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Charkhi Dadri News: केवाईसी नहीं कराने वाले 4000 किसानों के नाम पीएम सम्मान निधि योजना से कटेंगे

Tue, 15 Jul 2025 11:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Tue, 15 Jul 2025 11:31 PM IST
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kyc urgent for pm kisan samman nidhi
एक्सकलूसिव
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फोटो 03
खेत में काम करते किसान। संवाद
पीएम किसान सम्मान योजना का लाभ उठाने वाले किसानों की जमीन का होगा सत्यापन, दादरी जिले में 67 हजार किसान सम्मान योजना का उठा रहे लाभ
जगवीर शर्मा
चरखी दादरी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ उठाने वाले किसानों के लिए जरूरी खबर है। अब तक अगर इन किसानों में से किसी ने केवाईसी व जमीन का सत्यापन नहीं कराया है तो तत्काल इस प्रक्रिया को पूरी कर लें। ऐसा न करने पर पीएम किसान सम्मान निधि योजना से नाम कट जाएगा। फिलहाल, जिले में करीब 4,000 किसानों ने केवाईसी नहीं कराई है।
कृषि विभाग बार-बार इन किसानों को सूचित कर रहा है। बावजूद इसके वे केवाईसी व जमीन सत्यापन कराने में रुचि नहीं ले रहे हैं। वहीं, जिले में इस योजना का लाभ उठाने वाले किसानों की संख्या करीब 32 हजार है। दरअसल, केंद्र सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल से इस योजना की शुरुआत कर रखी है। जिले में करीब 67 हजार में से 32 हजार किसानों को सम्मान भत्ता मिल रहा है। फरवरी 2019 में केंद्र सरकार की ओर से किसान सम्मान निधि योजना शुरू की गई थी।
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उस समय केवल पांच एकड़ से कम जमीन वाले किसानों को ही इस योजना में शामिल किया गया था। तत्पश्चात लोकसभा चुनाव के बाद उन किसानों को भी इस योजना के दायरे में शामिल कर लिया गया था जो पांच एकड़ से ज्यादा कृषि योग्य जमीन के मालिक हैं।
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इस योजना का फायदा उन किसानों को नहीं मिलता है जो किसी सरकारी विभाग से पेंशन या सरकारी नौकरी के रूप में 10 हजार रुपये प्रतिमाह ले रहे हैं और जो आयकरदाता हैं। एक ही परिवार से दंपती इस योजना का लाभ नहीं उठा सकते। संवाद

- केवाईसी व जमीन सत्यापन को ऐस लिया गया निर्णय
सरकार ने इस योजना का लाभ उठा रहे किसानों की जमीन का सत्यापन व केवाईसी करने का निर्णय लिया था। ताकि, यह पता चल सके कि वास्तव में कौन किसान है? इससे किसान की आय का भी आकलन हो सकेगा। कृषि विभाग को इस काम की जिम्मेदारी सौंप रखी है। इसके लिए गांव स्तर पर भी विभाग के कर्मचारियों ने ऐसे किसानों से संपर्क किया था, फिर भी इन किसानों ने केवाईसी नहीं करवाई है।


- मंडियों में डाटा मिलान के साथ सत्यापन की समस्या होगी दूर
सरकार का मानना है कि बहुत से किसान खुद काश्त नहीं करते। इन किसानों ने दूसरों को काश्त पर खेती करने के लिए जमीन दे रखी है। इसमें खुद काश्तकार व काश्तकार दो श्रेणी शामिल हैं। सरकार मेरी फसल, मेरा ब्योरा पोर्टल पर भी रबी व खरीफ फसलों का पंजीकरण करवाती है। ऐसे में मंडी में सरकारी खरीद के समय कई बार डाटा मिलान या वेरिफिकेशन में विभाग को दिक्कतें आती हैं। जमीन सत्यापन होने के बाद यह दिक्कत भी दूर जाएगी। मेरी फसल, मेरा ब्योरा पोर्टल पर काफी संख्या में किसान एक ही परिवार से कई पंजीकरण करवाते रहे हैं। बिना फसल बोए भी गत वर्षो के दौरान किसानों ने पंजीकरण करवाया है।



वर्सन
विभाग ने सरकार के निर्देश पर केवाईसी व लैंड वेरिफिकेशन का किया जा रहा है। वंचित रहे किसानों को बार-बार सूचित किया जा रहा है। किसान समय रहते केवाईसी करवा लें।

-कृष्ण कुमार, एसडीओ, चरखी दादरी कृषि विभाग
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