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मोहित हत्याकांड: महेंद्रगढ़ के भूरावास निवासी दो आरोपियों को स्पेशल स्टाफ ने पिलानी से दबोचा
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चरखी दादरी। कासनी निवासी मोहित हत्याकांड में शामिल दो आरोपी 10वें दिन स्पेशल स्टाफ के हत्थे चढ़ गए। हत्याकांड के 11वें दिन शुक्रवार को डीएसपी विरेंद्र सिंह ने उनकी गिरफ्तारी की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हत्याकांड में शामिल महेंद्रगढ़ जिले के भूरावास निवासी अंकुर उर्फ बोना और क्रांति उर्फ कांत को पिलानी से दबोचा है। पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश कर पूछताछ के लिए 7 दिन के रिमांड पर लिया है।
शुक्रवार दोपहर डेढ़ बजे डीएसपी हेडक्वार्टर विरेंद्र सिंह ने अपने कार्यालय में प्रेस वार्ता कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने की पुष्टि की। हालांकि तीसरा आरोपी फतेहगढ़ निवासी नवीन अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। डीएसपी विरेंद्र सिंह ने बताया कि तीन अक्तूबर को कासनी गांव में मोहित की बाइक से आए तीन युवकों ने हत्या कर दी थी। मोहित पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई गई थीं, जिसके चलते उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। मृतक के चाचा ने कासनी गैंग सरगना प्रदीप समेत प्रवीन उर्फ मांडू, नित्यानंद उर्फ नेता पर षड्यंत्र के तहत उसके भतीजे की हत्या करने का आरोप लगाया था, जिसके आधार पर पुलिस ने केस दर्ज किया था।
उन्होंने बताया कि पुलिस हत्याकांड के बाद से आरोपियों की तलाश में जुटी थी। वीरवार शाम स्पेशल स्टाफ प्रभारी शमशेर सिंह ने आरोपी अंकुर उर्फ बोना और क्रांति उर्फ कांत को पिलानी से गुप्त सूचना के आधार पर गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि हत्याकांड का तीसरे आरोपी नवीन अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के बाद ही स्पष्ट होगा कि मोहित की हत्या किसने और क्यों करवाई है।
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प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी अंकुर उर्फ बोना और क्रांति उर्फ कांत ने बताया कि मोहित की हत्या करने के बाद वो नवीन से अलग हो गए थे। पुलिस से छिपने के लिए वो हरिद्वार और गुरुग्राम में रुके। इसके बाद उनके पैसे खत्म हो गए तो वहां से पिलानी आकर रुक गए।
पैसे खत्म हुए तो किया लोन लेने का प्रयास, पकड़े गए
सूत्रों के अनुसार जिला पुलिस ने पहले ही पिलानी में अपना जाल बिछाकर मुखबिर को एक्टिव कर रखा था। दोनों आरोपियों के पास पैसे खत्म हुए तो उन्होंने लोन लेने की सोची। इसके तहत उन्होंने पिलानी में एक शख्स से संपर्क किया। उक्त शख्स पुलिस का मुखबिर था और उसने पहले दिन उन्हें कुछ रुपये देकर भेज दिया, जबकि लोन की प्रक्रिया अगले दिन पूरी कराने की बात कही। इसके बाद अगले दिन दोनों के वहां पहुंचते ही पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।
दोनों पर दर्ज है हत्या के प्रयास का मामला
स्पेशल स्टाफ के हत्थे चढ़े दोनों आरोपियों पर महेंद्रगढ़ जिले में हत्या के प्रयास का मामला दर्ज है। हालांकि दादरी जिले में उन पर पहले कोई मामला दर्ज नहीं है। कासनी में हुए मोहित हत्याकांड में ये दोनों युवक संलिप्त थे जो नशेड़ी प्रवृत्ति के बताए जा रहे हैं।
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शुक्रवार दोपहर डेढ़ बजे डीएसपी हेडक्वार्टर विरेंद्र सिंह ने अपने कार्यालय में प्रेस वार्ता कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने की पुष्टि की। हालांकि तीसरा आरोपी फतेहगढ़ निवासी नवीन अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। डीएसपी विरेंद्र सिंह ने बताया कि तीन अक्तूबर को कासनी गांव में मोहित की बाइक से आए तीन युवकों ने हत्या कर दी थी। मोहित पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई गई थीं, जिसके चलते उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। मृतक के चाचा ने कासनी गैंग सरगना प्रदीप समेत प्रवीन उर्फ मांडू, नित्यानंद उर्फ नेता पर षड्यंत्र के तहत उसके भतीजे की हत्या करने का आरोप लगाया था, जिसके आधार पर पुलिस ने केस दर्ज किया था।
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उन्होंने बताया कि पुलिस हत्याकांड के बाद से आरोपियों की तलाश में जुटी थी। वीरवार शाम स्पेशल स्टाफ प्रभारी शमशेर सिंह ने आरोपी अंकुर उर्फ बोना और क्रांति उर्फ कांत को पिलानी से गुप्त सूचना के आधार पर गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि हत्याकांड का तीसरे आरोपी नवीन अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के बाद ही स्पष्ट होगा कि मोहित की हत्या किसने और क्यों करवाई है।
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प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी अंकुर उर्फ बोना और क्रांति उर्फ कांत ने बताया कि मोहित की हत्या करने के बाद वो नवीन से अलग हो गए थे। पुलिस से छिपने के लिए वो हरिद्वार और गुरुग्राम में रुके। इसके बाद उनके पैसे खत्म हो गए तो वहां से पिलानी आकर रुक गए।
पैसे खत्म हुए तो किया लोन लेने का प्रयास, पकड़े गए
सूत्रों के अनुसार जिला पुलिस ने पहले ही पिलानी में अपना जाल बिछाकर मुखबिर को एक्टिव कर रखा था। दोनों आरोपियों के पास पैसे खत्म हुए तो उन्होंने लोन लेने की सोची। इसके तहत उन्होंने पिलानी में एक शख्स से संपर्क किया। उक्त शख्स पुलिस का मुखबिर था और उसने पहले दिन उन्हें कुछ रुपये देकर भेज दिया, जबकि लोन की प्रक्रिया अगले दिन पूरी कराने की बात कही। इसके बाद अगले दिन दोनों के वहां पहुंचते ही पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।
दोनों पर दर्ज है हत्या के प्रयास का मामला
स्पेशल स्टाफ के हत्थे चढ़े दोनों आरोपियों पर महेंद्रगढ़ जिले में हत्या के प्रयास का मामला दर्ज है। हालांकि दादरी जिले में उन पर पहले कोई मामला दर्ज नहीं है। कासनी में हुए मोहित हत्याकांड में ये दोनों युवक संलिप्त थे जो नशेड़ी प्रवृत्ति के बताए जा रहे हैं।