{"_id":"67a4f7ca9d1d782a350fde18","slug":"many-shortcomings-were-found-during-the-three-and-a-half-hour-inspection-of-the-director-instructions-were-given-for-improvement-charkhi-dadri-news-c-126-1-cdr1001-131264-2025-02-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Charkhi Dadri News: निदेशक के साढ़े तीन घंटे के निरीक्षण में मिलीं कई कमियां, सुधार के दिए निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Charkhi Dadri News: निदेशक के साढ़े तीन घंटे के निरीक्षण में मिलीं कई कमियां, सुधार के दिए निर्देश
विज्ञापन
फार्मेसी स्टोर में स्टाफ को निर्देश देते निदेशक डॉ. विरेंद्र यादव।
चरखी दादरी। एनएचएम निदेशक डॉ. विरेंद्र यादव ने वीरवार को नागरिक अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान स्टाफ से उन्होंने सवाल पूछे तो वे बगले झांकने लगे। इतना ही नहीं, अस्पताल के विभिन्न कक्षों की व्यवस्थाओं में निदेशक को खामियां मिलीं और इन्हें लेकर उन्होंने स्टाफ को लताड़ लगाई। खास बात यह कि निदेशक ने अगले सप्ताह से दादरी नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सुविधा शुरू करने के निर्देश दे दिए।
डॉ. विरेंद्र यादव दोपहर बाद 3:20 बजे नागरिक अस्पताल पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने एसएमओ कक्ष के पास निरीक्षण शुरू किया। एसएमओ कार्यालय के साथ लगते कक्ष में ए-चार आकार के पेज पर सूचना चस्पा मिली। यह खामी निदेशक डॉ. विरेंद्र यादव ने पकड़ ली और ऐसा न करने के निर्देश दिए।
इसके बाद निदेशक फार्मेसी सेंट्रल स्टोर पहुंचे। वहां बिजली की ओपन फिटिंग मिली। उन्होंने तत्काल शॉर्ट-सर्किट का हवाला देते फिटिंग अंडरग्राउंड कराने का आदेश दिया। इसके बाद निदेशक ने नागरिक अस्पताल में लगे लाउडस्पीकर की जांच की।
विज्ञापन
फिर वह नागरिक अस्पताल के दवा स्टोर में पहुंचे तो उन्हें बायल प्लास्टिक के डिस्पोजल में रखी मिली। जबकि, यहां एक दवा एक्सपायरी तारीख की मिली। हालांकि, यहां तैनात महिला कर्मचारी ने अगले तीन माह में एक्सपायर होने वाली दवाओं की सूची निदेशक को दिखाई। इसके बाद निदेशक ब्लड बैंक पहुंचे और शाम तक यहां आवश्यक सुविधाएं पूरी करवाकर फोटो उन्हें भेजने का आदेश दिया। यहां का निरीक्षण करने के बाद निदेशक ने शौचालय की जांच की और फिर छाती रोग विशेषज्ञ के कमरे में पहुंचे।
- महिला जांच कक्ष में मिले जंग लगे औजार
निदेशक डॉ. विरेंद्र यादव अपने दोनों उप निदेशकों के साथ महिला रोग जांच कक्ष में पहुंचे। यहां महिला उप निदेशक को जंग लगे औजार मिले और इसे लेकर स्टाफ को लताड़ लगाई। इसके अलावा, यहां कुछ अन्य खामियां भी पाई गईं जबकि गाइनी छुट्टी पर मिलीं।
- अल्ट्रासोनोलॉजिस्ट को बुलाया, मशीन उपलब्ध कराने की दी जानकारी
दादरी पहुंचने के बाद निदेशक डॉ. विरेंद्र यादव ने बंद अल्ट्रासाउंड सुविधा की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने अपने स्तर पर बात की और जिला स्वास्थ्य विभाग के लिए अल्ट्रासाउंड मशीन मुहैया करवा दी। इसके बाद उन्होंने अल्ट्रासोनोलॉजिस्ट को मौके पर बुलाया और मशीन उपलब्ध होने की जानकारी देते हुए अगले सप्ताह से अल्ट्रासाउंड शुरू करने का आदेश दिया।
- वैक्सीन स्टोर में आती मिली बदबू
निदेशक वैक्सीन स्टोर भी पहुंचे। यहां पहुंचते ही उन्होंने स्टाफ से पूछा कि शौचालय की बदबू कहां से आ रही है। इसके बाद स्टाफ ने शौचालय की तरफ बना गेट बंद किया। हालांकि, यहां निदेशक को उपलब्ध वैक्सीन का चार्ट सही मिला और इसके लिए उन्होंने तारीफ भी की।
- टीकाकरण कक्ष में नहीं मिली जीवनरक्षक दवा
