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Charkhi Dadri News: महाबीर फौगाट ने वापस लिया मैट से दूरी बनाने का फैसला
Sun, 11 Aug 2024 02:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 11 Aug 2024 02:01 AM IST
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द्रोणाचार्य अवार्डी पहलवान महाबीर फौगाट। संवाद
अमर उजाला एक्सकलूसिव:
- विनेश के संन्यास की घोषणा करते ही बंद कर दिया था खिलाड़ियों को अभ्यास करवाना, अब खुद के विवेक से फैसला बदला, बोले : विनेश को हम सब मिलकर मनाएंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी/झोझूकलां। माटी के अखाड़े में अभ्यास करवाकर छह बेटियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का पहलवान बनाने वाले द्रोणाचार्य अवॉर्डी पहलवान महाबीर फोगाट ने मैट से दूरी बनाकर रखने का फैसला वापस ले लिया है। इससे पहले उन्होंने किन्हीं कारणों से युवाओं को कुश्ती का अभ्यास न करवाने का फैसला लिया था। हालांकि, उन्हें विनेश फौगाट प्रकरण में फैसला आने का इंतजार है। उसके बाद ही वह युवाओं को अभ्यास करवाना शुरू करेंगे।
शनिवार को संवाददाता से बातचीत में एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने स्वीकार किया कि विनेश को ओलंपिक से अयोग्य करार देने और उसके तुरंत बाद विनेश के संन्यास लेने से उन्हें ठेस पहुंची। इसके चलते उन्होंने मैट से दूरी बनाने व युवाओं को अभ्यास न करवाने का फैसला ले लिया था। एक कारण यह भी है कि जिन खिलाड़ियों को उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया वे मुकाम हासिल करते ही अपने द्रोण बदल लिए और पुराने अभ्यास स्थल से भी मुंह मोड़ लिया।
महाबीर फौगाट ने कहा कि अब ठंडे दिमाग से सोचकर फैसला लिया है कि युवाओं को अभ्यास करवाना जारी रखूंगा। उन्होंने कहा कि मैट से दूरी बनाने का फैसला बदल दिया है। अब हम सब मिलकर विनेश फौगाट को भी मनाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि ओलंपिक में पदक न दिला पाने की कसक बरकरार है। अब उम्मीद है विनेश अपना फैसला बदलकर अगले ओलंपिक में अपना व उनका सपना पूरा करेगी। इसके अलावा प्रयास रहेगा कि देश के लिए और बेहतर पहलवान तैयार करूं। इसके लिए नई ऊर्जा के साथ जल्द ही अभ्यास करवाना शुरू कर दूंगा।
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जानिए...कौन हैं द्रोणाचार्य महाबीर फौगाट
बता दें कि द्रोणाचार्य अवॉर्डी महाबीर फौगाट मूलरूप से चरखी दादरी जिले के गांव बलाली के रहने वाले हैं। उन्होंने अपने बलबूते और सुविधाओं की कमी के अभाव में अपनी चारों बेटियों समेत परिवार की दो अन्य बेटियों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर का पहलवान बनाया। उनके बड़ी बेटी गीता फौगाट ओलंपिक में क्वालीफाई करने वाली देश की पहली महिला पहलवान हैं। छोटी बेटी बबीता फौगाट भी अर्जुन अवाॅर्डी हैं। इन दोनों बहनों के संघर्ष पर दंगल फिल्म बनी थी। इसके बाद फौगाट परिवार सुर्खियों में आ गया था। महाबीर फौगाट स्वयं द्रोणाचार्य अवाॅर्डी हैं।
फोटो 10
द्रोणाचार्य अवाॅर्डी पहलवान महाबीर फौगाट। संवाद
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- विनेश के संन्यास की घोषणा करते ही बंद कर दिया था खिलाड़ियों को अभ्यास करवाना, अब खुद के विवेक से फैसला बदला, बोले : विनेश को हम सब मिलकर मनाएंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी/झोझूकलां। माटी के अखाड़े में अभ्यास करवाकर छह बेटियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का पहलवान बनाने वाले द्रोणाचार्य अवॉर्डी पहलवान महाबीर फोगाट ने मैट से दूरी बनाकर रखने का फैसला वापस ले लिया है। इससे पहले उन्होंने किन्हीं कारणों से युवाओं को कुश्ती का अभ्यास न करवाने का फैसला लिया था। हालांकि, उन्हें विनेश फौगाट प्रकरण में फैसला आने का इंतजार है। उसके बाद ही वह युवाओं को अभ्यास करवाना शुरू करेंगे।
शनिवार को संवाददाता से बातचीत में एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने स्वीकार किया कि विनेश को ओलंपिक से अयोग्य करार देने और उसके तुरंत बाद विनेश के संन्यास लेने से उन्हें ठेस पहुंची। इसके चलते उन्होंने मैट से दूरी बनाने व युवाओं को अभ्यास न करवाने का फैसला ले लिया था। एक कारण यह भी है कि जिन खिलाड़ियों को उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया वे मुकाम हासिल करते ही अपने द्रोण बदल लिए और पुराने अभ्यास स्थल से भी मुंह मोड़ लिया।
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महाबीर फौगाट ने कहा कि अब ठंडे दिमाग से सोचकर फैसला लिया है कि युवाओं को अभ्यास करवाना जारी रखूंगा। उन्होंने कहा कि मैट से दूरी बनाने का फैसला बदल दिया है। अब हम सब मिलकर विनेश फौगाट को भी मनाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि ओलंपिक में पदक न दिला पाने की कसक बरकरार है। अब उम्मीद है विनेश अपना फैसला बदलकर अगले ओलंपिक में अपना व उनका सपना पूरा करेगी। इसके अलावा प्रयास रहेगा कि देश के लिए और बेहतर पहलवान तैयार करूं। इसके लिए नई ऊर्जा के साथ जल्द ही अभ्यास करवाना शुरू कर दूंगा।
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जानिए...कौन हैं द्रोणाचार्य महाबीर फौगाट
बता दें कि द्रोणाचार्य अवॉर्डी महाबीर फौगाट मूलरूप से चरखी दादरी जिले के गांव बलाली के रहने वाले हैं। उन्होंने अपने बलबूते और सुविधाओं की कमी के अभाव में अपनी चारों बेटियों समेत परिवार की दो अन्य बेटियों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर का पहलवान बनाया। उनके बड़ी बेटी गीता फौगाट ओलंपिक में क्वालीफाई करने वाली देश की पहली महिला पहलवान हैं। छोटी बेटी बबीता फौगाट भी अर्जुन अवाॅर्डी हैं। इन दोनों बहनों के संघर्ष पर दंगल फिल्म बनी थी। इसके बाद फौगाट परिवार सुर्खियों में आ गया था। महाबीर फौगाट स्वयं द्रोणाचार्य अवाॅर्डी हैं।
फोटो 10
द्रोणाचार्य अवाॅर्डी पहलवान महाबीर फौगाट। संवाद