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बारिश के कारण 20 राजकीय स्कूलों में पहुंचे पांच से भी कम बच्चे
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बारिश बनी आफत, पहले दिन 20 राजकीय स्कूलों में पहुंचे पांच से भी कम बच्चे
चरखी दादरी। बारिश के कारण कक्षा चौथी व पांचवीं के विद्यार्थियों की पहले दिन संख्या काफी कम रही। सरकारी स्कूलों में यह संख्या मुश्किल से 20 प्रतिशत भी नहीं थी। प्राइवेट स्कूलों में 40 प्रतिशत विद्यार्थी स्कूलों में पहुंचे। करीब 20 राजकीय स्कूल तो ऐसे हैं जहां पांच से भी कम विद्यार्थी पहुंचे। ज्यादातर स्कूलों में पहले दिन पढ़ाई नहीं हो सकी।
बुधवार सुबह साढ़े चार बजे से ही बारिश का सिलसिला शुरू हो गया था। स्कूल के टाइम तक बारिश होती रही। बारिश से सड़कों पर जलभराव हो गया। स्कूली बसों को भी आवागमन में बाधा बनी रही। अधिकतर अभिभावकों ने खराब मौसम के चलते अपने बच्चों को स्कूलों में भेजना उचित ही नहीं समझा।
जो विद्यार्थी स्कूल पहुंचे सबसे पहले उनके तापमान की जांच की गई। शिक्षकों ने इन विद्यार्थियों की काउंसलिंग कर मनोबल बढ़ाया। कक्षा कक्ष में सैनिटाइजर का छिड़काव किया गया। बेंच की उचित दूरी रखी गई। विद्यार्थियों के दोपहर भोजन के समय शिक्षकों की ओर से विशेष निगरानी रखी गई ताकि आपस में लंच बॉक्स शेयर न कर सके। विद्यार्थी पानी की बोतलें भी साथ लेकर स्कूल पहुंचे।
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प्राइमरी शिक्षिका देवराणा ने बताया कि पहले दिन इन विद्यार्थियों की काउंसलिंग की गई। कोरोना के प्रति इनके मन में व्याप्त भ्रम आदि को दूर किया। खानपान आदि के बारे में जानकारी दी गई। प्रेरककहानियां सुनाकर प्रोत्साहित किया गया। देवराणा ने बताया कि पहले दिन पहुंचे इन विद्यार्थियों में स्कूल के प्रति उल्लास भी देखने को मिला।
राजकीय स्कूलों में 6781 है दोनों कक्षाओं में विद्यार्थी
जिला में चौथी कक्षा में 3214 और पांचवीं में 3567 विद्यार्थी हैं। प्राइमरी स्कूलों की संख्या 210 है। करीब 170 प्राइवेट प्राइमरी स्कूल भी हैं जिनमें करीब आठ विद्यार्थी पढ़ते हैं। बीईओ जलधीर सिंह कलकल ने बताया कि पहले दिन संख्या कुछ कम रही है। धीरे-धीरे संख्या बढ़ जाएगी। इन कक्षाओं के सिलेबस को जल्दी पूरा करवाया जाएगा ताकि वे पिछड़ने न पाएं। छोटी कक्षाओं के विद्यार्थियों के समक्ष ऑनलाइन पढ़ाई में सबसे ज्यादा दिक्कत रही है। अब इन पढ़ाई की सभी प्रकार की दिक्कतों को दूर करने के प्रयास किए जाएंगे।
कुछ स्कूल संचालकों ने कर दी छुट्टी
बारिश को देखते हुए कुछ निजी स्कूल संचालकों ने तो छुट्टी ही कर दी। हालांकि इनमें से ज्यादातर स्कूलों की बसें विद्यार्थियों और स्टाफ को लेेने के लिए सामान्य दिनों की ही तरह समय पर पहुंची, लेकिन बाद में झमाझम बारिश को देखते हुए स्कूल जाने के बाद अवकाश घोषित कर विद्यार्थियों और स्टाफ को वापस भेज दिया गया।
वर्जन::
बारिश के चलते पहले दिन छात्र संख्या कम रही। चौथी और पांचवीं कक्षा में भी छात्र संख्या जल्द बढ़ जाएगी। इसके लिए काउंसिलिंग भी करवाई जा रही है।