कमरा नंबर-22 स्थित टीकाकरण कक्ष में निदेशक पहुंचे। यहां उन्होंने एईएफआई किट की जांच की। इस दौरान किट में एड्रलीन नामक जीवनरक्षा दवा ही नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने यहां तैनात दो महिला स्टाफ से टीकाकरण और हाई रिस्क प्रेग्नेंसी को लेकर सवाल पूछे तो वे जवाब नहीं दे पाईं। यहां तक कि एईएफआई की फुल फार्म भी वे नहीं बता पाईं।
वर्सन:
निरीक्षण का मकसद व्यवस्थाओं में सुधार कराना है। जो खामियां मिली हैं, उन्हें दूर करने के निर्देश दे दिए हैं। अल्ट्रासाउंड सुविधा जल्द ही दादरी नागरिक अस्पताल में शुरू कर दी जाएगी। वहीं, स्टाफ को निर्देश दिए गए हैं कि व्यवस्थाओं में सुधार के बाद उनका फोटो भी भेजें।
-डॉ. विरेंद्र यादव, निदेशक, एनएचएम
विज्ञापन
डॉ. विरेंद्र यादव दोपहर बाद 3:20 बजे नागरिक अस्पताल पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने एसएमओ कक्ष के पास निरीक्षण शुरू किया। एसएमओ कार्यालय के साथ लगते कक्ष में ए-चार आकार के पेज पर सूचना चस्पा मिली। यह खामी निदेशक डॉ. विरेंद्र यादव ने पकड़ ली और ऐसा न करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
इसके बाद निदेशक फार्मेसी सेंट्रल स्टोर पहुंचे। वहां बिजली की ओपन फिटिंग मिली। उन्होंने तत्काल शॉर्ट-सर्किट का हवाला देते फिटिंग अंडरग्राउंड कराने का आदेश दिया। इसके बाद निदेशक ने नागरिक अस्पताल में लगे लाउडस्पीकर की जांच की।
विज्ञापन
फिर वह नागरिक अस्पताल के दवा स्टोर में पहुंचे तो उन्हें बायल प्लास्टिक के डिस्पोजल में रखी मिली। जबकि, यहां एक दवा एक्सपायरी तारीख की मिली। हालांकि, यहां तैनात महिला कर्मचारी ने अगले तीन माह में एक्सपायर होने वाली दवाओं की सूची निदेशक को दिखाई। इसके बाद निदेशक ब्लड बैंक पहुंचे और शाम तक यहां आवश्यक सुविधाएं पूरी करवाकर फोटो उन्हें भेजने का आदेश दिया। यहां का निरीक्षण करने के बाद निदेशक ने शौचालय की जांच की और फिर छाती रोग विशेषज्ञ के कमरे में पहुंचे।
- महिला जांच कक्ष में मिले जंग लगे औजार
निदेशक डॉ. विरेंद्र यादव अपने दोनों उप निदेशकों के साथ महिला रोग जांच कक्ष में पहुंचे। यहां महिला उप निदेशक को जंग लगे औजार मिले और इसे लेकर स्टाफ को लताड़ लगाई। इसके अलावा, यहां कुछ अन्य खामियां भी पाई गईं जबकि गाइनी छुट्टी पर मिलीं।
- अल्ट्रासोनोलॉजिस्ट को बुलाया, मशीन उपलब्ध कराने की दी जानकारी
दादरी पहुंचने के बाद निदेशक डॉ. विरेंद्र यादव ने बंद अल्ट्रासाउंड सुविधा की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने अपने स्तर पर बात की और जिला स्वास्थ्य विभाग के लिए अल्ट्रासाउंड मशीन मुहैया करवा दी। इसके बाद उन्होंने अल्ट्रासोनोलॉजिस्ट को मौके पर बुलाया और मशीन उपलब्ध होने की जानकारी देते हुए अगले सप्ताह से अल्ट्रासाउंड शुरू करने का आदेश दिया।
- वैक्सीन स्टोर में आती मिली बदबू
निदेशक वैक्सीन स्टोर भी पहुंचे। यहां पहुंचते ही उन्होंने स्टाफ से पूछा कि शौचालय की बदबू कहां से आ रही है। इसके बाद स्टाफ ने शौचालय की तरफ बना गेट बंद किया। हालांकि, यहां निदेशक को उपलब्ध वैक्सीन का चार्ट सही मिला और इसके लिए उन्होंने तारीफ भी की।
- टीकाकरण कक्ष में नहीं मिली जीवनरक्षक दवा
कमरा नंबर-22 स्थित टीकाकरण कक्ष में निदेशक पहुंचे। यहां उन्होंने एईएफआई किट की जांच की। इस दौरान किट में एड्रलीन नामक जीवनरक्षा दवा ही नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने यहां तैनात दो महिला स्टाफ से टीकाकरण और हाई रिस्क प्रेग्नेंसी को लेकर सवाल पूछे तो वे जवाब नहीं दे पाईं। यहां तक कि एईएफआई की फुल फार्म भी वे नहीं बता पाईं।
वर्सन:
निरीक्षण का मकसद व्यवस्थाओं में सुधार कराना है। जो खामियां मिली हैं, उन्हें दूर करने के निर्देश दे दिए हैं। अल्ट्रासाउंड सुविधा जल्द ही दादरी नागरिक अस्पताल में शुरू कर दी जाएगी। वहीं, स्टाफ को निर्देश दिए गए हैं कि व्यवस्थाओं में सुधार के बाद उनका फोटो भी भेजें।
-डॉ. विरेंद्र यादव, निदेशक, एनएचएम