी संकेतकों को दुरुस्त करवाए ताकि शहर की यातायात व्यवस्था में कुछ सुधार हो सके। यातायात नियमों का पालन करवाने के लिए सख्ती के साथ जागरूकता ही मुख्य विकल्प है।
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शहर में मुख्य जगहों पर यातायात संकेतक लगाई गई हैं। ये संकेतक काम नहीं कर रहे हैं। शहर में यातायात नियमों को सुचारू ढंग से चलाने के लिए सबसे पहले इन सभी संकेतकों को ठीक करवाया जाना चाहिए। इससे लोग संकेतक के हिसाब से वाहनों का संचालन करें। अगर कोई नियम तोड़ता है तो उस पर सख्ती से कार्रवाई की जाए। पुलिस को चाहिए कि वे सिर्फ चालान काटने में ही व्यस्त न रहे, बल्कि जाम में फंसे लोगों को निजात दिलाने के लिए वाहनों को भी व्यवस्थित कराए। -तकदीर सिंह ग्रेवाल, पूर्व खंड शिक्षा अधिकारी, भिवानी।
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शहर में यातायात व्यवस्था बनाने के लिए चौक चौराहे पर पर्याप्त पुलिस कर्मचारी तो लगे हैं, फिर भी शहर के घंटाघर चौक पर हमेशा जाम लगा रहता है। इसकी वजह पुलिस सिर्फ चालान काटने में ही लगी रहती है। लोगों को जागरूक करने के साथ ही सख्ती से नियमों का पालन भी करवाना चाहिए। नियम पता होने पर वे इसके दुष्परिणाम भी जान सकेंगे। -नरेश तंवर, पूर्व जीएम एवं समाजसेवी।
यातायात नियमों के पालन के लिए पुलिस को समय-समय पर लोगों को जागरूक करना चाहिए। स्कूलों में जागरूकता शिविर लगाने चाहिए। इससे बच्चे को शुरुआत से ही इनकी गंभीरता के बारे में पता हो। यातायात संबंधी नियमों को स्कूली किताबों में शामिल होना चाहिए। अधिकतर स्कूली बच्चे ही दोपहिया वाहनों को शहर के अंदर सरपट दौड़ाते हैं। -ईश्वर मान, पूर्व जिला पार्षद, भिवानी।
यातायात नियमों का पालन कराने के लिए पुलिस प्रशासन को सख्त होने की जरूरत है। अगर कोई नियमों को तोड़ता है तो उसका चालान कर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में वह सतर्कता के साथ नियमों का पालन करे। उसे बताया भी जाए कि उसका चालान क्यों किया गया। यातायात पुलिस कर्मचारी पहले जाम खुलवाएं और फिर चालान पर ध्यान दें तो बेहतर रहेगा। -बिजेंद्र टांक, हालु मोहल्ला, भिवानी।