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Charkhi Dadri News: किसान सभा ने नगराधीश को सौंपा डीसी के नाम ज्ञापन
Sat, 08 Jun 2024 04:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 08 Jun 2024 04:38 AM IST
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चरखी दादरी में सीटीएम को ज्ञापन देते हुए किसान सभा सदस्य।
चरखी दादरी। अखिल भारतीय किसान सभा की जिला कमेटी ने शुक्रवार को शहर की सोनी धर्मशाला के पास बैठक की। इसकी अध्यक्षता किसान सभा के जिला प्रधान रणधीर सिंह कुंगड़ ने की। बैठक में सभी ने किसानों की मांगों को लेकर चर्चा की और बाद में डीसी के नाम नगराधीश को ज्ञापन सौंपा गया।
सभा में किसान आंदोलन की समीक्षा कर वर्तमान लोकसभा चुनाव में किसानों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। राज्य कमेटी सदस्य कामरेड ओम प्रकाश ने कहा कि लंबे समय से किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी, किसान मजदूर कर्जा मुक्ति, बिजली का निजीकरण वापस लेने, लखीमपुर खीरी के किसानों को न्याय दिलाने की मांग कर रहे थे। लेकिन केंद्र सरकार का रुख नकारात्मक रहा। सरकार ने मांगें मानने के बजाय किसानों को प्रताड़ित किया। इसलिए किसानों ने भाजपा सरकार को अकेले बहुमत नहीं दिया।
ज्ञापन में उन्होंने सरकारी मंडियों में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेची गई सरसों व गेहूं का शीघ्र भुगतान करने, पिछले 2022-23 की बर्बाद फसलों का बकाया पड़ा मुआवजा व बीमा क्लेम दिलवाने और मार्च में ओलावृष्टि से हुए नुकसान का मुआवजा देने, नहरों में पर्याप्त पानी देने, पीने के पानी की आपूर्ति करवाने व बकाया ट्यूबवेल कनेक्शन जारी करने की मांगें रखीं। इस दौरान सभा के जिला सचिव नरेंद्र झिंझर, जिला कमेटी सदस्य सुरेंद्र मोठसरा, दलबीर सांगवान, बिजेंद्र सांगवान, राजकुमार घिकाड़ा, कमलेश भैरवी, अनोखी मंदौली, फतेह सिंह, सुरेंद्र, ओम नंबरदार चरखी व ओमप्रकाश खोरड़ा आदि मौजूद रहे।
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सभा में किसान आंदोलन की समीक्षा कर वर्तमान लोकसभा चुनाव में किसानों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। राज्य कमेटी सदस्य कामरेड ओम प्रकाश ने कहा कि लंबे समय से किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी, किसान मजदूर कर्जा मुक्ति, बिजली का निजीकरण वापस लेने, लखीमपुर खीरी के किसानों को न्याय दिलाने की मांग कर रहे थे। लेकिन केंद्र सरकार का रुख नकारात्मक रहा। सरकार ने मांगें मानने के बजाय किसानों को प्रताड़ित किया। इसलिए किसानों ने भाजपा सरकार को अकेले बहुमत नहीं दिया।
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ज्ञापन में उन्होंने सरकारी मंडियों में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेची गई सरसों व गेहूं का शीघ्र भुगतान करने, पिछले 2022-23 की बर्बाद फसलों का बकाया पड़ा मुआवजा व बीमा क्लेम दिलवाने और मार्च में ओलावृष्टि से हुए नुकसान का मुआवजा देने, नहरों में पर्याप्त पानी देने, पीने के पानी की आपूर्ति करवाने व बकाया ट्यूबवेल कनेक्शन जारी करने की मांगें रखीं। इस दौरान सभा के जिला सचिव नरेंद्र झिंझर, जिला कमेटी सदस्य सुरेंद्र मोठसरा, दलबीर सांगवान, बिजेंद्र सांगवान, राजकुमार घिकाड़ा, कमलेश भैरवी, अनोखी मंदौली, फतेह सिंह, सुरेंद्र, ओम नंबरदार चरखी व ओमप्रकाश खोरड़ा आदि मौजूद रहे।
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