फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Charkhi Dadri News ›   list will make above than 13 liter milk giver cows and buffaloes

Charkhi Dadri News: 13 लीटर से ज्यादा दूध देने वाली गायों व भैंसों की सूची होगी तैयार

Tue, 03 Jun 2025 01:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Tue, 03 Jun 2025 01:05 AM IST
विज्ञापन
list will make above than 13 liter milk giver cows and buffaloes
जगवीर शर्मा
विज्ञापन

चरखी दादरी। पशुपालन विभाग सुरभि चयन शृंखला के तहत पशुधन की गुणवत्ता, नस्ल सुधार व दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए 13 लीटर से ज्यादा दूध देने वाली गायों व भैंसों के दूध का मापन एवं गणना करेगा।
इसके लिए सभी पशु औषधालय एवं चिकित्सालयों में तैनात कर्मचारियों व चिकित्सकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। घर-घर जाकर इन पशुओं की सूची तैयार की जाएगी। जिले में पशुओं की कुल संख्या 1,53,675 है। इनमें भैंसों की संख्या 12,946 और गायोें की 28,000 है।
विज्ञापन

इस समय भारत दुग्ध उत्पादन मेंं दुनिया में नंबर वन है। भारत की दूध उत्पादन की गति इस समय 5.4 प्रतिशत वार्षिक है। इसमें खासकर हरियाणा प्रदेश का सराहनीय योगदान है। वैसे भी यह प्रदेश देसा म्ह देस हरियाणा, जित दूध-दही खाणा कहावत से देशभर में जाना जाता है। कृषि एवं पशुपालन में प्रदेश अग्रणी माना जाता है। किसान खेती के साथ-साथ पशुपालन करते हैं, जिससे उनकी आय भी बढ़ती है और खान-पान भी पौष्टिक होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं, सरकार भी दुग्ध उत्पादन एवं नस्ल सुधार की दिशा में लगातार काम कर रही है। पशु अनुसंधान केंद्रों में हर साल पशुओं की नई नस्लें खोज करने पर काम हो रहा है। सरकार की ओर से हर साल राज्यस्तरीय पशु प्रदर्शनी भी लगाई जाती है। इसमें राज्य भर से 30 से अधिक कैटेगरी के पशु इसमें शामिल किए जाते हैं। पशुपालकों को पुरस्कार भी दिए जाते हैं। हालांकि, पिछले कुछ सालों से दूध देने वाले पशुओं में भैंस की संख्या कम हुई है। गायों की संख्या बढ़ी है।

दूध में होते हैं सभी पोषक तत्व : पशु विशेषज्ञों की मानें तो चयन शृंखला का उद्देश्य पशुधन गुणवत्ता में सुधार लाना है। यह योजना पशुधन के लिए एक प्रजनन कार्यक्रम का हिस्सा है। इसके माध्यम से नस्ल सुधार पर ध्यान दिया जाएगा। ताकि, नस्ल सुधार के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन बढ़े। देश की आबादी हर साल बढ़ रही है। ऐसे में दूध का उत्पादन बढ़ाना भी जरूरी हो गया है। दूध ऐसा तरल पदार्थ है, जिसमें शरीर के विकास के लिए आवश्यक तकरीबन सभी प्रकार के पोषक तत्व होते हैं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed