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Charkhi Dadri News: मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने सिविल अस्पताल में पकड़ा 415 रुपये का गबन
Sat, 21 Jan 2023 11:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 21 Jan 2023 11:35 PM IST
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सिविल अस्पताल में ओपीडी पर्ची काउंटर के कंप्यूटर में रिकॉर्ड की जांच करती टीम। संवाद
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चरखी दादरी। लाखों-करोड़ों रुपये का गबन करने के मामले तो आपने सुने होंगे, लेकिन चरखी दादरी नागरिक अस्पताल में 415 रुपये के गबन का मामला सामने आया है। यह मामला मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने पकड़ा है और गबन का आरोप ओपीडी पर्ची काउंटर पर तैनात ऑपरेटर पर है। वहीं, दबिश के दौरान मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के साथ मौजूद डॉ. रवि सहरावत ने इस मामले की रिपोर्ट तैयार कर सीएमओ डॉ. कृष्ण कुमार को भेज दी है।
दरअसल, मुख्यमंत्री उड़नदस्ते को सूचना मिली थी कि दादरी सिविल अस्पताल के ओपीडी पर्ची काउंटर पर तैनात ऑपरेटर मरीजों से तो पर्ची के नाम पर 5 रुपये ले लेता है, लेकिन विभाग के रिकॉर्ड में फीस शून्य चढ़ाकर यह राशि अपने पास रख लेता है। इस आधार पर शनिवार को मुख्यमंत्री उड़नदस्ता जांच के लिए दादरी पहुंचा। उड़नदस्ते ने गुप्तचर विभाग टीम और सिविल अस्पताल में तैनात डॉ. रवि सहरावत को अपने साथ लेकर सिविल अस्पताल में दबिश दी।
ओपीडी पर्ची काउंटर पर कंप्यूटर ऑपरेटर ओमबीर हाजिर मिला। कंप्यूटर में रिकाॅर्ड खंगालने पर शनिवार की ओपीडी पर्ची फीस 945 रुपये आने का ब्योरा मिला। वहीं, जांच के दौरान ऑपरेटर के पास 1280 रुपये के नोट और 80 रुपये के सिक्के मिले। उसके पास से कुल 1360 रुपये बरामद हुए। 415 रुपये अधिक मिलने के बात पर ऑपरेटर ओमबीर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। इतना ही नहीं कुछ मरीजों से तो फीस के नाम पर 10 रुपये लेने की बात भी सामने आई।
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- 500 से अधिक हैं दैनिक ओपीडी
सिविल अस्पताल की अगर बात करें तो दैनिक ओपीडी 500 से अधिक रहती है। इस लिहाज से प्रतिदिन 2500 से अधिक की फीस विभाग के पास आती है। इस छोटी धनराशि में भी ऑपरेटर जालसाजी कर गबन करने के मंसूबे रखते हैं और शनिवार को हुए निरीक्षण में इसकी बानगी देखने को मिली।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के साथ था। इस मामले की रिपोर्ट जल्द ही सीएमओ को सौंपी जाएगी। अगली कार्रवाई उनके द्वारा अमल में लाई जाएगी।
-डॉ. रवि सहरावत, ऑर्थो स्पेशलिस्ट, सिविल अस्पताल
अभी रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही इस मसले पर कुछ कह पाऊंगा। रिपोर्ट के आधार पर ही अगली विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-डॉ. कृष्ण कुमार, सीएमओ, चरखी दादरी
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दरअसल, मुख्यमंत्री उड़नदस्ते को सूचना मिली थी कि दादरी सिविल अस्पताल के ओपीडी पर्ची काउंटर पर तैनात ऑपरेटर मरीजों से तो पर्ची के नाम पर 5 रुपये ले लेता है, लेकिन विभाग के रिकॉर्ड में फीस शून्य चढ़ाकर यह राशि अपने पास रख लेता है। इस आधार पर शनिवार को मुख्यमंत्री उड़नदस्ता जांच के लिए दादरी पहुंचा। उड़नदस्ते ने गुप्तचर विभाग टीम और सिविल अस्पताल में तैनात डॉ. रवि सहरावत को अपने साथ लेकर सिविल अस्पताल में दबिश दी।
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ओपीडी पर्ची काउंटर पर कंप्यूटर ऑपरेटर ओमबीर हाजिर मिला। कंप्यूटर में रिकाॅर्ड खंगालने पर शनिवार की ओपीडी पर्ची फीस 945 रुपये आने का ब्योरा मिला। वहीं, जांच के दौरान ऑपरेटर के पास 1280 रुपये के नोट और 80 रुपये के सिक्के मिले। उसके पास से कुल 1360 रुपये बरामद हुए। 415 रुपये अधिक मिलने के बात पर ऑपरेटर ओमबीर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। इतना ही नहीं कुछ मरीजों से तो फीस के नाम पर 10 रुपये लेने की बात भी सामने आई।
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- 500 से अधिक हैं दैनिक ओपीडी
सिविल अस्पताल की अगर बात करें तो दैनिक ओपीडी 500 से अधिक रहती है। इस लिहाज से प्रतिदिन 2500 से अधिक की फीस विभाग के पास आती है। इस छोटी धनराशि में भी ऑपरेटर जालसाजी कर गबन करने के मंसूबे रखते हैं और शनिवार को हुए निरीक्षण में इसकी बानगी देखने को मिली।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के साथ था। इस मामले की रिपोर्ट जल्द ही सीएमओ को सौंपी जाएगी। अगली कार्रवाई उनके द्वारा अमल में लाई जाएगी।
-डॉ. रवि सहरावत, ऑर्थो स्पेशलिस्ट, सिविल अस्पताल
अभी रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही इस मसले पर कुछ कह पाऊंगा। रिपोर्ट के आधार पर ही अगली विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-डॉ. कृष्ण कुमार, सीएमओ, चरखी दादरी