जेपी संभ्रवाल, जिला शिक्षा अधिकारी
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चरखी दादरी। बारिश के कारण कक्षा चौथी व पांचवीं के विद्यार्थियों की पहले दिन संख्या काफी कम रही। सरकारी स्कूलों में यह संख्या मुश्किल से 20 प्रतिशत भी नहीं थी। प्राइवेट स्कूलों में 40 प्रतिशत विद्यार्थी स्कूलों में पहुंचे। करीब 20 राजकीय स्कूल तो ऐसे हैं जहां पांच से भी कम विद्यार्थी पहुंचे। ज्यादातर स्कूलों में पहले दिन पढ़ाई नहीं हो सकी।
बुधवार सुबह साढ़े चार बजे से ही बारिश का सिलसिला शुरू हो गया था। स्कूल के टाइम तक बारिश होती रही। बारिश से सड़कों पर जलभराव हो गया। स्कूली बसों को भी आवागमन में बाधा बनी रही। अधिकतर अभिभावकों ने खराब मौसम के चलते अपने बच्चों को स्कूलों में भेजना उचित ही नहीं समझा।
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जो विद्यार्थी स्कूल पहुंचे सबसे पहले उनके तापमान की जांच की गई। शिक्षकों ने इन विद्यार्थियों की काउंसलिंग कर मनोबल बढ़ाया। कक्षा कक्ष में सैनिटाइजर का छिड़काव किया गया। बेंच की उचित दूरी रखी गई। विद्यार्थियों के दोपहर भोजन के समय शिक्षकों की ओर से विशेष निगरानी रखी गई ताकि आपस में लंच बॉक्स शेयर न कर सके। विद्यार्थी पानी की बोतलें भी साथ लेकर स्कूल पहुंचे।
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प्राइमरी शिक्षिका देवराणा ने बताया कि पहले दिन इन विद्यार्थियों की काउंसलिंग की गई। कोरोना के प्रति इनके मन में व्याप्त भ्रम आदि को दूर किया। खानपान आदि के बारे में जानकारी दी गई। प्रेरककहानियां सुनाकर प्रोत्साहित किया गया। देवराणा ने बताया कि पहले दिन पहुंचे इन विद्यार्थियों में स्कूल के प्रति उल्लास भी देखने को मिला।
राजकीय स्कूलों में 6781 है दोनों कक्षाओं में विद्यार्थी
जिला में चौथी कक्षा में 3214 और पांचवीं में 3567 विद्यार्थी हैं। प्राइमरी स्कूलों की संख्या 210 है। करीब 170 प्राइवेट प्राइमरी स्कूल भी हैं जिनमें करीब आठ विद्यार्थी पढ़ते हैं। बीईओ जलधीर सिंह कलकल ने बताया कि पहले दिन संख्या कुछ कम रही है। धीरे-धीरे संख्या बढ़ जाएगी। इन कक्षाओं के सिलेबस को जल्दी पूरा करवाया जाएगा ताकि वे पिछड़ने न पाएं। छोटी कक्षाओं के विद्यार्थियों के समक्ष ऑनलाइन पढ़ाई में सबसे ज्यादा दिक्कत रही है। अब इन पढ़ाई की सभी प्रकार की दिक्कतों को दूर करने के प्रयास किए जाएंगे।
कुछ स्कूल संचालकों ने कर दी छुट्टी
बारिश को देखते हुए कुछ निजी स्कूल संचालकों ने तो छुट्टी ही कर दी। हालांकि इनमें से ज्यादातर स्कूलों की बसें विद्यार्थियों और स्टाफ को लेेने के लिए सामान्य दिनों की ही तरह समय पर पहुंची, लेकिन बाद में झमाझम बारिश को देखते हुए स्कूल जाने के बाद अवकाश घोषित कर विद्यार्थियों और स्टाफ को वापस भेज दिया गया।
वर्जन::
बारिश के चलते पहले दिन छात्र संख्या कम रही। चौथी और पांचवीं कक्षा में भी छात्र संख्या जल्द बढ़ जाएगी। इसके लिए काउंसिलिंग भी करवाई जा रही है।
जेपी संभ्रवाल, जिला शिक्षा अधिकारी